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9/11 हमले की 17वीं बरसी आज: हमले के वक्त एक स्कूल में थे अमेरिकी राष्ट्रपति, देखें कुछ खास PHOTOS

World Trade Center Attack:दुनिया को झकझोर देने वाले इस हमले के बाद अमेरिका ने अपनी सुरक्षा नीतियों में कड़े बदलाव किए।

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 10:34 AM IST
अमेरिका में 9 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की कल 17वीं बरसी है। इस हमले को दुनियाभर में 9/11 terror attack के नाम से ज्यादा जाना है। अमेरिका में 9 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की कल 17वीं बरसी है। इस हमले को दुनियाभर में 9/11 terror attack के नाम से ज्यादा जाना है।

नई दिल्ली. World Trade Center Attack: अमेरिका में 9 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की कल 17वीं बरसी है। इस हमले को दुनियाभर में 9/11 terror attack के नाम से ज्यादा जाना है। अमेरिका ही क्यों दुनिया आज भी इस हमले को याद करके सिहर और सहम उठती है। अलकायदा के आतंकियों ने आज ही के दिन अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेंसिलवेनिया में एक साथ हमले को अंजाम दिया गया था। इस हमले या इससे जुड़े कुछ फोटोज (9/11 terror attack PHOTOS) यहां हम आपको दे रहे हैं।

कुछ सवाल भी
- हमले के लिए चार प्लेन हाइजैक किए गए थे, जिसमें से दो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर और एक पेंटागन पर गिरा था। जबकि चौथा शेंकविले में खाली मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। रक्षा विभाग का कहना था कि इसका निशाना व्हाइट हाउस था। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसका निशाना सच में राष्ट्रपति भवन था तो फिर सिर्फ यही निशाने पर क्यों नहीं लगा। कहा जाता है कि इस विमान को अमेरिकी सरकार ने सुरक्षित उतरवा लिया था और इसकी जगह टूटा हुआ विमान रख दिया था।

अब पर्यटकों पर भी पैनी नजर
- अमेरिका सहित पूरी दुनिया को झकझोर देने वाले इस हमले के बाद अमेरिका ने अपनी सुरक्षा नीतियों में कड़े बदलाव किए। अमेरिका आने वाले पर्यटकों पर कड़ी नज़र रखी जाने लगी और कई देशों को दिए जाने वाले वीजा में भारी कटौती की गई। इनके अलावा भी कई तरीके थे, जिस कारण अमेरिका ने दोबारा किसी आतंकी घटना को नहीं होने दिया।

बुश ने वहीं से टेलिफोन पर व्हाइट हाउस और पेंटागन में संपर्क साधना शुरू किया। शुरू में यह अहसास किसी को नहीं था कि यह आतंकी हमला है। बुश ने वहीं से टेलिफोन पर व्हाइट हाउस और पेंटागन में संपर्क साधना शुरू किया। शुरू में यह अहसास किसी को नहीं था कि यह आतंकी हमला है।
इस हमले के दिन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सारासोटा (फ्लोरिडा) के एक एलिमेंट्री स्कूल में मौजूद थे और वहां बच्चों से बातचीत कर रहे थे। इस हमले के दिन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सारासोटा (फ्लोरिडा) के एक एलिमेंट्री स्कूल में मौजूद थे और वहां बच्चों से बातचीत कर रहे थे।
बुश के सहायकों ने उन्हें शुरुआती जानकारी दी। वो बच्चों के बीच से उठकर स्कूल के एक दूसरे हिस्से में पहुंचे। यहां टीवी पर लाइव घटनाक्रम था। बुश के सहायकों ने उन्हें शुरुआती जानकारी दी। वो बच्चों के बीच से उठकर स्कूल के एक दूसरे हिस्से में पहुंचे। यहां टीवी पर लाइव घटनाक्रम था।
व्हाइट हाउस के सीनियर अफसर घटना के बाद एक्शन में आए और उन्होंने राष्ट्रपति बुश को भी इसकी जानकारी दी। व्हाइट हाउस के सीनियर अफसर घटना के बाद एक्शन में आए और उन्होंने राष्ट्रपति बुश को भी इसकी जानकारी दी।
उप राष्ट्रपति डिक चेनी, उनकी पत्नी लिन चेनी और फर्स्ट लेडी लाउरा बुश ने भी आपस में चर्चा की। यह फोटो यूएस नेशनल आर्काइव्स से लिया गया है। उप राष्ट्रपति डिक चेनी, उनकी पत्नी लिन चेनी और फर्स्ट लेडी लाउरा बुश ने भी आपस में चर्चा की। यह फोटो यूएस नेशनल आर्काइव्स से लिया गया है।
तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल को जब इसकी जानकारकी मिली तो उनका पहला रिएक्शन कुछ इस तरह था। बता दें कि आतंकियों ने चार पैसेंजर एयरक्राफ्ट हाइजैक किए थे, जिसमें तीन प्लेन सही निशाने तक पहुंचे, जबकि चौथा क्रैश हो गया था। तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल को जब इसकी जानकारकी मिली तो उनका पहला रिएक्शन कुछ इस तरह था। बता दें कि आतंकियों ने चार पैसेंजर एयरक्राफ्ट हाइजैक किए थे, जिसमें तीन प्लेन सही निशाने तक पहुंचे, जबकि चौथा क्रैश हो गया था।
सीआईए के तत्कालीन चीफ राष्ट्रपति बुश का राष्ट्र के नाम संदेश सुनते हुए। 19 आतंकियों ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया था। आतंकियों ने दो पैसेंजर प्लेन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावर में घुसा दिए थे। सीआईए के तत्कालीन चीफ राष्ट्रपति बुश का राष्ट्र के नाम संदेश सुनते हुए। 19 आतंकियों ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया था। आतंकियों ने दो पैसेंजर प्लेन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावर में घुसा दिए थे।
तीसरे प्लेन से पेंटागन पर हमला किया गया, जिसमें पेंटागन की बिल्डिंग के वेस्टर्न हिस्से को थोड़ा नुकसान पहुंचा था।  - वहीं, वॉशिंगटन डीसी की ओर जा रहा चौथा प्लेन पेंसिलवेनिया में स्टोनीक्रीक टाउनशिप में एक मैदान में क्रैश हो गया था। इस हमले के बाद वॉशिंगटन में गंभीर बीमारियां भी फैली थीं। इसका असर आज भी माना जाता है। तीसरे प्लेन से पेंटागन पर हमला किया गया, जिसमें पेंटागन की बिल्डिंग के वेस्टर्न हिस्से को थोड़ा नुकसान पहुंचा था। - वहीं, वॉशिंगटन डीसी की ओर जा रहा चौथा प्लेन पेंसिलवेनिया में स्टोनीक्रीक टाउनशिप में एक मैदान में क्रैश हो गया था। इस हमले के बाद वॉशिंगटन में गंभीर बीमारियां भी फैली थीं। इसका असर आज भी माना जाता है।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने यह फोटो लिया था। इससे साफ होता है कि हमला कितना खतरनाक था। इस हमले में 400 पुलिस अफसरों और फायरफाइटर्स समेत 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में 57 देशों के लोग शामिल थे। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने यह फोटो लिया था। इससे साफ होता है कि हमला कितना खतरनाक था। इस हमले में 400 पुलिस अफसरों और फायरफाइटर्स समेत 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में 57 देशों के लोग शामिल थे।
हमले का सीधा शक अलकायदा पर गया। अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ दी और तालिबान के खात्मे के लिए अफगानिस्तान पर हमला बोल दिया। अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने शुरुआत में हमले में हाथ होने से इनकार किया, लेकिन 2004 में उसने हमले की जिम्मेदारी ले ली। इसके बाद अमेरिका ने हमले का बदला लेते हुए 2 मई 2011 को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा को मार गिराया था। हमले का सीधा शक अलकायदा पर गया। अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ दी और तालिबान के खात्मे के लिए अफगानिस्तान पर हमला बोल दिया। अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने शुरुआत में हमले में हाथ होने से इनकार किया, लेकिन 2004 में उसने हमले की जिम्मेदारी ले ली। इसके बाद अमेरिका ने हमले का बदला लेते हुए 2 मई 2011 को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा को मार गिराया था।