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गजब:एसबीआई चेयरमैन से तीन गुना ज्यादा सैलरी मिलेगी सीएफओ को, एक करोड़ रुपए सालाना का मिलेगा पैकेज

मुंबईएक वर्ष पहले
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सरकारी अधिकारी हमेशा कहते रहते हैं कि प्राइवेट सेक्टर की तुलना में उन्हें बहुत कम सैलरी मिलती है - Dainik Bhaskar
सरकारी अधिकारी हमेशा कहते रहते हैं कि प्राइवेट सेक्टर की तुलना में उन्हें बहुत कम सैलरी मिलती है
  • बैंकों और सरकारी कंपनियों ने हाल में प्राइवेट सेक्टर से लोगों की भर्ती शुरू की है
  • प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों और टॉप बॉस का है भारी-भरकम सैलरी पैकेज

देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सीएफओ की पोस्ट के लिए विज्ञापन निकाला है। बैंक इस पद के लिए एक करोड़ रुपए सालाना सैलरी देगा। यह पैकेज बैंक के चेयरमैन की सैलरी से तीन गुना ज्यादा होगा।

तीन साल का होगा सीएफओ का कांट्रैक्ट

बैंक ने अखबारों में विज्ञापन दिया है। इसके मुताबिक सीएफओ को सालाना 75 लाख से एक करोड़ रुपए मिलेगा। इस पोस्ट के लिए तीन साल का कांट्रैक्ट होगा। एसबीआई में सीएफओ का पद प्रशांत कुमार के जाने के बाद से खाली है। प्रशांत कुमार यस बैंक में चले गए थे। विज्ञापन के मुताबिक सीएफओ को सीए होना चाहिए। उसे 15 साल का अनुभव होना चाहिए। एसबीआई ने इसी के साथ अन्य पदों के लिए भी वैकेंसी निकाली है।

चेयरमैन रजनीश कुमार को सालाना 30 लाख मिलती है सैलरी

एसबीआई की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार को वित्त वर्ष 2019 में सालाना 30 लाख रुपए की सैलरी मिली थी। अगर इसकी तुलना एचडीएफसी बैंक के सीईओ से करें तो किसी भी प्रतिशत में यह नहीं है। एचडीएफसी बैंक के सीईओ की सालाना सैलरी 5.5 करोड़ रुपए है। यही नहीं, प्राइवेट सेक्टर में अन्य बैंकों के भी सीईओ का पैकेज काफी ज्यादा है।

आरबीआई, एलआईसी में भी टॉप बॉस की कम है सैलरी

दरअसल सरकारी बैंकों के चेयरमैन या एमडी और उनके कर्मचारियों का पैकेज बहुत ही कम है। यहां तक कि आरबीआई गवर्नर और एलआईसी चेयरमैन जैसे अधिकारियों की भी सैलरी काफी कम है। बता दें कि हाल में सरकारी बैंकों और कंपनियों ने निजी सेक्टर से मुकाबला करने के लिए इसी सेक्टर से कर्मचारियों को रखना शुरू किया है। इसी के तहत बैंक ने सीएफओ की पोस्ट के लिए वैंकेसी निकाली है।

हाल में एसबीआई चेयरमैन ने इसी बात पर चर्चा की थी। उन्होने कहा था कि सरकारी कर्मचारियों को काफी कम सैलरी मिलती है। अगर उनकी सैलरी में कोई कटौती होती है तो रोड पर आकर रहना पड़ेगा।

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