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रिपोर्ट:कारोबार पर 6 महीने से 1 साल तक दिखेगा कोरोना का नकारात्मक प्रभाव, 42% कंपनियां इस साल वेतन बढ़ोतरी के मूड में नहीं

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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लॉकडाउन के कारण भारतीय कंपनियां ऑफिस से सीमित वर्कफोर्स के साथ काम कर रही हैं। अधिकांश कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar
लॉकडाउन के कारण भारतीय कंपनियां ऑफिस से सीमित वर्कफोर्स के साथ काम कर रही हैं। अधिकांश कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं।
  • 57 फीसदी कंपनियों ने कोरोना के प्रभाव के अनुमान में बदलाव किया
  • 77 फीसदी कंपनियों ने सैलरी में कोई कटौती नहीं करने की बात कही

देश की आधी से ज्यादा कंपनियों ने कोरोनावायरस संक्रमण के कारोबार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के अनुमान में बदलाव किया है। विलीज टावर्स वाटसन की ओर से 20 से 31 मार्च के बीच देश के 103 संस्थानों पर किए गए सर्वे के मुताबिक 57 फीसदी कंपनियों का मानना है कि कोरोना संक्रमण का उनके कारोबार पर अगले 6 महीने तक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। 46 फीसदी कंपनियों का मानना है कि इसका असर 12 महीने की अवधि तक रह सकता है। वहीं 19 फीसदी कंपनियों ने अगले दो साल तक नकारात्मक प्रभाव रहने की बात कही है। सर्वे में शामिल कंपनियों में से केवल 5 फीसदी ने अगले 12 से 24 महीने तक इसके सकारात्मक प्रभाव की बात कही है।

42 फीसदी ने वेतन वृद्धि के बजट पर कोई फैसला नहीं किया
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 42 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्होंने अभी तक इस साल के लिए वेतन वृद्धि के बजट पर कोई फैसला नहीं लिया है। वहीं, 33 फीसदी का कहना है कि अप्रैजल और बोनस पे-आउट पूर्व योजना के अनुसार दिए जाएंगे। 77 फीसदी का कहना है कि उनके यहां सैलरी में कोई कटौती नहीं होगी, वहीं 53 फीसदी का कहना है कि सेल्स इंसेंटिव पे-आउट पर कोई समझौता नहीं होगा। सर्वे में शामिल प्रत्येक 3 में से 1 संस्थान ने माना कि उनके एक्जीक्यूटिव और कर्मचारी का 2020 का एन्युअल बोनस प्रभावित होगा। वहीं 17 फीसदी ने माना कि 2020 का लॉन्ग टर्म इंसेंटिव प्लान प्रभावित होगा। एडवाइजरी फर्म विलीज टावर्स वाटसन की ओर से यह सर्वे 20 से 31 मार्च के मध्य किया किया गया है। सर्वे के दौरान एडवाइजरी फर्म ने फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, आईटी एंड टेलीकॉम, मेन्युफैक्चरिंग, पब्लिक सेक्टर एंड एजुकेशन, होलसेल एंड रिटेल सेक्चर के 4.17 लाख कर्मचारियों से डाटा एकत्र किया है।

83 फीसदी कंपनियां वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी पर विचार करेंगी
सर्वे में शामिल 83 कंपनियों ने कहा कि वे अपनी वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी पर विचार करेंगी। वहीं 46 फीसदी ने कहा कि कर्मचारियों को घर से कार्य करने के लिए किए गए खर्च की अदायगी की जाएगी। इसके अलावा कंपनियां कर्मचारियों को व्यस्त रखने के लिए कई नई योजनाएं लाने पर विचार कर रही हैं। इसमें टीम आधारित वर्चुअल और सेशल एंगेजमेंट पहल, नियमित तौर पर डिपार्टमेंट स्तर पर कम्युनिकेशन और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर टाउनहॉल का आयोजन करना शामिल है। सर्वे के मुताबिक कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कंपनियों ने बीते सप्ताहों में कई कदम उठाए हैं इसमें हैंड सेनेटाइजर, मास्क और अन्य बचाव उपकरण देना शामिल है।

लॉकडाउन के बाद कंपनियां वर्कफोर्स के अनुकूल बदलाव करेंगी
विलीज टावर्स वाटसन के इंडिया हेड रोहित जैन का कहना है कि सख्त आर्थिक हालात और प्रत्याशित कारोबारी प्रभाव के कारण लॉकडाउन के बाद कंपनियां अपने वर्कफोर्स के अनुकूल आवश्यक बदलाव करेंगी। उन्होंने कहा कि नियोक्ता को वर्कफोर्स में कमी करने से पहले कर्मचारियों के रीडिप्लॉयमेंट, काम के दिनों और घंटों में कमी, लंबा सेवा अवकाश, नई नौकरियों पर रोक और वेतन में स्वैच्छिक कटौती जैसे विकल्पों का मूल्यांकन करना चाहिए। साथ ही कर्मचारियों के प्रति एक सशक्त और विचारशील दृष्टिकोण रखना चाहिए।