स्वाद की कमाई:बर्गर किंग के IPO को मिला छोटे निवेशकों का साथ, 12 गुना सब्सक्रिप्शन

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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  • IPO को सबसे ज्यादा रेस्पॉन्स खुदरा निवेशकों से मिल रहा है
  • ग्रे मार्केट में शेयर का भाव लगभग डेढ़ गुना चल रहा है
  • मिलेनियल्स पर फोकस दिलाएगी कारोबार को मजबूती

बर्गर किंग इंडिया के आईपीओ को सबसे ज्यादा रेस्पॉन्स खुदरा निवेशकों से मिला है। कल इसके सब्सक्रिप्शन का अंतिम दिन है और तीसरे दिन यानी गुरुवार को खुदरा निवेशकों का कोटा 11.63 गुना सब्सक्राइब हुआ है। सबसे कमजोर रेस्पॉन्स क्यूआईबी (QIB- Qualified Institutional Buyers) से मिला है। दोपहर 12 बजे तक इसको कुल 2.23 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।

स्वाद पर पैसा लगाने की सलाह

बर्गर किंग इंडिया के आईपीओ (IPO- Initial Public Offer) में पैसा लगाने की सलाह सभी ब्रोकरेज हाउस दे रही हैं। आइए जानते हैं कि इसइसके बारे में ब्रोकरेज फर्म्स क्या और क्यों कह रही हैं। एंजेल ब्रोकिंग, आईसीआईसीआई डायरेक्ट, बीपी इक्विटीज, जियोजित सिक्योरिटीज, जीईपीएल कैपिटल, केआर चोकसी सिक्योरिटीज, रेलिगेयर सहित ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म्स इसमें पैसा लगाने की सलाह दे रही हैं।

सबसे तेज इंटरनेशनल QSR ब्रांड

एंजेल ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कारोबार के शुरूआती पाँच साल के दौरान इंडिया में सबसे तेजी से कारोबार का विस्तार करने वाली इंटरनेशनल क्यूएसआर (QSR Quick Service Restaurant) रही है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके पास इंडिया में ब्रांड के एक्सक्लूसिव राइट्स हैं और यह रॉयल्टी के तौर पर आमदनी का सिर्फ 5 पर्सेंट हिस्सा पेरेंट को देगी।

मिलेनियल्स से चलेगी ग्रोथ की चक्की

इससे जुड़ा दूसरा पॉजिटिव फैक्टर यह है कि भारत में इस ब्रांड की पोजिशनिंग युवाओं (Millennials) को देखते हुए की गई है। इस आयु वर्ग के लोगों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है और इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। तीसरी खूबी यह है कि यह वर्टिकली इंटीग्रेटेड (Vertically Integrated) है यानी इसका दखल अपने वैल्यू चेन में कमोबेश हर जगह है और यह अपनी सप्लाई चेन को सहूलियत के हिसाब से बढ़ा सकती है। चौथा प्लस प्वाइंट यह है कि इसने अपना मेन्यू इंडियन टेस्ट (Indian Taste) के मुताबिक बनाया है।

कोविड19 बिगाड़ सकती है जायका

लेकिन निवेशकों को पैसा लगाते वक्त कोविड19 के चलते कस्टमर प्रेफरेंस (Customer Preference) में होने वाले बदलाव के बारे में भी सोचना होगा। कोरोना वायरस के कहर के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान रेस्तरां का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ जो शॉर्ट टर्म रिस्क (Short Term Risk) माना जा सकता है। इसके अलावा, मास्टर फ्रेंचाइजी और डिवेलपमेंट एग्रीमेंट खत्म होने का इसके कारोबार पर गहरा असर होगा।

वाजिब भाव पर मिल रहा है शेयर

एंजेल ने कंपनी की तरफ से शेयरों के लिए मांगी जा रही कीमत को (एंटरप्राइज वैल्यू और सेल्स के अनुपात के हिसाब से) वाजिब बताया है। उसका कहना है कि इसके मुकाबले डोमिनो पिज्जा (Dominos Pizza) बेचने वाली जुबिलिएंट फूडवर्क्स के शेयर बाजार में चार गुना भाव पर बिक रहे हैं। जहां तक मैक्डॉनल्ड (Mcdonald's) की चेन चलाने वाली वेस्टलाइफ डिवेलपमेंट की बात है तो उसके शेयर इसके तीन गुना हैं।

2026 तक 700 रेस्तरां खोलने का प्लान

आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक बर्गर किंग इंडिया ने 2026 तक देशभर में 700 रेस्तरां खोलने का प्लान बनाया है। आईपीओ के जरिए शेयरों की बिक्री से मिलने वाले पैसा 2023 तक 190 रेस्तरां खोलने के लिए काफी होगा। स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) जैसी फूड डिलीवरी कंपनियों के विस्तार से कंपनी के बिजनेस में डिलीवरी और टेक आउट (छोटे रेस्तरां से काम चला सकेगी, जिससे कॉस्ट घटेगी) का कंट्रिब्यूशन बढ़ेगा जो काफी फायदेमंद होगा।