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राफेल विवाद: मीडिया रिपोर्ट में दावा- दसॉल्त के पास रिलायंस को चुनने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं था

दसॉल्त एविएशन ने मीडियापार्ट के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उसने इस बारे में एक बयान जारी किया है।

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 04:59 PM IST
rafale deal controversy dassault mediapart reliance defence
पेरिस. राफेल विवाद में फिर एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, फ्रांस से जारी एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है राफेल फाइटर जेट बनाने वाली दसॉल्त कंपनी के पास रिलायंस डिफेंस कंपनी को सहयोगी बनाने और उससे करार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प ही नहीं था। मीडियापार्ट नामक वेबसाइट पर जारी ये जानकारी दी गई है। वेबसाइट ने कंपनी के दस्तावेज के आधार पर यह दावा किया है। मीडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पास ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं, जिनसे फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के दावे की भी पुष्टि होती है। ओलांद ने बयान दिया था कि भारत सरकार ने ही अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था। ऐसे में दसॉल्त एविएशन के पास भारत की दूसरी रक्षा कंपनी को चुनने का विकल्प नहीं था। दसॉल्त एविएशन ने मीडियापार्ट के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उसने इस बारे में एक बयान जारी किया है। दसॉल्त ने कहा- हमने स्वतंत्र रूप से भारत के रिलायंस ग्रुप को साझीदार के तौर पर चुना। दसॉल्त रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड के साथ राफेल और फॉल्कन 2000 बिजनेस जेट्स के पुर्जे बनाएंगे। भारत ने फ्रांस की दसॉल्त एविएशन की साथ 36 राफेल फाइटर जेट की डील की है। इसका बजट 59 हजार करोड़ रुपए है। इस डील में मेंटेनेंस पार्टनर भारत की प्राइवेट कंपनी रिलायंस डिफेंस है।
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Live Update

  • 11-10-2018 12:48 PM

    राहुल का नया आरोप

    राफेल पर नई मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- पहले भी फ्रांस के राष्ट्रपति यह साफ कर चुके हैं कि भारत के प्रधानमंत्री ने उनसे यह कहा था कि डील रिलायंस को ही मिलना चाहिए। अब राफेल के एक अधिकारी ने भी यही कहा है। यह तो साफ तौर पर भ्रष्टाचार का मामला है। राफेल की कंपनी पर दबाव डाला जा रहा है। अनिल अंबानी के चौकीदार हैं प्रधानमंत्री।
  • 11-10-2018 09:35 AM

    दसॉल्त ने दी सफाई

    दसॉल्त एविएशन ने मीडियापार्ट के दावों को खारिज करते हुए सफाई दी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक दसॉल्त ने कहा- हमने स्वतंत्र रूप से भारत के रिलायंस ग्रुप को साझीदार के तौर पर चुना। दसॉल्त रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड के साथ राफेल और फॉल्कन 2000 बिजनेस जेट्स के पुर्जे बनाएंगे।
  • 11-10-2018 09:28 AM

    आखिर विवाद क्या?

    आखिर विवाद क्या?

    इस समझौते में राफेल विमानों के रख-रखाव का जिम्मा भारत की कंपनियों को सौंपा जाना है। इसी के तहत दसॉल्त एविएशन ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के साथ समझौता किया। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि दसॉल्त ने खुद तकनीक के ट्रांसफर की आशंका के चलते एचएएल के साथ समझौते से इनकार कर दिया था।

  • 11-10-2018 09:27 AM

    कांग्रेस का आरोप क्या

    कांग्रेस का आरोप क्या

    राफेल सौदे पर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह डील महंगी है और इसमें घोटाला हुआ है। राहुल गांधी का आरोप है कि मोदी के कहने पर ही रिलायंस को राफेल डील में दैसो कंपनी का साझेदार बनाया गया।

     

  • 11-10-2018 09:27 AM

    सरकार ने क्या कहा?

    सरकार ने क्या कहा?

    अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और न्यायिक रूप से इसकी समीक्षा नहीं की जा सकती।

  • 11-10-2018 09:27 AM

    सरकार को नोटिस नहीं

    सरकार को नोटिस नहीं

    चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने साफ कहा है कि वह सैन्य बल के लिए राफेल विमानों की उपयुक्तता पर कोई राय नहीं देना चाह रहे। बेंच ने कहा, ‘‘हम सरकार को कोई नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं, हम केवल फैसला लेने की प्रक्रिया की वैधता से संतुष्ट होना चाहते हैं। अदालत को विमान की कीमत और सौदे के तकनीकी विवरणों से जुड़ी सूचनाएं नहीं चाहिए।’’

     

  • 11-10-2018 09:26 AM

    सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था

    सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से फ्रांस के साथ हुई राफेल एयरक्राफ्ट डील पर जवाब मांगा। केंद्र से पूछा कि सरकार ने कैसे राफेल डील की, इसके बारे में पूरी जानकारी 29 अक्टूबर तक सीलबंद लिफाफे में दी जाए। इस संबंध में एक जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इस पर अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

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