केबीसी 11 / 1500 रु. महीने में खिचड़ी बनाने वाली बबीता बनीं करोड़पति, बोलीं- मिड डे मील का काम नहीं छोड़ूंगी



KBC 11: Winner Babita Subhash Tade Says She Will Not Left Mid Day Meal Job
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Dainik Bhaskar

Sep 19, 2019, 11:22 AM IST

टीवी डेस्क (उमेश कुमार उपाध्याय).  अमरावती महाराष्ट्र की बबीता सुभाष ताड़े ने अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी 11) में एक करोड़ रुपए जीते। वे स्कूल में मिड डे मील बनाने का काम करती हैं।  दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार, केबीसी की तैयारी और वहां तक पहुंचने तक की कहानी बताई। 

खाना पकाने के काम से ही मेरा घर चल चलता है

  1. बबीता ने बताया कि "मैं अमरावती में स्कूली बच्चों के लिए मिड डे मील में खिचड़ी पकाती हूं। मैंने 2002 में इसकी शुरुआत की थी। तब स्कूल में मात्र 30 बच्चे थे। अब 450 हैं। शुरुआत में मुझे महज 100 रुपए ही मिल रहे थे। 2011-12 से 1000 रुपए मिलने लगे। इस साल अप्रैल से से हर महीने 1500 रुपए मिलने शुरू हुए। चूंकि मेरे पति 25 साल से इसी स्कूल में प्यून हैं। उन्हें 25-26 हजार रुपए मिलते हैं, जिससे हमारा घर चल जाता है।"

  2. "बचपन से पढ़ाई के लिए काफी संघर्ष किया है, इसलिए इसका महत्व समझती हूं। जब एमए सेकंड ईयर में थी, तब मेरी शादी हो गई। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन किया। मेरे पति 12वीं तक पढ़े हैं, क्योंकि उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए सपोर्ट नहीं मिला। मेरा एक बेटा और एक बेटी है। बेटी ग्रेजुएशन कर रही है और बेटा 10वीं कक्षा में है।"

  3. "मैंने 'केबीसी' के कई सीजन देखे हैं। इसकी तैयारी के लिए मराठी न्यूज पेपर और समाचार चैनल देखती आई हूं। जहां से जानकारी मिलती थी, वह पढ़ती थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रही थी, क्योंकि मेरे पास फोन नहीं था। 2008 के बाद मेरे घर टीवी आई। पिछले साल मैंने फोन लिया, तब रजिस्ट्रेशन करा पाई।"

  4. बबीता ने बताया कि मेरे पिताजी राजकीय निवास में खानशामा थे। बड़े-बड़े अधिकारियों के लिए भोजन बनाते और कमरों की देखभाल करते थे। मैं वहां उनको हेल्प करती थी और रात में पढ़ाई करती थी। वहां शूट-बूट पहनकर बड़े-बड़े अधिकारी आते थे। उनका एटीट्यूड देखकर अच्छा लगता था। उन्हें देखकर सोचती थी कि मैं भी पढ़-लिखकर इनके जैसी अधिकारी बनूंगी।

  5. "केबीसी' में जीत का श्रेय पति को दूंगी। उन्होंने मुझे कभी पढ़ाई करने से नहीं रोका। वे जानते हैं कि मैं चीजों को हैंडिल कर लूंगी। इसलिए सपोर्ट करते रहे। उनके सपोर्ट के बगैर यह सब होता भी नहीं। वे मेरे काम का सम्मान करते हैं और मैं भी करती हूं।"

  6. बबीता ने बताया कि अमिताभ बच्चन बहुत महान हैं। मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि उनसे मिल पाऊंगी। बहुत अच्छे हैं वे। वे लोगों के लेवल पर जाकर बात करते हुए उन्हें कम्फर्टेबल महसूस कराते हैं। यह उनकी बहुत बड़ी खूबी है। 

  7. मिड डे मील का काम नहीं छोड़ूंगी

    "मेरे ससुराल में एक शिवालय है, वह खराब हो चुका है। जीत की रकम में से कुछ पैसा खर्च कर उसे बनवाऊंगी। छोटा है, पर कितना पैसा लगेगा, यह पता नहीं। बच्चों को अच्छी पढ़ाई करवाऊंगी। उनकी लाइफ सिक्योर करना चाहूंगी। इसके बाद मेरे पति जो कहेंगे, वह करूंगी। क्योंकि वे मुझसे अच्छा मैनेजमेंट करते हैं। उन्होंने पुरानी बाइक ली है। उनके लिए नई बाइक लूंगी। हां, मिड-डे मिल का काम कभी नहीं छोड़ूंगी।

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