पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

छिना ताज:RIL नहीं रही निफ्टी की सबसे वजनदार कंपनी, मई के बाद फिर से नंबर वन हो गया HDFC बैंक

14 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • निफ्टी में RIL का वेट सोमवार को 9.82% रह गया था
  • HDFC बैंक का वेट RIL से ज्यादा 10.11% हो गया था

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री (RIL) का वजन फिर से हल्का हो गया है। बात देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में इसके वेट की है। सोमवार को निफ्टी में इस कंपनी का वेट सिंगल डिजिट यानी 9.82% रह गया था। हालांकि, मंगलवार को यह फिर डबल डिजिट में 10.08% पर आ गया। निफ्टी में अब सबसे ज्यादा वेट देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर लेंडर HDFC बैंक का हो गया है। बुधवार को BSE पर RIL का शेयर 0.90% की गिरावट के साथ 1,939.10 रुपये जबकि BSE पर 1.08% की कमजोरी के साथ 1,936.00 रुपये पर रहा।

NSE निफ्टी में 15% तक चला गया था RIL का वजन

एक समय NSE के बेंचमार्क इंडेक्स में RIL का वजन 15% तक चला गया था। 2020 की शुरुआत तक RIL से पहले निफ्टी में सबसे ज्यादा वजनदार HDFC बैंक ही था। दरअसल, कोविड-19 के चलते लॉकडाउन लगने पर बैंकिंग सेक्टर में बैड लोन बढ़ने के डर से निवेशक RIL में शिफ्ट हो गए थे। बैंक का वेट मई के बाद पहली बार सोमवार को RIL से ज्यादा 10.11% हो गया था। मार्केट एनालिस्टों के मुताबिक, RIL के वेट में कमी और HDFC बैंक के वजन में बढ़ोतरी बताती है कि कोविड-19 के टीके के चलते इकनॉमिक ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद पर निवेशक साइकलिकल शेयरों का रुख कर रहे हैं।

RIL को टॉप पर पहुँचने में लगभग एक दशक लगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज को टॉप पर पहुँचने में लगभग एक दशक लग गया। इसमें बड़ा हाथ अप्रैल से सितंबर के बीच उसके शेयरों के दाम में 169% की उछाल का रहा। शेयरों में रैली को पूंजी जुटाने की कवायद और ईकॉमर्स पोर्टल जियोमार्ट की लॉन्चिंग का बड़ा सपोर्ट मिला। कंपनी ने अप्रैल से सितंबर के बीच डिजिटल बिजनेस जियो प्लेटफॉर्म्स और रिटेल फर्म रिलायंस रिटेल वेंचर्स में हिस्सेदारी बेचकर दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए थे। कई बार ऐसा हुआ कि यह शेयर निफ्टी को अकेले थामे रहा और मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान इंडेक्स में आधी रैली इसके नाम रही।

फेसबुक, एपल, अमेजन, नेटफ्लिक्स, गूगल से होने लगी थी तुलना

निवेशक रिलायंस इंडस्ट्रीज के फ्यूचर प्लान से इतने अभिभूत हो गए थे कि इसकी तुलना FAANG (फेसबुक, एपल, अमेजन, नेटफ्लिक्स और गूगल) से की जाने लगी थी। कंपनी के शेयरों में तेजी 11 सितंबर 2360 रुपये के ऑल टाइम हाई तक जाने के बाद से पलटी। तब से यह 18% नीचे आ चुका है जबकि इस दौरान निफ्टी 27% मजबूत हुआ है। अमेजन के चलते फ्यूचर ग्रुप का रिटेल और होलसेल बिजनेस खरीदने की इसकी योजना अटक गई। टेलीकॉम बिजनेस में रिलायंस जियो की ग्रोथ थमने और भारती एयरटेल में स्ट्रॉन्ग रिबाउंड दिखाने वाले आंकड़ों ने भी शेयर पर दबाव बनाया है।

जियोमार्ट के विस्तार पर होगी निवेशकों की नजर

RIL को सबसे वजनदार कंपनी बनने के लिए 2020 में दिखाई उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। RIL से तीन साल के दौरान निफ्टी कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ में 40% योगदान की उम्मीद की जा रही है। निवेशकों की नजर सात महीने पहले लॉन्च हुए कंपनी के ईकॉमर्स बिजनेस जियोमार्ट के विस्तार पर भी होगी, जिसमें कंपनी को हाल में दिक्कत हो रही थी। ब्रोकरेज फर्म CLSA का मानना है कि कंपनी जियोमार्ट के जरिए मल्टीचैनल ऑफरिंग में सुधार के कदम उठा सकती है। 5G को लेकर अपनी तैयारी दिखाकर अपनी टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी को मजबूत बना सकती है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- दिन उत्तम व्यतीत होगा। खुद को समर्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे। अपने पारिवारिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन करने में सक्षम रहेंगे। आप कुछ ऐसे कार्य भी करेंगे जिससे आपकी रचनात्मकता सामने आएगी। घर ...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser