फ्रॉम द सेट / 'एक दूजे के वास्ते-2' के मोहित कुमार ने साझा किए शूटिंग के किस्से, बोले- श्रवण का रोल बड़ी जिम्मेदारी है

एक दूजे के वास्ते-2 के कलाकार मोहित कुमार और कनिका कपूर एक दूजे के वास्ते-2 के कलाकार मोहित कुमार और कनिका कपूर
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एक दूजे के वास्ते-2 के कलाकार मोहित कुमार और कनिका कपूरएक दूजे के वास्ते-2 के कलाकार मोहित कुमार और कनिका कपूर

दैनिक भास्कर

Feb 07, 2020, 09:11 PM IST

किरण जैन, मुंबई.  शो 'एक दूजे के वास्ते 2' जल्द ही टेलीविजन स्क्रीन पर प्रसारित होने जा रहा है। इस मौके पर हमने मोहित कुमार से एक खास चर्चा की, जो इस शो में श्रवण का प्रमुख किरदार निभा रहे हैं। मोहित का कहना है कि पूरा क्रू और कास्ट इस शो को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। शो 10 फरवरी से ऑन एयर हो रहा है। 

मोहित ने बताई शो की खास बातें 

शो का पहला सीजन जबर्दस्त हिट रहा था। सुमन और श्रवण के किरदार हर घर में जाने-पहचाने नाम बन गए। अब जबकि मैं श्रवण का रोल निभा रहा हूं तो जाहिर है, इसमें एक बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन, यह किसी तरह का दबाव या बोझ नहीं है। बल्कि यह तो मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता है। ना सिर्फ मैं, बल्कि इसका पूरा क्रू और कास्ट इस शो को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

जी नहीं, आर्मी के साथ यह मेरा अब तक का पहला अनुभव है और मुझे सैन्य जीवन के बारे में कुछ नहीं पता था। अभी तो मैं इस शो में एक सिविलियन का रोल निभा रहा हूं, जिसका परिवार कैंटोनमेंट एरिया में रहता है। इसलिए फिलहाल, मैं एक बेफिक्रे टीनएजर के अपने रोल पर ध्यान दे रहा हूं जो जिंदगी को भरपूर तरीके से जीने में यकीन रखता है, जो एक आर्मी ऑफिसर से बिल्कुल अलग है।

ये शो आर्मी बैकग्राउंड पर आधारित एक प्रेम कहानी है। इसे भोपाल के कैंटोनमेंट इलाकों में फिल्माया गया है और इसकी शूटिंग रियल लोकेशंस पर की जा रही है। मैं इसमें श्रवण मल्होत्रा का रोल निभा रहा हूं जो एक व्यवसायी देवराज मल्होत्रा का बेटा है। श्रवण अनुशासनहीन, अमीर लड़का है, जो सिर्फ जिंदगी के मजे लेने में यकीन रखता है। यही वजह है कि सुमन उसे पसंद नहीं करती जो कि एक आर्मी बैकग्राउंड की लड़की है और बेहद अनुशासित भी है। आगे चलकर चीजें एक अलग मोड़ लेती हैं और श्रवण एक आर्मी ऑफिसर बन जाता है।

जी हां, मैं रियल लाइफ में भी काफी कुछ श्रवण की तरह हूं। मैं एक एक्सट्रोवर्ट इंसान हूं और मुझे लोगों से बात करना बहुत अच्छा लगता है।

हम लोग काफी वक्त से शूटिंग कर रहे हैं और इसलिए हमारा रिश्ता मजबूत बन गया है। चूंकि हम अपने परिवारों से दूर भोपाल में रह रहे हैं तो सारी कास्ट और क्रू परिवार की तरह हो गए हैं। मैं खासतौर पर जय ठक्कर के करीब हूं जो मेरे बेस्ट फ्रेंड का रोल निभा रहे हैं। मैं उन्हें भाई की तरह ट्रीट करता हूं और हम लोग साथ मिलकर बहुत मस्ती करते हैं। अक्षय सर (अक्षय आनंद) मेरे मेंटर की तरह हैं और एक्टिंग के मामले में मेरी बहुत मदद करते हैं।

लद्दाख की शूटिंग वाकई अनोखा अनुभव था। हम लोगों ने बहुत खराब मौसम में शूटिंग की और मुझे लद्दाख की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बाइक चलाने का मौका भी मिला, जिससे मेरी जिंदगी की एक ख्वाहिश पूरी हो गई। मुझे बर्फीले तापमान में अपने कास्ट और क्रू के साथ अलाव के आसपास बैठना और बॉन्डिंग करना बहुत अच्छा लगा। भोपाल में हम लोग ज्यादातर कैंटोनमेंट इलाकों में शूटिंग कर रहे हैं और इसलिए हमें वहां बहुत-से सैन्यकर्मियों के साथ चर्चा करने का मौका मिल रहा है। मैं उनसे काफी कुछ सीख भी रहा हूं। 

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