विवाद में माफी:फ्रैंकलिन टेम्पल्टन ने सेबी पर लगाए आरोप, सेबी ने कहा पैसा लौटाओ, फ्रैंकलिन ने बिना शर्त माफी मांगी

मुंबई2 वर्ष पहले
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  • फ्रैंकलिन टेंपल्टन ने जिन 6 स्कीम्स को बंद किया था उनका एयूएम 28,000 करोड़ के करीब था
  • निवेशकों को इन डेट स्कीम्स में फंसे पैसों का भुगतान करने में कंपनी को समय लगेगा

पूंजी बाजार नियामक सेबी और म्यूचुअल फंड कंपनी फ्रैंकलिन टेंपल्टन के बीच विवाद ने जोरदार रूप ले लिया। हालात यहां तक पहुंच गए कि फ्रैंकलिन टेम्पल्टन को सार्वजनिक रूप से बिना शर्त सेबी से माफी मांगनी पड़ी। हालांकि इसके बाद भी मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है।  

सेबी ने गुरुवार को कहा, तुरंत पैसा लौटाओ

दरअसल फ्रैंकलिन टेंपल्टन की ग्लोबल प्रेसीडेंट जेनिफर जान्सन ने कल एक कांफ्रेंस कॉल में विश्लेषकों से कहा कि सेबी के एक नियम की वजह से उसे 6 स्कीम्स बंद करनी पड़ी। जैसे ही यह खबर आई, सेबी ने कल शाम को ही एक सर्कुलर जारी किया और कहा कि निवेशकों का पैसा फ्रैंकलिन तुरंत वापस करे। सेबी के इस सर्कुलर ने फ्रैंकलिन टेम्पल्टन को एक तरह से चेतावनी दी थी। इसका असर यह हुआ कि सुबह होते-होते फ्रैंकलिन ने फिर एक बयान जारी किया और सेबी से बिना शर्त माफी मांग लिया। फंड हाउस ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर कहा कि हमें किसी भी गैर इरादतन मामूली बात का गहरा अफसोस है। हमने सेबी को हमेशा ही मान सम्मान दिया है। अगर सेबी को इससे कोई नुकसान होता है तो हम बिना शर्त इसके लिए माफी मांगते हैं।

हमारे बयान को मीडिया ने बदल दिया- फ्रैंकलिन

फंड हाउस ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि भारत में कुछ मीडिया आउटलेट्स ने जॉनसन को आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट कोट किया है। इससे उनके कमेंट के अर्थ को बदल दिया गया। फंड हाउस ने कहा कि छपे हेडलाइंस और आर्टिकल्स से यह लगता है कि जॉनसन ने कहा कि अनलिस्टेड सेक्युरिटी पर सेबी के दिशा-निर्देश स्कीम्स को बंद करने के फैसले का मुख्य कारण हैं। लेकिन ऐसा नहीं कहा गया था। यह गलत है।

कॉफ्रेंस कॉल में ऐसी बातों का कोई प्रमाण नहीं

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा, यह न तो तथ्यात्मक रूप से सही है, न ही कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान की गई टिप्पणियों से प्रमाणित है। हालांकि इस माफी के बाद भी सेबी फंड हाउस को माफ करेगा या आगे क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी तक तय नहीं है। लेकिन सेबी के सर्कुलर पर जिस तरह फ्रैंकलिन म्यूचुअल फंड को खुलेआम माफी मांगनी पड़ी है, उससे भविष्य में फिर ऐसी गलती फंड हाउस नहीं कर पाएंगे।

क्या है विवाद का मामला

दरअसल फ्रैंकलिन टेम्पल्टन ने 24 अप्रैल को अपनी डेट की 6 स्कीम्स को बंद कर दिया था। इसका मतलब कि न तो निवेशक पैसे निकाल सकते हैं और न ही पैसे लगा सकते हैं। स्कीम्स के बंद होने से निवेशकों का करीबन 28,000 करोड़ रुपए फंस गए हैं। गुरुवार को फ्रैंकलिन की प्रेसीडेंट ने कॉफ्रेंस कॉल में यह कहा कि अक्टूबर 2019 में सेबी के एक नियम से स्कीम्स बंद करनी पड़ी। जिसके बाद सेबी ने शुक्रवार को फ्रैंकलिन से कहा कि निवेशकों का तुरंत पैसा वापस करे। इसी के बाद यह माफी आई है।

सेबी ने क्या कहा

सेबी ने कहा कि फ्रैंकलिन टेंपल्टन 25,000 करोड़ रुपए से अधिक की परिसंपत्ति वाली अपनी छह डेट स्कीम्स बंद करने के बाद निवेशकों को जल्द से जल्द धन लौटाने पर ध्यान दे। सेबी ने कहा कि कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स अभी भी उच्च जोखिमों वाली और अपारदर्शी डेट सिक्योरिटीज में निवेश कर रही हैं। सेबी ने कहा कि नियामक ढांचे की समीक्षा करने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उसमें संशोधन किए जाने के बावजूद ऐसा किया जा रहा है।

सेबी का नियम क्या था

नियम के तहत सेबी ने अक्टूबर 2019 में सभी म्यूचुअल फंड्स के लिए अनिवार्य कर दिया था कि वो अनलिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (एनसीडी) के कुल पूंजी का 10 फीसदी पर कैप लगाएं। बता दें कि अप्रैल में फ्रैंकलिन टेंपल्टन ने अपनी 6 डेट स्कीम्स को बंद कर दिया था। इस स्कीम्स में निवेशकों के पैसे फंसे हैं। हालांकि फ्रैंकलिन अभी भी निवेशकों को पैसे वापस करने के लिए कह रहा है।

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