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कोरोनावायरस / मूडीज ने तीसरी बार घटाई भारत की आर्थिक ग्रोथ, अब 2020 में 2.5 फीसदी रहने का अनुमान

corona ; coronavirus ; Moody's reduced India's economic growth for the third time, now projected to be 2.5 percent in 2020
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corona ; coronavirus ; Moody's reduced India's economic growth for the third time, now projected to be 2.5 percent in 2020

  • इस महामारी के कारण घटाया आर्थिक ग्रोथ का अनुमान
  • रेटिंग एजेंसी फिच और एसएंडपी भी घटा चुके हैं आर्थिक वृद्धि दर

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 08:52 AM IST

नई दिल्ली। इनवेस्टर्स सेवा फर्म मूडीज ने शुक्रवार को एक बार फिर भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। अब मूडीज ने कैलेंडर वर्ष 2020 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 2.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इससे पहले इसी माह मूडीज ने भारत की जीडीपी ग्रोथ 5.3 फीसदी और फरवरी में 5.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। मूडीज ने कहा है कि कोरोनावायरस महामारी से पड़ने वाले आर्थिक बोझ के कारण जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बदलाव किया गया है। आपको बता दें कि 2019 में वास्तविक ग्रोथ 5 फीसदी रही थी। मूडीज ने 2020 का अनुमानित ग्रोथ रेट जारी करते हुए कहा है कि 2020 में भारत में इनकम में तेज गिरावट होगी। हालांकि, फर्म ने कहा है कि 2021 में घरेलू मांग में तेजी से रिकवरी होगी।


फिच ने जताया है 5.1 फीसदी ग्रोथ का अनुमान
रेटिंग एजेंसी फिच ने 2020-21 के लिए भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 5.1% रहने का अनुमान जताया है। एजेंसी ने बीते सप्ताह शुक्रवार को ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक 2020 में कहा है कि आने वाले हफ्तों में कोरोनावायरस का असर बढ़ेगा। ऐसे हालातों में अर्थव्यवस्था को नुकसान का रिस्क बढ़ेगा। फिच का कहना है कि सप्लाई चेन बाधित होने से निवेश और एक्सपोर्ट प्रभावित होगा। फिच का कहना है कि कोरोनावायरस की वजह से कारोबारी माहौल प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर भारत के मैन्युफैक्चरर पार्ट्स के लिए चीन पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, लेकिन कोरोनावायरस की वजह से वहां से सप्लाई रुक रही है। फिच का अनुमान है कि 2021-22 में भारत की ग्रोथ 6.4% रहेगी।


एसएंडपी को 5.2 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 5.2 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है। एजेंसी ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी का खतरा बना हुआ है। इस कारण इस साल आर्थिक ग्रोथ कम रहने की संभावना है। इससे पहले एजेंसी ने कैलेंडर वर्ष 2020 में भारत का ग्रोथ रेट 5.7 रहने का अनुमान जताया था। बीते बुधवार को जारी रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी की चपेट में आने के कारण एशिया पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक ग्रोथ 3 फीसदी से कम रहेगी। एसएंडपी एशिया-पैसिफिक के चीफ इकोनॉमिस्ट शॉन रोस ने कहा कि चालू कैलेंडर ईयर की पहली तिमाही में चीन में गहरे आर्थिक झटके, अमेरिकी और यूरोप में शटडाउन और स्थानीय स्तर पर कोरोना वायरस के फैलने के कारण पूरे एशिया पैसिफिक रीजन में आर्थिक ग्रोथ धीमी रहेगी। एसएंडपी ने कहा कि 2020 में चीन, भारत और जापान की आर्थिक ग्रोथ घटकर क्रमश: 2.9, 5.2 और -1.2 रह सकती है। इससे पहले एजेंसी ने इन तीनों देशों की आर्थिक ग्रोथ क्रमश: 4.8, 5.7 और -0.4 रहने का अनुमान जताया था।


सरकार ने घोषित किया 1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज
कोरोनावायरस संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 1.7 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को राहत पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की कोशिश रहेगी कि 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान देश का कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सो पाए। कोरोनावायरस संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया था। इससे जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां ठहर गई हैं।


राहत पैकेज की खास बातें

  • आशा कर्मियों, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ का 50 लाख का बीमा होगा।
  • 80 करोड़ गरीब लोगों को अगले तीन महीने तक 5 किलो गेहूं या चावल और दाल मुफ्त दिए जाएंगे।
  • पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 2 हजार रुपए की किस्त किसानों के खाते में अप्रैल के पहले सप्ताह में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे 8.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।
  • मनरेगा के तहत 182 के स्थान पर 202 रुपए की दैनिक मजदूरी दी जाएगी। इससे 5 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
  • तीन करोड़ वरिष्ठ नागरिकों, गरीब विधवा और गरीब दिव्यांगों को अगले तीन महीने तक 1 हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक मदद दी जाएगी।
  • उज्ज्वला योजना की लाभार्थी 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को अगले तीन महीने तक मुफ्त रसोई गैस मिलेगी।
  • 20 करोड़ महिला जन धन खाता धारकों को अगले तीन महीने तक 500-500 रुपए दिए जाएंगे।
  • कर्मचारी अपने पीएफ खाते में से कुल जमा में से 75 फीसदी या तीन महीने की सैलरी के बराबर पैसा निकाल सकते हैं। इस पैसे को वापस जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
  • महिला स्व सहायता समूह को अब 20 लाख का फ्री कोलैटरल लोन मिलेगा।
  • 15000 तक मासिक वेतन वालों के ईपीएफओ अंशदान अगले तीन महीने तक सरकार करेगी।
  • निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतें झेल रहे हैं, उन्हें मदद दी जाएगी। इनके लिए 31000 करोड़ रु. का फंड रखा गया है।

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