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लॉकडाउन का आर्थिक असर:मुख्य बंदरगाहों पर माल ढुलाई अप्रैल-मई में 22 फीसदी घटकर 9.3 करोड़ टन रह गई, चेन्नई और कोच्चि सबसे ज्यादा प्रभावित बंदरगाहों में रहे

नई दिल्ली3 महीने पहले
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केंद्र सरकार के नियंत्रण में 12 मुख्य बंदरगाह हैं। इन बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (एन्नोर), वीओ चिदंबरम, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया) सहित शामिल हैं। पिछले कारोबारी साल में इन बंदरगाहों पर 70.5 करोड़ टन की माल ढुलाई हुई थी
  • चेन्नई, कोच्चि और कामराजार बंदरगाहों पर मालढुलाई में 40 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई
  • कोलकाता और जेएनपीटी पर माल ढुलाई में 30 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई

कोरोनावायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के कारण चालू कारोबारी साल के पहले दो महीने (अप्रैल और मई) में  देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों पर माल ढुलाई 22 फीसदी घटकर 9.282 करोड़ टन रह गई। इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) ने कहा कि एक साल पहले की समान अवधि में इन बंदरगाहों पर 11.923 करोड़ टन की माल ढुलाई हुई थी।

पहले दो महीने में चेन्नई, कोच्चि और कामराजार बंदरगाहों पर मालढुलाई में 40 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं, कोलकाता और जेएनपीटी पर माल ढुलाई में 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार के नियंत्रण में 12 मुख्य बंदरगाह हैं। इन बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (एन्नोर), वीओ चिदंबरम, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया) सहित शामिल हैं। पिछले कारोबारी साल में इन बंदरगाहों पर 70.5 करोड़ टन की माल ढुलाई हुई।

आईपीए ने कहा कि अप्रैल-मई में कामराजार बंदरगाह पर माल ढुलाई 46 फीसदी घटकर 32.2 लाख टन रह गई। चेन्नई बंदरगाह पर माल ढुलाई 44.24 फीसदी गिरकर 45.6 लाख टन रही। कोच्चि बंदरगाह पर माल ढुलाई 40.14 फीसदी गिरकर 34.1 लाख टन रही। जेएनपीटी पर यह 33.13 फीसदी गिरकर 80.2 लाख टन रही। कोलकाता बंदरगाह पर ढुलाई 31.60 फीसदी घटकर 73 लाख टन रही।

कंटेनर व्यापार पर लॉकडाउन का बहुत बुरा असर देखा गया। ट्वेंटी फुट इक्विवेलेंट यूनिट (टीईयू) के संदर्भ में कंटेनर ट्र्रेड 36.33 फीसदी घट गया। थर्मल कोल के ट्र्रेड में 35.94 फीसदी गिरावट आई। रेटिंग एजेंसी इकरा ने पिछले महीने कहा था कि सभी कार्गो सेगमेंट्स पर लॉकडाउन का बुरा असर पड़ सकता है, लेकिन कंटेनर सेगमेंट पर ज्यादा बुरा असर पड़ने की आशंका है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक साधारण कार्गो की ढुलाई संपूर्ण 2020-21 कारोबारी साल में 5-8 फीसदी घट सकती है, जबकि कंटेनर सेगमेंट की ढुलाई पूरे कारोबारी साल में 12-15 फीसदी घट सकती है।

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