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इस डॉक्टर ने रणबीर को बनाया संजय दत्त, चलने से बात करने तक ऐसे दी ट्रेनिंग

पॉपुलर स्टैंडअप कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट संकेत भोंसले ने रणबीर कपूर को संजय दत्त बनने में काफी मदद की।

Danik Bhaskar | Apr 27, 2018, 12:02 AM IST
संजय दत्त के साथ संकेत भोसले। दूसरी और 'संजू' में रणबीर कपूर संजय दत्त के साथ संकेत भोसले। दूसरी और 'संजू' में रणबीर कपूर

मुंबई। संजय दत्त की बायोपिक 'संजू' का टीजर रिलीज हो गया है। फिल्म में रणबीर कपूर ने संजय दत्त की डेब्यू फिल्म 'रॉकी' से लेकर 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' तक के अलग-अलग किरदारों को बखूबी निभाया है। इतना ही नहीं उन्होंने संजय दत्त की स्टाइल से लेकर उनके बोलने का तरीका तक हूबहू कॉपी किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रणबीर को संजय दत्त जैसा बनने में किसने मदद की। चलने से बात करने तक, संकेत ने ऐसे दी रणबीर को ट्रेनिंग...


- पॉपुलर स्टैंडअप कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट संकेत भोंसले ने रणबीर कपूर को संजय दत्त बनने में काफी मदद की। संकेत पेशे से डर्मेटोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने रणबीर को न सिर्फ संजय दत्त की मिमिक्री सिखाई, बल्कि उनके चलने, खड़े होने और बात करने के स्टाइल को भी रणबीर को हूबहू सीखने में मदद की।
- 29 साल के संकेत ने कुछ महीनों पहले एक इंटरव्यू में बताया था- मैं जब पहली बार रणबीर कपूर से मिला तो वो ये जानकर हैरान थे कि मैं एक डॉक्टर भी हूं। हम दोनों 3 घंटे तक एक होटल में रहे और उस दौरान सिर्फ और सिर्फ संजय दत्त पर ही बात हुई। इसी बीच रणबीर ने मेरे कुछ वीडियोज भी देखे, जिनमें मैंने संजय दत्त की मिमिक्री की। फिर रणबीर ने पूछा आप कैसे इतनी आसानी से उनको कॉपी कर लेते हैं।
- संकेत के मुताबिक, संजू बाबा के बारे में रणबीर काफी कुछ मुझसे जानना चाहते थे। मसलन उनके चलने और बात करने के डिफरेंट स्टाइल को वो मुझसे सीखना चाहते थे। इसके बाद मैंने बात करने के दौरान संजू सर की आंखे रोल करने वाली स्टाइल उन्हें बताई, जिससे वो काफी इम्प्रेस हुए। बाद में फिल्म के लिए उन्होंने मेरे कुछ और वीडियोज देखे।


आगे की स्लाइड्स पर, दिवाली पर पटाखे नहीं कैदी के कपड़े खरीदते थे संकेत...

मां के साथ संकेत भोसले। मां के साथ संकेत भोसले।

दिवाली पर पटाखे नहीं कैदी के कपड़े खरीदते थे संकेत...

संकेत के मुताबिक, बचपन से ही मुझे मिमिक्री करने का शौक है। लोग दिवाली-होली में नए कपड़े खरीदते थे और मैं ‘हम आपके हैं कौन’ की ड्रेस, ‘खलनायक’ की कैदी वाली ड्रेस और वकील की ड्रेस खरीद कर पहना करता था। हालांकि मेरे मां-बाप को भी मेरी ये हरकत अच्छी लगती थी और वो मुझे ऐसे कपड़े पहना कर फैमिली फंक्शन में ले जाते थे। लेकिन क्योंकि लाइफ में पढाई भी जरूरी है, इसलिए मेरे डैडी ने कहा पहले पढ़ाई पूरी करो फिर जो मन हो वो करना। मैंने एमबीबीएस किया है। उसके बाद मैंने डर्मोलोजिस्ट की पढ़ाई की और स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी हूं।

 

संजय दत्त के साथ संकेत। संजय दत्त के साथ संकेत।

ऐसे पॉपुलर हुए संकेत भोंसले...

मेरे अंदर कॉमेडी करने का, मिमिक्री करने का शौक तो बचपन से ही था। लिहाजा मैं छोटे- छोटे शेाज मे मिमिक्री करने लगा। बतौर संजय दत्त मैंने अपना छोटा सा एक्ट यू-टयूब में भी डाला, जो लोगो द्वारा बहुत पंसद किया गया। उसके बाद मुझे पहला 2012 में लाइफ ओके के शो ‘लॉफ इंडिया लॉफ’ में मिमिक्री करने का मौका मिला। उसमे मुझे फाइनल तक आने का मौका मिला लेकिन जीता नहीं। उसके बाद मैंने कई सारे अवॉर्ड शोज में मिमिेक्री की और फाइनली कपिल शर्मा के शो में आने के बाद मुझे पॉपुलैरिटी मिली।

 

सुगंधा मिश्रा के साथ संकेत। सुगंधा मिश्रा के साथ संकेत।

सुगंधा से अफेयर को लेकर क्या कहते हैं संकेत...

मीडिया में संकेत और सुगंधा मिश्रा के अफेयर की खबरें भी काफी चर्चा में रहीं। इस पर संकेत कहते हैं- मैं जरा सा हैंडसम क्या बन गया। थोड़ी बॉडी क्या बना ली। लोगों ने मेरे बारे में अफवाह फैलाना शुरू कर दिया। आज कल अच्छा दिखना भी प्रॉब्लम है (हंसते हुए)। सुंगधा और मैं अच्छे दोस्त हैं और कॉमेडी ड्रामा में पार्टनर भी रहे लेकिन अफेयर जैसी कोई बात नहीं है।

एक शो के दौरान सुदेश लहरी, संकेत भोसले, कृष्णा अभिषेक और सुगंधा। एक शो के दौरान सुदेश लहरी, संकेत भोसले, कृष्णा अभिषेक और सुगंधा।

टाइप्ड होने के सवाल पर ये कहते हैं संकेत...

हर जगह संजय दत्त की एक्टिंग कर आपको टाइप्ड होने का डर नहीं लगता? इस सवाल पर संकेत कहते हैं- आपको टाइप्ड होने का डर नही लगता? जब दर्शक मुझसे संजय दत्त की मिमिक्री देखना चाहते हैं तो मैं उनको किसी और की एक्टिंग कैसे दिखाऊं। वैसे पर्सनली अगर मैं अपने टैलेंट की बात करूं तो मैं बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक कई एक्टरों की नकल कर लेता हूं। कहने का मतलब ये है कि मैं एक्टरों की मिमिक्री के मामले में फ्रूट सलाद हूं लेकिन ये मैं तभी पेश कर सकता हूं, जब ऑडियंस इसकी डिमांड करे।

संकेत और सुगंधा। संकेत और सुगंधा।

संजू बाबा नहीं होते, तो मैं भी नहीं होता...

संकेत कहते हैं- एक बार अवॉर्ड फंक्शन के दौरान मैं संजू बाबा से भी मिला हूं। उनको देखकर तो मैं सब भूल ही गया था। वो बहुत अच्छे इंसान हैं, मुझे देखते ही उन्होंने मुझे गले से लगा लिया था और मेरी मिमिक्री की तारीफ की थी। उसके बाद ‘भूमि’ की एक पार्टी में भी मैं उनसे मिला था। वैसे एक सच कहना चाहूंगा कि आज अगर संजू बाबा नहीं होते तो मैं भी नहीं होता। सभी को लगता है कि मैं उनका मजाक उड़ाता हूं। लेकिन सच ये है कि मैं शुरु से ही उनकी तरह बनना चाहता था। इसी वजह से मैंने उन्हें कॉपी करना शुरु कर दिया था।