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मार्केट:चौथी तिमाही में मुनाफे से यस बैंक के निवेशकों का उत्साह बढ़ा, शेयरों में 20% तक का उछाल, ऑलटाइम हाई से अभी भी 92.98% पीछे

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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इसी साल मार्च में यस बैंक में नकदी की कमी हो गई थी। इस कारण से आरबीआई ने यस बैंक पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए थे। - Dainik Bhaskar
इसी साल मार्च में यस बैंक में नकदी की कमी हो गई थी। इस कारण से आरबीआई ने यस बैंक पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए थे।
  • इस साल में बैंक के शेयर 39.40 फीसदी लुढ़के, अप्रैल में 24.28 फीसदी की रिकवरी
  • 6296.94 करोड़ रुपए राइट ऑफ करने से 2629 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ

वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में मुनाफे से यस बैंक के निवेशकों का उत्साह बढ़ गया है। यही कारण है कि गुरुवार को बैंक के शेयरों में बीएसई में इंट्रा-डे में 20 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया। बैंक के शेयर 31.60 रुपए प्रति शेयर तक पहुंच गए। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर नहीं रह सकी और शेयर का भाव कम हो गया। दोपहर करीब 1 बजे बैंक के शेयर 8.16 फीसदी की तेजी के साथ 28.50 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं।

इस साल यस बैंक के शेयर 39.40 फीसदी तक लुढ़के
यस बैंक के शेयर इस साल अब तक 39.40 फीसदी तक लुढ़क चुके हैं। अप्रैल महीने में बैंक के शेयरों में 24.28 फीसदी की रिकवरी दर्ज की गई है। हालांकि, बैंक के शेयर अपने ऑल टाइम हाई स्तर (18 अगस्त 2018) 404 रुपए प्रति शेयर के मुकाबले 92.98 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। इस समय बीएसई में बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 35,643 करोड़ रुपए के करीब है।

एडिशनल टियर-1 बॉन्ड की वजह से चौथी तिमाही में मुनाफा

यस बैंक को वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में 2629 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। यह मुनाफा राहत योजना के तहत मिली मदद की वजह से हुआ है। दरअसल, बैंक को एडिशनल टियर-1 बॉन्ड की वजह से 6296.94 करोड़ रुपए की राशि को राइट ऑफ करने की छूट मिली थी। इस कारण यह रकम बैंक के बहीखाते से हट गई और चौथी तिमाही में मुनाफा हुआ। यदि ऐसा नहीं होता तो बैंक को 3668 करोड़ रुपए को घाटा होता।

पूरे वित्त वर्ष में 16,418 करोड़ रुपए का घाटा
यस बैंक की ओर से बाजारों को दी गई जानकारी में कहा गया है कि उसे वित्त वर्ष 2020 में 16,418 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक को 1720.27 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। बैंक का 63 फीसदी निवेश नॉन-परफॉर्मिंग निवेश में बदल चुका है। वित्त वर्ष 2020 के दौरान बैंक का कुल एनपीए बढ़कर 32788.59 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है जो उसके कुल कर्ज वितरण का 16.8 फीसदी है।

आरबीआई ने 6 मार्च को लगाए थे कई प्रतिबंध
नकदी की कमी मने आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 मार्च को यस बैंक पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। इससे बैंक के शेयर अचानक गिर गए थे और निवेशकों के साथ खाताधारकों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था। इसके बाद आरबीआई ने 13 मार्च को राहत प्लान घोषित किया। इस प्लान के तहत यस बैंक लिमिटेड रीकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020 जारी की गई थी। इस स्कीम के तहत एसबीआई समेत कई बैंकों ने यस बैंक में 10 हजार करोड़ रुपए की पूंजी का निवेश किया था।