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71 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल पर बनेगी फिल्म, परमवीर चक्र पाने वाले सबसे कम उम्र के जवान

शहीद होने के बाद उन्हें मरणोपरांत सबसे बड़े सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया।

Danik Bhaskar | Jun 18, 2018, 06:31 PM IST

बॉलीवुड डेस्क। डायरेक्टर श्रीराम राघवन और प्रोड्यूसर दिनेश विजन भारतीय सेना के सेकेंड लेफ्टिनेंट रहे अरुण खेत्रपाल के जीवन पर बायोपिक बनाने जा रहे हैं। प्रोडक्शन कंपनी मैडॉक ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी। सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल सिर्फ 21 साल की उम्र में 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत सबसे बड़े सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया था।

विजन बोले- प्रेरणादायक संदेश के साथ फिल्म बनाना, बड़ी जिम्मेदारी

- प्रोडक्शन कंपनी मैडॉक फिल्म्स ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से सोमवार सुबह ट्वीट कर कहा कि 'दिनेश विजन और श्रीराम राघवन एक बार फिर बदलापुर के बाद परमवीर सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की शानदार कहानी पेश करेंगे।'
- इसके बाद प्रोड्यूसर दिनेश विजने ने कहा 'जब मैंने अरुण खेत्रपाल की कहानी सुनी, तो मैं इससे खासा प्रेरित हुआ। वह परम वीर चक्र प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के जवान थे। उन्होंने जो किया और जिस तरह का जीवन जिया, वह बिल्कुल अनुकरणीय और अविश्वसनीय है। इस तरह के प्रेरणादायक संदेश के साथ फिल्म बनाना बड़ी जिम्मेदारी है।'

सिर्फ 21 साल की उम्र में हो गए थे शहीद

- अरुण खेत्रपाल का जन्म 14 अक्टूबर 1950 को पुणे में हुआ था। उनका पूरा खानदान सेना में ही था। शहीद अरुण के दादा विश्व युद्ध में ब्रिटिश आर्मी की तरफ से लड़ चुके हैं, वहीं उनके पिता मदन लाल खेत्रपाल सेना में ब्रिगेडियर रहे हैं।
- सिर्फ 17 साल की उम्र में अरुण खेत्रपाल का एनडीए (नेशनल डिफेंस एकेडमी) में चयन हो गया और तीन साल की ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली ज्वॉइनिंग 13 जून 1971 को 17-पूना हॉर्स में हुई।
- ज्वॉइनिंग के 6 महीने के अंदर ही पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू हो गया और उन्हें इसमें हिस्सा लेने का मौका मिला। पाकिस्तान के साथ-साथ लड़ते-लड़ते ही वे शहीद हो गए और उस वक्त उनकी उम्र महज 21 साल थी।
- शहीद होने के बाद उन्हें मरणोपरांत सबसे बड़े सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया।