कोविड-19 इम्पैक्ट:लॉकडाउन में पारले-जी के साथ-साथ लोगों ने मैगी नूडल्स भी खूब खाए, सेल में 25% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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नेस्ले का सालाना कारोबार करीब 12 हजार करोड़ रुपए का है, कंपनी को उम्मीद है कि इस साल मैगी की बिक्री में तेजी आएगी  - Dainik Bhaskar
नेस्ले का सालाना कारोबार करीब 12 हजार करोड़ रुपए का है, कंपनी को उम्मीद है कि इस साल मैगी की बिक्री में तेजी आएगी 
  • नेस्ले ने सभी पांच कारखानों में मैगी का उत्पादन तेज किया
  • इससे पहले पारले-जी बिस्किट ने बिक्री के रिकॉर्ड तोड़े थे

कोरोनावायरस को रोकने के लिए लागू लाॅकडाउन में जहां एक तरफ 5 रुपए में बिकने वाले पारले-जी बिस्किट की रिकाॅर्ड तोड़ बिक्री हुई है। वहीं, दूसरी तरफ इंस्टेंट मैगी नूडल्स की भी भारी डिमांड रही है। लॉकडाउन के दौरान मैगी की बिक्री में 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेस्ले ने बताया कि लॉकडाउन के बीच इंस्टेंट नूडल्स मैगी की लोगों ने अच्छी खरीदारी की। बता दें कि 23 मार्च से जारी लॉकडाउन अभी भी चल रहा है। हालांकि अब थोड़ी छूट जरूर इसमें दी गई है

नेस्ले इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश नारायण ने बताया कि लॉकडाउन के बीच कंपनी को अपने सभी पांचों कारखानों में मैगी का उत्पादन काफी तेजी से करना पड़ा। नेस्ले का सालाना कारोबार करीब 12 हजार करोड़ रुपए का है। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल मैगी की बिक्री में तेजी आएगी। 

लाॅकडाउन की वजह से देशभर के होटल-रेस्टोरेंट बंद थे। ऐसे में अधिकतर लोगों के लिए इंस्टेंट मैगी बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है। यही वजह है कि मैगी की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान ग्राहकों ने मैगी का स्टॉक खत्म होने के डर से जमकर स्टाॅक भर लिया था। 

बता दें कि इस दौरान सिर्फ पारले-जी, मैगी ही नहीं ब्रिटानिया का गुड डे, टाइगर, बोरबन, मारी, मिल्क बिकीज और पारले का मोनको, हाइड ऐंड सीक, क्रैकजैक जैसे ब्रांड की बिक्री भी जमकर हुई है। पारले-जी की बिक्री तो पिछले आठ दशकों में सबसे ज्यादा रही है।

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