मैं मुसाफिर हूं, रेल बजट से उम्मीद:किराया न बढ़े; एल्युमिनियम से बनी 10 हल्की ट्रेनों समेत 8 उम्मीदें हो सकती हैं पूरी

4 महीने पहलेलेखक: बजट टीम

रेलवे में 35 हजार पदों पर भर्ती के लिए 1.25 करोड़ कैंडिडेट्स जूझ रहे हैं। पूरी भर्ती सवालों के घेरे में है। दूसरे फेज के एग्जाम रोक दिए गए हैं। नाराज नौजवान बिहार के कई शहरों में हिंसक विरोध पर उतर आए। आगजनी, पथराव, लाठीचार्ज, एफआईआर.. सब कुछ हो गया। और अब सियासत चल रही है।

यह नजीर है, जो बताती है कि रेलवे से लोगों को कैसी-कैसी उम्मीदें हैं। लोगों को कुछ इसी तरह की उम्मीद एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में रेलवे के हिस्से आने वाले बजट से है। हम आम बोलचाल इसे अभी भी रेलवे बजट कहते हैं।

कोरोना की मार झेल रहे लोगों को सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बजट में जरा भी किराया न बढ़ाया जाए। वहीं एक्सपर्ट्स रेलवे का मोटा गणित बताते हैं। उनका कहना है कि पिछले एक साल में रेलवे को 26,338 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। फिर भी चुनाव और सियासत का तकाजा ऐसा कि सरकार किराया बढ़ाने का जोखिम शायद ही ले। इसके साथ ही सरकार एल्युमिनियम से बनी 10 ट्रेनों की भी घोषणा कर सकती है, ताकि कम खर्च में स्पीड बढ़ाई जा सके।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस साल सरकार रेलवे बजट में 15 से 20% की बढ़ोतरी कर सकती है। पिछले बजट में रेलवे को 1.10 लाख करोड़ रुपए का पैकेज मिला था। ये पुराने पैकेज के मुकाबले करीब 38 हजार करोड़ ज्यादा था।

ऐसे में इस बार 20% बजट ज्यादा मिलने का मतलब 1.32 लाख करोड़ रुपए हो जाता है।

अगर रेलवे को इतना बड़ा पैकेज मिला तो सरकार आम आदमी की उम्मीदों के हिसाब से 8 बड़े ऐलान कर सकती है। आइये एक-एक करके इन्हें जानते हैं...

  • कोविड महामारी से रेलवे को काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद भी रेल किराए में बढ़ोतरी के आसार काफी कम हैं।
  • रेलवे की कोशिश है कि ढेर सारे अलग-अलग कॉरिडोर तैयार किए जाएं। इससे यात्री ट्रेनों पर प्रेशर भी घटेगा।
  • सरकार माल ढुलाई की लागत को बढ़ा सकती है। साथ ही, दूसरे माध्यम से रेलवे की इनकम को बढ़ाने का प्रयास करेगी।
  • ट्रेन में बड़ी विंडो लगाई जा सकती हैं। इनसे ट्रेन में नेचुरल लाइट आएगी और बाहर का बेहतर नजारा दिखाई देगा।
  • महामारी को ध्यान में रखते हुए इनमें बड़े और कम्फर्टेबल टॉयलेट रहेंगे। इसके पास पैरों से चलने वाला फ्लश होगा।
  • वायरस को मारने गेट के हैंडल पर तांबे की परत लगाई जाएगी। कोच में प्लाज्मा एयर प्यूरीफायर का बंदोबस्त भी होगा।
  • देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस जैसी ट्रेनों के विकल्प बढ़ाए जा सकते हैं।
  • सरकार किराए से जुड़े मामलों के लिए रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाने का भी ऐलान कर सकती है।
  • कायाकल्प नाम से योजना का ऐलान हो सकता है। इसमें 500 रेलवे स्टेशनों को रि-डेवलप किया जाएगा।
  • इनमें से ज्यादातर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल वाले होंगे।
  • इन्हें भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तरह तैयार किया जाएगा।
  • इन स्टेशन पर एयरपोर्ट की तरह वेटिंग रूम, रेस्टोरेंट, गेम जोन, शॉपिंग जोन जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।
  • भारत में पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौड़ेगी। हालांकि, कोविड की वजह से इस प्रोजेक्ट में देरी हो रही है।
  • बजट में दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन का भी ऐलान किया जा सकता है। बुलेट ट्रेन की स्पीड 500kmph से ज्यादा होगी।
  • लंबी दूरी को जल्दी तय करने के लिए एल्युमिनियम से तैयार की गई 10 वैगन ट्रेनों का ऐलान भी किया जा सकता है।
  • सरकार हाइपरलूप टेक्नोलॉजी वाली ट्रेन चलाने का ऐलान कर सकती है।
  • हाइपरलूप प्लेन की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन है, जिसे अमेरिकी कंपनी हाइपरलूप-वन ने तैयार किया है।
  • हाइपरलूप ट्रेन मैग्नेटिक पावर बेस्ड टेक्नोलॉजी पर चलती है, जिसमें खंभों के ऊपर पारदर्शी ट्यूब बिछाई जाती है।
  • इन्हें पॉड ट्यूब या सुरंगों के माध्यम से चलाया जाता है। इनकी स्पीड 1200km से भी ज्यादा होती है।
  • सरकार रेलवे के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहती है। ऐसे में वह तेज रफ्तार वाले ट्रैक के लिए पैकेज दे सकती है।
  • इन ट्रैक की खास बात होगी कि ट्रेन तेजी से दौड़ पाएगी। इन ट्रैक की मदद से लंबी दूरी को तय करने वाला समय कम होगा।
  • माल ढुलाई करने वाली मालगाड़ी भी तेजी से सफर तय करेगी। ऐसे में किसी प्रोडक्ट को तेजी से दूसरे शहर पहुंचा पाएंगे।
  • सरकार का फोकस अब बिजली और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के साथ ही डीजल पर निर्भरता को कम करने पर भी है।
  • इसके लिए भारतीय रेलवे में सोलर एनर्जी के साथ हाइड्रोजन और बायोफ्यूल का दायरा बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
  • 2030 तक दुनिया की पहली 100% ग्रीन रेल सर्विस बनने की घोषणा हो सकती है।
  • 2023 तक सभी प्रमुख रेल लाइनों पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ना शुरू कर देंगे।