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  • Nirmala sitharaman recited Poem on Kashmir and verse of Kalidas and remembered poet Thiruvallur for praising Modi

बजट के बीच / सीतारमण ने कश्मीर पर कविता पढ़ी और कालिदास के श्लोक से समझाई बात, मोदी के लिए कवि तिरुवल्लुवर को याद किया

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  • अंग्रेजी में पढ़ा बजट भाषण,वित्त मंत्री ने कश्मीरी, संस्कृत और तमिल में प्रेरक वाक्यों से समझाया
  • निर्मला ने दवा खाकर पढ़ा सबसे लम्बा बजट भाषण, राजनाथ ने बैठने को कहा लेकिन मानी नहीं

दैनिक भास्कर

Feb 02, 2020, 07:49 AM IST

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भारत के इतिहास के सबसे लम्बे बजट भाषण में कई रोचक बातें नजर आईं। उन्होंने ठीक 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला के पुकारने पर हाथ जोड़कर भाषण शुरू किया और कहा-  माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं वर्ष 2020-21 का बजट प्रस्तुत करने जा रही हूं। ठीक 11 बजकर एक मिनट पर उन्होंने बजट भाषण शुरू किया और फिर लगातार दो घंटे 41 मिनट तक बोलती रहीं।

जटिल बजट के बीच कुछ रोचक पल भी देखने को मिले 

  • जेएनयू से पढ़ाई करने वाली सीतारमण ने बजट समझाने के लिए चार भाषाएं प्रयोग की। पूरा भाषण उन्होंने अंग्रेजी में पढ़ा, कविता और दोहा समझाने के लिए कश्मीरी, हिंदी और तमिल भाषा प्रयोग की।
  • बजट के पहले हिस्से में उन्होंने कश्मीर के कवि और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित दीनानाथ कौल की लिखी कविता से देश का गुणगान किया। पहले उन्होंने थोड़ा अटक कर कश्मीरी में कविता पढ़ी और फिर उसका हिंदी अनुवाद सुनाया। जो कुछ इस तरह था - हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसा, डल झील में खिलते हुए कमल जैसा, नौजवानों के गर्म खून जैसा, मेरा वतन, तेरा वतन, हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा वतन।'

हालांकि वित्त मंत्री की कश्मीर पर कविता सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आई। यूजर्स कह रहे हैं, कश्मीर को बंद करवा कर, वहां की इकोनॉमी को बर्बाद करके कश्मीरी कविता सुना रहे हो, वाह मैडम वाह।

  • बजट के 80वें बिंदु पर जब बात स्वच्छ पर्यावरण और साफ हवा की आई तो वित्त मंत्री को अपने प्रिय तमिल कवि तिरुवल्लुवर याद आए। स्वच्छ पर्यावरण के लिए 4400 करोड़ रुपए का प्रावधान करने के बाद उन्होंने कवि के कुरील को तमिल भाषा में पढ़ा, जिसका हिंदी अर्थ है - बीमारी से मुक्ति, धन, उत्पादन, खुशहाली और प्रजा की सुरक्षा, ये पांच चीजें किसी भी राज्य के लिए आभूषण हैं। बात को आगे समझाते हुए उन्होंने पीएम मोदी को याद किया और कहा कि उन्होंने भारत को ये सभी पांच बड़ी चीजें विभिन्न योजनाओं के जरिये प्रदान की है।

  •  भाषण के दूसरे खंड में बात जब टैक्स कटौती को समझाने की आई तो उन्होंने कालिदास द्वारा लिखे गए ग्रंथ रघुवंश के प्रथम सर्ग के 18वें दोहे का उल्लेख किया। उन्होंने दोहे का अंग्रेजी अनुवाद संसद में पढ़ा, जिसका हिंदी में भावार्थ है-  
  • सूर्य जल की नन्हीं बूंदों से वाष्प लेता है। यही राजा भी करता है। बदले में ये प्रचुर मात्रा में लौटाते हैं। वे लोगों के कल्याण के लिए यह संग्रह करते हैं।

  • सबसे लंबे भाषण के आखिर में एक वक्त ऐसा भी आया जब पढ़ते-पढ़ते निर्मला सीतारमण असहज होने लगीं। उन पर करीब ढाई घंटे खड़े रहने और बोलने की थकावट हावी होने लगी और एक दो जगह उनकी जुबान लड़खड़ाई।  इस दौरान उनसे स्पीकर ओम बिरला ने पूछा भी कि कितना भाषण और बचा है। निर्मला ने स्पीकर को जवाब दिया कि अभी दो पेज बाकी हैं।
  • निर्मला ने अपना भाषण पढ़ना जारी रखा लेकिन वह स्पीच पढ़ते पढ़ते रुक रही थीं। इस बीच अकाली दल की सांसद और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर उन्हें दवा की गोली देने आईं जो उन्होंने नहीं ली। उन्होंने कौर से कहा कि मैंने पहले से ही एक गोली ले रखी है।
  • इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी निर्मला से कहा कि वह बैठकर भाषण पढ़ें लेकिन निर्मला ने अपनी सीट पर खड़ा होकर ही भाषण पढ़ना जारी रखा। हालांकि वह बाकी पन्ने नहीं पढ़ सकीं और स्पीकर से बाकी का भाषण पढ़ लिया मान लिए जाने की अपील की।  

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