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आंगनबाड़ी वर्कर्स से बोले मोदी- आप जैसे कार्यकर्ता ही मेरे हजारों हाथ; मानदेय में भी बढ़ोतरी

इस दौरान प्रधानमंत्री ने इन वर्कर्स से उनके अनुभव सुने और उनकी मेहनत का शुक्रिया अदा किया।

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 04:38 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक नई पहल करते हुए आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं से नरेंद्र मोदी एेप के जरिए बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने इन वर्कर्स से उनके अनुभव सुने और उनकी मेहनत का शुक्रिया अदा किया। प्रधानमंत्री ने एक अवसर पर कहा कि आप जैसे कार्यकर्ता ही मेरे हजारों हाथ हैं। मोदी ने कहा- अगर बुनियाद कमजोर हो तो कोई भी मजबूत भवन का निर्माण नहीं कर सकता। अगर हमारे देश के बच्चे ही कमजोर होंगे तो देश के विकास की रफ्तार तो सुस्त हो ही जानी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले महीने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 हजार की बजाए 4500 रुपए मानदेय (honorarium) मिलेगा। यानी इसमें डेढ़ हजार रुपए का इजाफा किया गया है। पीएम ने कहा जिन कार्यकर्ताओं को 2200 रुपए मानदेय मिलता था उन्हें अब यह 3500 रुपए मिलेगा। आंगनबाड़ी सहायकों का मानदेय 1500 से 2250 रुपए किया गया है।

और क्या कहा प्रधानमंत्री ने?
- मोदी ने कहा- पहले आशा वर्कर्स को 42 दिन में 6 बार बच्चे या बच्ची के जन्म के बाद उसके पास जाना पड़ता था। अब हमने इसे बढ़ाकर 11 महीने में 15 बार कर दिया है। मैं उन डॉक्टरों का भी आभारी हूं जो बिना शुल्क लिए गर्भवती महिलाओं का उपचार करते हैं। सरकार उन उपायों को और बेहतर बनाने पर विचार कर रही है जिनके माध्यम से इलाज को और आधुनिक तथा बेहतर बनाया जा सके। टीकाकरण की रफ्तार को और तेज किया जा रहा है। यह एक आंदोलन है और इसमें माताओं और बच्चों की भागीदारी सबसे अहम है।

आशा कार्यकर्ताओं की सराहना
- मोदी ने इस मौके पर आशा कार्यकर्ताओं की मेहनत और उनकी कार्यकुशलता की तारीफ की और इसके लिए उन्हें धन्यवाद भी कहा। पीएम बोले- आज मैं इस बात की उम्मीद और पूरा भरोसा कर सकता हूं कि आपके प्यार, अपनत्व और मेहनत से देश को बेहतर नागरिक मिल सकेंगे। पहले देश में एनीमिया एक बहुत बड़ी दिक्कत रही है। लेकिन, अब ये तेजी से घट रही है। हम हर साल इसे एक फीसदी की दर से कम कर पा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम की मदद से इस रफ्तार को अब तीन गुना तक लाया जाए। मैं जानता हूं और भरोसा है कि आप अपनी संकल्प शक्ति से देश को एनीमिया मुक्त कर देंगे। आप ये समझिए कि एनीमिया मुक्त भारत का मतलब है लाखों गर्भवती महिलाओं और बच्चों को एक नया जीवन। हमारी सरकार ने राजस्थान के झुंझुनू से ही राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत थी।