कोरोनावायरस का असर:देश के  प्रमुख बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग में 18% की गिरावट, अप्रैल से जुलाई तक की अवधि  में घटकर 19.3 करोड़ टन पर आई

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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12 प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांदला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (पुराना नाम एन्नोर), वीओ चिदंबरनार, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं - Dainik Bhaskar
12 प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांदला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (पुराना नाम एन्नोर), वीओ चिदंबरनार, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं
  • अप्रैल-जुलाई 2019 में 12 प्रमुख बंदरगाहों ने कुल 23.601 करोड़ टन कार्गो हैंडल किया था
  • केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले इन बंदरगाहों पर जुलाई में लगातार चौथे माह कार्गो हैंडलिंग घटी है

कोरोनावायरस और लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया है, इसे देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों के कार्गो हैंडलिंग से समझा जा सकता है। इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) के मुताबिक अप्रैल से जुलाई तक की अवधि में इन बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग 18.06 फीसदी घटकर 19.338 करोड़ टन दर्ज की गई। पिछले साल अप्रैल से जुलाई तक की अवधि में इन बंदरगाहों ने कुल 23.601 करोड़ टन कार्गो हैंडल किया था।

इन 12 बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांदला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (पुराना नाम एन्नोर), वीओ चिदंबरनार, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं। इनका नियंत्रण केंद्र सरकार करती है। जुलाई में लगातार चौथे माह इन बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग घटी है।

मोर्मुगाव को छोड़ बाकी सभी बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग गिरी

अप्रैल-जुलाई अवधि में मोर्मुगाव को छोड़कर बाकी सभी बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग गिरी है। चेन्नई, कोच्चि और कामराजार बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग 30 फीसदी से ज्यादा गिरी। जेएनपीटी और कोलकाता बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग 20 फीसदी से ज्यादा घटी।

देश का 61% कार्गो ट्रैफिक हैंडल करते हैं ये 12 बंदरगाह

केंद्र सरकार के ये 12 प्रमुख बंदरगाह देश का 61 फीसदी कार्गो ट्रैफिक हैंडल करते हैं। कारोबारी साल 2019-20 में इन बंदरगाहों ने कुल 70.5 करोड़ टन कार्गो ट्रैफिक हैंडल किया था। कोरोनावायरस महामारी फैलने के बाद कंटेनर्स, कोयला और पोल (पेट्र्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट) की हैंडलिंग में भारी गिरावट आई है।

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