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उम्मीद:अमेरिका में रह रहे विदेशी डॉक्टर्स और नर्स को ग्रीन कार्ड मिलने की संभावना, अमेरिकी संसद में बिल पेश

मुंबई3 वर्ष पहले
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अमेरिकी संसद में बिल पास होने से पहले से वहां काम कर रहे डॉक्टर्स और नर्स को राहत मिलेगी - Dainik Bhaskar
अमेरिकी संसद में बिल पास होने से पहले से वहां काम कर रहे डॉक्टर्स और नर्स को राहत मिलेगी
  • स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाएगा अमेरिका
  • कोविड-19 का वायरस जादुई ढंग से गायब नहीं होगा

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अमेरिकी संसद में कांग्रेस ने एक बिल पेश किया है। इस बिल में हजारों विदेशी नर्सों और डॉक्टर्स को ग्रीन कार्ड देने या स्थानीय कानूनी निवास का दर्जा देने की मांग की गई है। अगर यह बिल पास हो जाता है तो इससे वहां रह रहे हजारों भारतीयों को भी फायदा हो सकता है।

कांग्रेस ने पहले दी थी मंजूरी, लेकिन किसी को नहीं मिला ग्रीन कार्ड

बता दें कि अमेरिका और ब्रिटेन के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देश के लोग काम करते हैं। कोविड-19 ने अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया है। ये बिल कानून बना तो अमेरिका में रह रहे भारतीय डॉक्टर्स और नर्सों को ग्रीन कार्ड देने या स्थानीय कानूनी निवास का अधिकार हासिल हो जाएगा। द हेल्थकेयर वर्कफोर्स रेसिलिएंस एक्ट' से उन ग्रीन कार्ड्स को जारी किया जा सकेगा जिन्हें पिछले वर्षों में कांग्रेस ने मंजूरी दी थी लेकिन उन्हें किसी को दिया नहीं गया।

25,000 नर्सों और 15,000 डॉक्टर्स को जारी किए जाएंगे ग्रीन कार्ड

इस विधेयक से हजारों डॉक्टर्स, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ अमेरिका में स्थाई रूप से काम कर सकेंगे। इस विधेयक से कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान 25,000 नर्सों और 15,000 डॉक्टरों को ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चिकित्सा पेशेवरों की कमी न हो। इस कदम से बड़ी संख्या में उन भारतीय नर्सों और डॉक्टरों को फायदा होने की संभावना है, जिनके पास या तो एच-1बी या जे2 वीजा हैं।

ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर्स और नर्स की भारी कमी है

प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक को सांसद एबी फिनकेनॉर, ब्रैंड श्नीडर, टॉम कोले और डॉन बैकन ने पेश किया। सीनेट में डेविड परड्यू, डिक डर्बिन, टॉड यंग और क्रिस कून्स ने इस विधेयक को पेश किया। कांग्रेस सदस्य फिनकेनॉर ने कहा, 'हम जानते हैं कि यह कोविड का वायरस जादुई ढंग से गायब नहीं होगा। डॉ. एंथनी फॉसी जैसे विशेषज्ञ संक्रमण के दूसरे दौर की चेतावनी दे रहे हैं। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में हालात नाजुक हैं और वहां पहले से ही चिकित्सा पेशेवरों की कमी है।
बुधवार को ट्रंप सरकार ने अपना रूख बदला

इससे पहले बुधवार को ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एक संघीय जिला अदालत से कुछ श्रेणियों में एच-1बी वीजा धारकों के पति/पत्नियों को देश में काम करने की अनुमति बनाए रखने की सिफारिश की है। ट्रंप सरकार पहले इसके खिलाफ थी लेकिन बुधवार को अपना रुख बदलते हुए उसने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की सरकार उस नियम पर रोक न लगाने का अनुरोध किया जिसके तहत एच-1बी वीजा धारकों के पति-पत्नी भी काम कर सकते हैं।

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