वैलेंटाइन डे स्पेशल / ...और शादी भी जावेद के साथ मेरी दोस्ती का कुछ बिगाड़ न सकी: शबाना आज़मी



shabana azmi writes her mother father love story for bhaskar on valentine day
shabana azmi writes her mother father love story for bhaskar on valentine day
X
shabana azmi writes her mother father love story for bhaskar on valentine day
shabana azmi writes her mother father love story for bhaskar on valentine day

  • शबाना आज़मी ने भास्कर के लिए लिखी अम्मी-अब्बा और अपनी मोहब्बत की कहानी
  • जावेद अख्तर के साथ अपने प्यार भरे रिश्ते पर भी डाला प्रकाश

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 11:18 AM IST

बॉलीवुड डेस्क. ये उस दौर की बात है जब हिंदुस्तान में शायर का रुतबा फिल्मी सितारों जैसा था। ये वाकया है 1947 का। हिंदुस्तान तब आज़ाद नहीं हुआ था। हैदराबाद में एक मुशायरा हो रहा था जिसमें कैफी साहब भी शिरक़त कर रहे थे और शौकत मुशायरा सुनने पहुंचीं। कैफी साहब ने अपनी नज़्म 'औरत' पढ़ी जिसके मशहूर अश्आर हैं... उस की आज़ाद रविश पर भी मचलना है तुझे, उठ मेरी जान मेरे साथ ही चलना है तुझे...' इस शायर पर 22 साल की शौकत फिदा हो गईं। उन्होंने यहीं तय कर लिया कि शादी करेंगी तो कैफी से।

COMMENT