तरक्की की तेज रफ्तार:इंडिया सहित इमर्जिंग मार्केट्स की एवरेज जीडीपी ग्रोथ 2021 में रह सकती है 7.4%

मुंबई10 महीने पहले
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  • इकनॉमिक ग्रोथ को मिलेगा पाँच फैक्टर्स का सपोर्ट:
  • बड़े पैमाने पर लॉकडाउन होने का कम खतरा
  • जनवरी में कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता
  • विकसित देशों के बाजारों में बढ़ी बाहरी मांग
  • चीन की इकनॉमिक ग्रोथ में आई हालिया उछाल
  • ब्याज दरों में कमी, नकदी की बढ़ी उपलब्धता का असर

भारत जैसे उभरते बाजारों (Emerging Markets) में अगले साल आर्थिक तरक्की की रफ्तार काफी तेज रह सकती है। मॉर्गन स्टैनली ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में इमर्जिंग मार्केट्स की एवरेज जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) 7.4% रहने का अनुमान दिया है। दिग्गज अमेरिकी फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में इन मार्केट्स की इकनॉमिक ग्रोथ को खास तौर पर पाँच फैक्टर्स का सपोर्ट मिलेगा।

वैक्सीन से मिलेगा बढ़ावा

पहला फैक्टर, ज्यादातर अहम उभरते बाजारों में फिर से बड़े पैमाने पर लॉकडाउन होने का कम खतरा है। जनवरी 2021 से कोविड-19 का वैक्सीन लोगों की पहुंच में आ जाने से भी ग्रोथ में तेजी आएगी। इसके अलावा विकसित देशों (Developed Markets) में विदेशी सामान और सेवाओं की मांग बढ़ने से भी तरक्की की रफ्तार को बढ़ावा मिलेगा।

बढ़ा अमेरिका का CAD

ये संभावनाएं तब बन रही हैं जब अमेरिका में करेंट एकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़ रहा है, वहां ब्याज दरें निचले लेवल पर हैं, डॉलर में अहम करेंसी के मुकाबले कमजोरी है और कमोडिटी के दाम बढ़ रहे हैं।

चमकी चीन की इकनॉमी

मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम दो फैक्टर में एक चीन भी है जिसकी इकनॉमिक ग्रोथ में उछाल आई है। इसके अलावा इमर्जिंग मार्केट्स के अहम ब्याज दरों में हुई कमी और बाजार में नकदी की उपलब्धता बढ़ाने (Monetary Easing and Liquidity Provisions) के उपायों का असर भी आर्थिक तरक्की की रफ्तार बढ़ाने में कारगर होंगे।

शुरुआती दिक्कतें हुईं दूर

कुछ इमर्जिंग मार्केट्स को कोविड-19 के चलते शुरुआत में दिक्कतें हुईं और उनके सरकारी खजाने में हालात से निपटने लायक रकम भी कम थी। लेकिन हाल के महीनों में चीन को छोड़कर बाकी इमर्जिंग मार्केट्स की आर्थिक तरक्की तेज रही है।

पॉजिटिव हुआ मैन्युफैक्चरिंग PMI

अगस्त में इमर्जिंग मार्केट्स का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (Manufacturing PMI) एक बार फिर से एक्सपैंशन मोड में यानी 50 से ऊपर चला गया। अगले महीने यानी सितंबर में उनका इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन रेट पॉजिटिव हो गया और अक्टूबर में सर्विसेज पीएमआई (Services PMI) विकसित बाजारों के लेवल पर पहुंच गया।

विकसित बाजारों में रहेगी सुस्ती

मॉर्गन स्टैनली की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 के चलते पाबंदियां बढ़ाए जाने से विकसित बाजारों की जीडीपी ग्रोथ दिसंबर क्वॉर्टर में सुस्त रह सकती है। इस बीच इमर्जिंग मार्केट्स की ग्रोथ में बढ़ोतरी बरकरार रह सकती है क्योंकि कोविड-19 का असर कम रहने से टाइट लॉकडाउन का जोखिम कम होगा।

इकनॉमी के लिए अच्छी खबर

इंडिया की GDP ग्रोथ मौजूदा वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में पॉजिटिव हो जाएगी, जबकि मौजूदा तिमाही में डीग्रोथ रेट 1-2 पर्सेंट रह सकता है। यह अनुमान देश की दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने गुरुवार को जारी इकोस्कोप रिपोर्ट में दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कोविड-19 की दूसरी लहर आने की चिंता बनी हुई है लेकिन आर्थिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इससे GDP ग्रोथ मार्च क्वॉर्टर में पॉजिटिव हो जाएगी।