सुधार से खुशी:इकनॉमिक ग्रोथ में रिकवरी के टिकाऊ होने पर फॉर्मर RBI गवर्नर राजन को संदेह

नई दिल्ली10 महीने पहले
  • इकनॉमिक रिकवरी का जश्न मनाना जल्दबाजी होगी
  • कोविड19 के चलते हुए लॉकडाउन का असर जानना जरूरी
  • जॉब लॉस का असर मांग पर लंबे समय तक दिखेगा

इंडियन इकनॉमी की ग्रोथ में हालिया रिकवरी (Economic Recovery) के टिकाऊ होने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के फॉर्मर गवर्नर रघुराम राजन को भरोसा नहीं है, हालांकि उन्होंने इसके लिए खुशी जरूर जताई है। मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इकनॉमिक डीग्रोथ (Economic Contraction) उम्मीद से काफी कम महज 7.5% रही थी, जिससे ज्यादातर अर्थशास्त्री हैरान रह गए थे।

जश्न मनाना जल्दबाजी

राजन का कहना है कि इकनॉमिक रिकवरी का जश्न अभी मनाना जल्दबाजी होगी, क्योंकि कोविड-19 के चलते देशभर में लगे लॉकडाउन (Lockdown) का अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा असर हुआ है, उसका पता चलना बाकी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है और इसके चलते जो जॉब लॉस (Job Loss) हुए हैं उसका असर मांग पर लंबे समय तक दिखेगा।

परेशान करेगी इनकम लॉस

फॉर्मर आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, हालिया इकनॉमिक रिकवरी का कारण दबी मांग में आया उभार है, लेकिन उनको इसके टिकाऊ होने पर शक है। राजन का कहना है कि जिन लोगों की नौकरी या रोजगार कोविड-19 को काबू करने के लिए देश भर में लगाए गए लॉकडाउन की भेंट चढ़ गए हैं उनकी इनकम में गिरावट (Income Loss) आएगी।

रिकवरी टिकाऊ होने पर संदेह

राजन ने इकनॉमिक रिकवरी पर खुशी तो जताई है लेकिन उन्होंने इसके टिकाऊ होने पर संदेह जताया है। उन्होंने इकनॉमिक ग्रोथ को मजबूत बनाने में नाकाम रहने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने जरूरत से कम खर्च (Less Expendeture) किया, जिसका असर दूसरे क्वॉर्टर (Q2 GDP Data) के जीडीपी डेटा पर पड़ा है।

सरकार की मंशा सही

उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के पीछे सरकार की मंशा सही है और इसका मकसद किसानों को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों को MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ देती है तो उनको बाजारी प्रतिस्पर्धा (Competition) का भरपूर लाभ मिल सकता है।

प्रतिस्पर्धा से किसानों का फायदा

भले ही किसान नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली में बवाल मचाए हों, लेकिन राजन ने उनके जरिए कृषि उत्पादों के बाजार में बढ़ने वाली प्रतिस्पर्धा को उनके लिए सही बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार को सुधारों की राह पर बढ़ते रहना और किसानों की समस्याएं सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।

मंडियों को मिले सब्सिडी

राजन ने कहा कि सरकार को किसानों और राज्य सरकारों के साथ बातचीत करके मसले का हल निकालना चाहिए। आरबीआई के फॉर्मर गवर्नर ने सरकार को मंडियों को सब्सिडी (subsidy) देने और वहां राज्य सरकारों को होने वाले रेवेन्यू लॉस (Revenue Loss) की भरपाई के ऑप्शन पर गौर करने की सलाह दी।

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