प्रिपरेशन / 83 की तैयारी के लिए सुनील गावस्कर से मिले ताहिर,कहा-मैं उनके माइंडसेट को समझना चाहता था

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2019, 06:54 PM IST



83: Tahir Raj Bhasin especially met sunil gavaskar for his role in London
83: Tahir Raj Bhasin especially met sunil gavaskar for his role in London
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83: Tahir Raj Bhasin especially met sunil gavaskar for his role in London
83: Tahir Raj Bhasin especially met sunil gavaskar for his role in London

बॉलीवुड डेस्क. 1983 में इंग्लैंड में भारतीय क्रिकेट टीम की विश्व कप में जीत पर आधारित कबीर खान द्वारा निर्देशित फिल्म 83 में सुनील गावस्कर की भूमिका निभाने के लिए ताहिर राज भसीन तैयार हैं। इस फिल्म की तैयारी के लिए रणवीर सिंह ने 83 क्रिकेट कप्तान कपिल देव के साथ 10 दिन बिताए। अब ताहिर ने भी अपनी तैयारी के क्रम में लिटिल मास्टर के साथ एक वर्कशॉप में समय व्यतीत किया।

 

लॉर्ड्स में मिले दोनों: ताहिर कहते हैं, "मैं अपनी भूमिका की बेहतर तैयारी के लिए सुनील गावस्कर से मिलने के लिए पूरी तरह से तैयार था। मुझे खुशी है कि यह मीटिंग लॉर्ड्स में हुई, जहां भारतीय क्रिकेट टीम ने 83 में विश्व कप जीता था। उन्होंने कहा कि मुझे कैसे इस भूमिका को स्क्रीन पर निभाना है, इसे लेकर पूरे दिन टिप्स दिए। ताहिर कहते हैं कि उनकी भूमिका को निभाना मेरे लिए एक बड़ा रोमांच और जिम्मेदारी भरा काम है और मैं चाहता था कि मेरी तैयारी बिल्कुल सही हो। लिटिल मास्टर से मिलने के बाद, अपने किरदार के साथ न्याय करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हूं।"

 

ताहिर ने की गावस्कर की तारीफ: इस मुलाकात के बारे में ताहिर आगे कहते हैं कि मैंने गावस्कर द्वारा 83 में टीम में लाए गए स्वैग के बारे में सीखा। यह उनकी शख्सियत की विरासत का नतीजा था, जो उन्होंने एक दशक से अधिक का समय व्यतीत किया।

 

यही नहीं ड्रेसिंग रूम में भी उनकी उपस्थिति अमूल्य थी। मैं  83 विश्व कप के दौरान की उनकी सोच और उनके माइंड सेट को समझना चाहता था, और मुझे उनसे वह जानकारी मिली है जो मेरे लिए नोट्स का काम करेगी। उनके और टीम के बारे में मिली इस  जानकारी के बाद मुझे पूरा विश्वास है कि मैं उनके साथ-साथ फिल्म के साथ भी न्याय करूंगा।

 

पर्दे पर सनी के किरदार को निभाने के दौरान मुझमें उस गौरव और आत्मविश्वास का समावेश होगा, जो उनकी उपस्थिति के वक्त उनकी टीम के दूसरे सदस्यों में होता था। सनी गावस्कर के लिए, भारत के लिए जीतने से बड़ा कोई रोमांच नहीं था और मुझे उम्मीद है कि मेरा प्रदर्शन दर्शकों की उस भावना को जागृत कर सकता है।

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