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मोटापा पसंद नहीं, मोटापे से डरती हूं- शुभांगी अत्रे

Dainik Bhaskar

Apr 30, 2018, 12:51 PM IST

जब कैरेक्टर के मेकअप, गेटअप में आती हूं, तब उसी तरह बिहेव करने लगती हूं।

शुभांगी अत्रे का इंटरव्यू,Shubhangi Atre of Bhabhiji Ghar Par hain interview

अंगूरी भाभी के नाम से घर-घर लोकप्रिय शुभांगी अत्रे रियल लाइफ में भी लोगों को खिलाने-पिलाने की शौकीन हैं। उन्होंने कोई एक्टिंग कोर्स नहीं किया, पर कैरेक्टर को निभाने का उनका अपना अनूठा तरीका है। डाइट में परफेक्ट हैं, शायद यही वजह है कि वे अपनी उम्र से काफी कम की दिखती हैं। खैर, उन्होंने इन दिनों अपना वजन बढ़ाया है। उनसे बातचीत:

आपका किरदार मेहमानों को बिना खिलाए-पिलाए नहीं भेजता। आपकी कोई ऐसी एक खास आदत?
सेम आदत मुझे भी है। पर्सनल लाइफ में मैं भी खिलाने-पिलाने की बहुत शौकीन हूं। खाना बनाना मेरा शौक है। कई बार सेट पर भी सबके लिए खाना बनाकर ले जाती हूं। रोहिताश्व गौड़ (लड्‌डू के भैया) ने तो मेरा नाम ही अन्नापूर्णा रखा है। वैसे तो पिज्जा, पास्ता, पंजाबी, साउथ इंडियन आदि सारी डिशेस बना लेती हूं, लेकिन दाल-बाटी बहुत स्वादिष्ट बनाती हूं। यह आसिफ शेख (विभूती मिश्रा) को बहुत अच्छा लगता है। खाने में मुझे पंजाबी खाना बहुत पसंद है। तंदूरी रोटी, पनीर मसाला, दाल मखनी अच्छा लगता है।


क्या दो वर्षों बाद भी भाभीजी का कोई ऐसा लहजा, जिसे पकड़ने में अभी भी कठिनाई होती हो?
जब कैरेक्टर के मेकअप, गेटअप में आती हूं, तब उसी तरह बिहेव करने लगती हूं। पहले मुझे ये बातें किताबी लगती थीं, पर जुनूनी ऐसा ही होता है। दरअसल, मैंने एक्टिंग सीखी नहीं है, इसलिए कैरेक्टर को फील करती हूं। दिल से जो फीलिंग निकलती है, वैसे उसे जीवंत करने की कोशिश करती हूं। कैरेक्टर निभाते वक्त मुझे अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में कुछ याद भी नहीं रहता है। हां, किरदार से निकलने के लिए समय नहीं लगता। गेटअप चेंज करते ही शुभांगी हो जाती हूं।


आपकी बच्ची किस क्लास में पढ़ती है।


मेरी बेटी 12 साल की हो गई है। वह 8वीं में पढ़ती है। पढ़ाई में बहुत तेज है। अभी तो साइंटिस्ट बनना चाहती है।


आपकी एक्टिंग पर बेटी की क्या प्रतिक्रिया होती है?
घर में मेरी तो सबसे बड़ी समीक्षक वही हैं। मैं कोई सीन अच्छा करती हूं, तब वह बहुत खुश होती हैं। कभी कोई सीन गलत करती हूं तो उसे प्वाइंट आउट करके बताती है। जब अंगूरी को विभूती किडनैप कर लेते हैं, उस सीन को लेकर वह बहुत खुश हुई थी।


आप इंदौर से हैं। इतनी व्यस्तता के बावजूद वहां आना-जाना कितना हो पाता है?
मेरे सास-ससुर इंदौर में रहते हैं। मम्मी-पापा भी इंदौर में रहते थे, लेकिन 5-6 महीनों से भोपाल रहने चले गए हैं। मैं तो डेढ़-दो साल से इंदौर नहीं जा पाई हूं। बहुत मिस करती हूं।


आखिर किन बातों को मिस करती हैं?
मम्मी-पापा को मिस करती हूं, तब उन्हें मुंबई बुला लेती हूं। अभी-अभी मेरे पास रहकर वापस गए हैं। इंदौर की ढेर सारी यादें हैं। वहां का खाना, स्कूल, बचपन के दोस्त आदि सबको मिस करती हूं। वहां से मैंने कथक सीखा है, सो जब इंदाैर जाती हूं, तब टीचर से मिलने जरूर जाती हूं।
इन दिनों आप थोड़ी मोटी-सी दिखने लगी हैं।

क्या आपने वजन बढ़ाया है?

मुझे मोटापा बिल्कुल पसंद नहीं है, मोटापे से बहुत डरती हूं। लेकिन भाभीजी के किरदार के लिए 3-4 किलो वजन बढ़ाया है। चूंकि भाभीजी दिखना चाहिए, उसके गाल भरे होने चाहिए, जो इंडियन ब्यूटी है। पहले मैं बहुत पतली थी। मेरी सबसे बड़ी दीदी डायटीशियन हैं। सेहत को लेकर उनसे ही सलाह-मशविरा लेती हूं। मैं दिन भर में कैलरी काउंट करके खाती हूं। वजन बढ़ाने-घटाने के लिए कैलरी कम-ज्यादा करती हूं।


क्या इन दिनों कुछ सीख भी रही हैं?
पहले फिटनेस के लिए जिम जाती थी। आजकल अपनी एक्सर साइज के लिए जुंबा करती हूं। इसमें सुबह एक घंटा जाता है।


क्या फिटनेस टिप्स देना चाहेंगी?
देखिए, कुछ न कुछ व्यायाम करना बहुत जरूरी है। आपको पैदल चलना, स्वििमंग करना, डांस... जो कुछ भी पसंद हो, वह एक व्यायाम जरूर करना चाहिए। समय-समय पर खाना चाहिए, बहुत ज्यादा भूखा नहीं रहना चाहिए। इससे मोटापे और एसिडटी का इश्यू हो सकता है। शरीर को जितना जरूरी हो, उसे उतना पोषक आहार देना ही चाहिए। शास्त्रों में भी कहा गया है कि भूख से थोड़ा कम ही खाओ। कुछ लोग दिन भर उपवास रखते हैं और रात को एक साथ ढेर सारा खाना खा लेते हैं। यह गलत आदत है, ऐसा मैं मानती हूं। इससे बाद में बहुत सारे इश्यूज हो जाते हैं। रात का खाना बहुत हैवी नहीं होना चाहिए। पॉसिबल हो तो सूर्यास्त से पहले खाना चाहिए। मुझे रात को घर पहुंचने में देर होती है, तब लाइट फूड ही खाती हूं। मैं शुद्ध शाकाहारी हूं।

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शुभांगी अत्रे का इंटरव्यू,Shubhangi Atre of Bhabhiji Ghar Par hain interview
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