--Advertisement--

पलटन मूवी रिव्यू: जेपी. दत्ता की पलटन- देशभक्ति के संदेश के साथ हमारी सेना के शौर्य की कहानी

Paltan Movie Review: जेपी. दत्ता हमेशा बड़े बजट की फिल्में बनाते रहे हैं। इस बार वो ‘पलटन’ के साथ हाजिर हैं।

Danik Bhaskar | Sep 07, 2018, 02:02 PM IST
1965 में भारतीय सेना की राजपूत रे 1965 में भारतीय सेना की राजपूत रे

मुंबई. Paltan Movie Review: जेपी. दत्ता हमेशा बड़े बजट की फिल्में बनाते रहे हैं। इस बार वो ‘पलटन’ के साथ हाजिर हैं। यह फिल्म भी मेगा बजट की नजर आती है। शूटिंग भी रियल लोकेशन की है। 1965 में भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट ने शौर्य और साहस की अनूठी मिसाल पेश करते हुए नाथुला दर्रे में चीनी सेना को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पलटन में इसी कहानी का फिल्मांकन है। बता दें कि दत्ता इससे पहले ‘बॉर्डर’ और ‘एलओसी करगिल’ जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके हैं।

क्या है कहानी?
- 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था और इसमें हमें शिकस्त मिली थी। इसके करीब तीन साल बाद LAC यानी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के करीब ‘नाथुला पास’ पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच छोटी जंग हुई थी। दरअसल, नाथुला दर्रा ही वह स्थान है जहां से भारत और तिब्बत जुड़ते हैं। यहीं से सिक्किम का भी कनेक्शन है। चीनी सेना इस पर कब्जा करना चाहती है। यहां तैनात भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट दुश्मन को करारी शिकस्त देती है।

स्टार कास्ट क्या?
- इस फिल्म में सोनू सूद मेजर बिशन सिंह और अर्जुन रामपाल मेजर राय सिंह के रोल में नजर आते हैं। हर्षवर्धन राणे और गुरमीत सिंह भी हैं। इसके अलावा सिद्धांत कपूर और लव सिन्हा के भी छोटे रोल हैं। जैकी श्रॉफ के चाहने वाले उन्हें नए अंदाज में देखकर निराश नहीं होंगे। जहां तक एक्टिंग की बात है तो अर्जुन रामपाल ने शानदार अभिनय किया है। सोनू सूद को भी आप इस रोल में पसंद करेंगे।

क्यों देखें फिल्म?
- आमतौर पर जेपी. दत्ता की फिल्मों का संगीत इनकी रिलीज के काफी पहले ही हिट हो जाता है। मसलन बॉर्डर के गीत आज भी बड़े चाव से सुने जाते हैं। पलटन के संगीत में वो बात नजर नहीं आती। लेकिन, फिल्म की सच्ची कहानी और इसका रियल लोकेशन पर शूट किया जाना प्लस प्वॉइंट हैं। फिल्म आपको बांधे रखती है। हालांकि, कुछ जगहों पर सीन लंबे हैं। लेकिन कुल मिलाकर फिल्म देखने लायक है।