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बिजनेस राउंडअप / जीएसटी रजिस्ट्रेशन में छूट से 20 लाख कारोबारियों को लाभ: देवांग्शु दत्ता



देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड। देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड।
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देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड।देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 09:58 AM IST

मुंबई. कमजोर आर्थिक आंकड़ों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिक्री के चलते रुपया पिछले हफ्ते डॉलर के मुकाबले गिरकर 70.38 पर आ गया। नवंबर में औद्योगिक उत्पादन में सिर्फ 0.5% बढ़ोतरी हुई। यानी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में कमी आई है। सीएसओ ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.4% से घटाकर 7.2% किया है। दिसंबर में गाड़ियों की बिक्री कम रही है। डीलरों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों से डिमांड में कमी आई है। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई दिसंबर में बढ़ी तो है लेकिन इसकी रफ्तार कम हुई है। जीएसटी काउंसिल ने छोटी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने का फैसला किया है। इससे करीब 20 लाख कारोबारियों को राहत मिल सकती है। 

 

इन्फोसिस के रेवेन्यू गाइडेंस को लेकर निवेशक सकारात्मक 
इन्फोसिस ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफे में 29.62% गिरावट की जानकारी दी है। सितंबर तिमाही की तुलना में मुनाफा 12.2% कम हुआ है। हालांकि दिसंबर तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही है। यह 20.3% बढ़कर 21,400 करोड़ रुपए हो गई। सितंबर तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू 3.8% बढ़ा है। डॉलर के लिहाज से देखें तो रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.1% और तिमाही आधार पर 2.7% बढ़ा है। मुनाफे में गिरावट की वजह है पनाया और स्कावा। इनके एसेट अलग करने से कंपनी का प्रॉफिट 539 करोड़ रुपए घट गया। निवेशक रेवेन्यू गाइडेंस को लेकर सकारात्मक हैं। 

 

टीसीएस का ऑपरेटिंग मार्जिन घटने से निवेशक निराश 
भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने अब तक का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है, इसके बावजूद निवेशक निराश हैं। दिसंबर तिमाही में इसने 8,105 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। रेवेन्यू 20.8% बढ़कर 37,338 करोड़ हो गया। यह 14 तिमाही में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। डॉलर के लिहाज से देखें तो रेवेन्यू 12.1% बढ़ा है। सितंबर तिमाही के मुकाबले इसमें 1.8% ग्रोथ रही। ऑपरेटिंग मार्जिन 0.9% से 25.6% रह गया है। यह निवेशकों के लिए निराशा का बड़ा कारण है। इस वजह से नतीजे के दिन शेयरों में गिरावट भी आई थी। हालांकि कंपनी ने गाइडेंस में कहा है कि पूरे साल में इसकी ग्रोथ 10% से अधिक रहेगी। 

 

गृह फाइनेंस की ज्यादा वैल्यू से बंधन बैंक के शेयर लुढ़के 
बंधन बैंक ने गृह फाइनेंस लिमिटेड को खरीदने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद बैंक के शेयर सोमवार को 6% लुढ़क गए। विलय के लिए गृह फाइनेंस के 5 शेयरों के बदले बंधन बैंक के 2.84 शेयर मिलेंगे। माना जा रहा है कि बंधन बैंक ने इसके लिए ऊंची वैलुएशन लगाई है। उसने प्रमोटर की हिस्सेदारी कम करने यह कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने इस मसले को लेकर बैंक पर कुछ बंदिशें लगा रखी हैं। डील फाइनल होने पर बंधन बैंक में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 82.30% से 61% रह जाएगी। रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक हिस्सेदारी घटाकर 40% पर लानी है। गृह फाइनेंस में एचडीएफसी की 57.8% हिस्सेदारी थी।

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