--Advertisement--

संजय दत्त की वजह से गुस्से में लता मंगेशकर ने बीच में ही रोक दिया था अपना गाना

सुनील दत्त ने फारुख शेख के शो 'जीना इसी का नाम है' में सुनाया था संजय दत्त की लाइफ का यह किस्सा।

Danik Bhaskar | Jun 25, 2018, 01:50 PM IST

मुंबई. संजय दत्त की लाइफ पर बनी फिल्म 'संजू' 29 जून को रिलीज हो रही है। फिल्म में संजय के ड्रग एडिक्शन और मुंबई बम ब्लास्ट केस को खासतौर पर कवर किया गया है। लेकिन उनकी लाइफ की कई ऐसी बाते हैं, जो लोग नहीं जानते। मसलन, एक बार उनकी वजह से लता मंगेशकर को गाते-गाते बीच में रुकना पड़ा था। संजय की लाइफ का यह किस्सा उनके पिता सुनील दत्त ने फारुख शेख के टॉक शो 'जीना इसी का नाम है' में सुनाया था। तब 12 साल के थे संजय दत्त...

- किस्सा 1971 का है। सुनील दत्त लता मंगेशकर सहित इंडस्ट्री के कुछ कलीग्स के साथ एक कॉन्सर्ट के लिए बांग्लादेश गए थे। तब 12 साल के संजू ने भी साथ जाने की जिद की। 'जीना इसी का नाम है' में सुनील दत्त ने कहा था, "संजू अपने स्कूल से छुट्टियों पर घर आए थे। उन्होंने बांग्लादेश जाने की जिद की। मैंने समझाया कि वहां सभी कलाकार जा रहे हैं। इसलिए उन्हें अगर साथ जाना है तो कुछ न कुछ बजाना होगा। संजू ने कहा कि वे बांगो बजाएंगे। सभी लोग बांग्लादेश पहुंचे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, लताजी ने गाना शुरू किया। लेकिन अचानक वे बीच में रुक गईं, क्योंकि बांगो गलत बज रहा था। लताजी को बहुत तेज गुस्सा आया। जब उन्होंने पलटकर देखा तो बांगो को संजू बजा रहे थे। 12 साल के संजू को बांगो बजाते हुए देखकर लता अपना गुस्सा भूल गईं। उन्होंने संजू को कहा-बजाते रहो।"

घर में ड्रम सेट था, लेकिन एक ही धुना बजाया करते थे संजू

- संजय दत्त स्कूल में बैंड बजाते थे। जब 'जीना इसी का नाम है' में संजय दत्त की छोटी बहन प्रिया से फारुख शेख ने पूछा था कि क्या कभी वे घर पर भी बैंड बजाते थे, जवाब में उन्होंने कहा था, "घर में एक ड्रम सेट था। लेकिन वह अलार्म की तरह बजता था। क्योंकि संजू उसपर एक ही धुन बजाते रहते थे।

Related Stories