पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Business
  • Consumer
  • Mutual Fund ; Income Tax ; ELSS ; Tax Saving Mutual Funds Are Very Useful, They Get The Benefit Of Tax Rebate With Good Returns.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पर्सनल फाइनेंस:बड़े काम की है टैक्‍स सेविंग म्‍यूचुअल फंड स्कीम, इनमें अच्छे रिटर्न के साथ मिलता है टैक्स छूट का लाभ

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
यह स्‍कीम म्‍यूचुअल फंड की ही एक कैटेगरी है। इन्‍हें इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍कीम यानी ईएलएसएस भी कहा जाता है
  • इसमें निवेश करने पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड रहता है
  • बीते 10 साल में ELSS ने करीब 8.4% का रिटर्न दिया है

टैक्स-सेविंग म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए अच्छा टैक्स-सेविंग विकल्प साबित हुए हैं। यह स्‍कीम म्‍यूचुअल फंड की ही एक कैटेगरी है। इन्‍हें इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍कीम यानी ईएलएसएस भी कहा जाता है। म्‍यूचुअल फंड की इस स्कीम में निवेश करने पर इनकम टैक्‍स कानून के सेक्‍शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक निवेश कर टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।

3 साल का रहता है लॉक-इन पीरियड
टैक्‍स सेविंग के विकल्‍पों में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), बीमा और आयकर बचाने वाली बैंक FD तक शामिल हैं। इनमें से PPF में 15 साल का लॉकइन होता है। इसका मतलब हुआ कि निवेशक 15 साल तक पैसा नहीं निकाल सकता है। इसी प्रकार NSC और बैंकों की विशेष FD पर यह लॉकइन 5 साल का होता है। बीमें की हर योजना का लॉकइन अलग-अलग होता है, लेकिन 5 साल से कम किसी का नहीं होता है। वहीं ELSS में इन्‍वेस्‍टमेंट 3 साल बाद निकाला जा सकता है। यह इन स्‍कीम्‍स का एक बहुत ही अच्‍छा फीचर है।

ग्रोथ और डिविडेंड का मिलता है विकल्‍प
निवेशकों को इन फंड में दो तरह के विकल्‍प मिलते हैं। इनमें पहला है ग्रोथ और दूसरा है डिविडेंड पे आउट। जहां ग्रोथ ऑप्‍शन में पैसा लगातार निवेशित रहता है, वहीं डिविडेंड ऑप्‍शन में कंपनियां समय-समय पर लाभांश के रूप में फायदा बांटती रहती हैं। डिविडेंड ऑप्‍शन वाली योजनाओं में साल में एक बार डिविडेंड मिल सकता है। कुछ योजनाओं ने तो एक बार से भी ज्‍यादा डिविडेंड साल में दिया है।

लॉकइन पीरियड पूरा होने के बाद भी जारी रख सकते हैं निवेश
ELSS निवेशकों को यह सुविधा मिलती है कि वह 3 साल पूरा होने के बाद भी इसमें निवेश को जारी रख सकते हैं, और जब भी जरूरत हो पैसा निकाल सकते हैं। ऐसा विकल्‍प अन्‍य योजनाअें में नहीं मिलता है। अन्य इनकम टैक्‍स बचाने वाले ज्‍यादातर विकल्‍प में निवेश का समय पूरा पूरा होने पर या तो उसे निकालना पड़ता है।

500 रुपए से शुरू कर सकते हैं निवेश
टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड में सिस्‍टेमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP या सिप) से 500 रुपए से भी निवेश की शुरुआत हो सकती है। ELSS फंड में अधि‍कतम 1.5 लाख रुपए का टैक्‍स बचाया जा सकता है। यह निवेश एक बार में किया जा सकता है या इसे SIP माध्‍यम से हर माह कर सकते हैं। अगर पूरा 1.5 लाख रुपए टैक्‍स बचाना हो तो 12500 रुपए महीने का हर माह निवेश करना होगा। 

इसमें मिलता है बेहतर रिटर्न
टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड में निवेश का सबसे बड़ा फायदा इक्विटी में निवेश के रूप में मिलता है। आमतौर पर लोग इनकम टैक्‍स बचाने वाले अन्‍य विकल्‍पों में निवेश करते हैं, जिससे उनके पास इक्विटी में निवेश के लिए पैसे नहीं बचते हैं। लम्‍बे समय के निवेश पर आमतौर पर इक्विटी से सबसे अच्‍छा रिटर्न मिलता है। इसलिए जब लोग ELSS में निवेश करते हैं तो उनको टैक्‍स बचाने के साथ साथ इक्विटी में निवेश का फायदा भी मिलता है। बीते 10 साल में ईएलएसएस म्‍यूचुअल फंडकैटेगरी ने करीब 8.46 फीसदी का रिटर्न दिया है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय चुनौतीपूर्ण है। परंतु फिर भी आप अपनी योग्यता और मेहनत द्वारा हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम रहेंगे। लोग आपके कार्यों की सराहना करेंगे। भविष्य संबंधी योजनाओं को लेकर भी परिवार के साथ...

    और पढ़ें