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आया खरीदारी का वक्त:एसी, फ्रिज, पंखे मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में महंगे हो सकते हैं; कच्चे माल में महंगाई का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां

6 महीने पहले
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  • अप्रैल में दाम बढ़ने की संभावना के चलते मार्च के अंत तक कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की बिक्री में बढ़ोतरी शुरू हुई थी
  • ज्यादातर कंपनियों ने जनवरी के पहले हफ्ते में 4-8% तक बढ़ाए थे दाम, दिसंबर 2020 के अंतिम दिनों में तेज हो गई थी बिक्री

फ्रिज, एसी, पंखे और बिजली-बत्ती वगैरह की कीमतें इस महीने के अंत में या अगले महीने की शुरुआत में बढ़ सकती हैं। यह बात दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में कही है। उसके मुताबिक, कंज्यूमर ड्यूरेबल प्रॉडक्ट कंपनियां कच्चे माल के दाम में बढ़ोतरी का बोझ कस्टमर पर डाल सकती हैं।

एसी, फ्रिज के दाम बढ़ाने से परहेज कर सकती हैं कुछ कंपनियां
लेकिन कुछ कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां एसी, फ्रिज के दाम बढ़ाने से परहेज कर सकती हैं क्योंकि वे पहले ही प्राइस हाइक का एक दौर चला चुकी हैं। वोल्टास के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी एसी के दाम पहले ही बढ़ा चुकी है।

कच्चे माल के दाम में हालिया बढ़ोतरी के चलते कई तरह के व्हाइट गुड महंगे हुए हैं। लेकिन ग्राहकों की दबी मांग निकलने और गर्मियों के सीजन देखते हुए की मांग अच्छी खासी रह सकती है। वोल्टास के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को इंपोर्ट सीमित रखने और लोकल सोर्सिंग बढ़ाने की कोशिशों से मार्जिन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

एसी और फ्रिज जैसे कूलिंग प्रॉडक्ट की बिक्री में उछाल आने की उम्मीद

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कंज्यूमर ड्यूरेबल्स प्रॉडक्ट की खुदरा बिक्री इस महीने अब तक खास बढ़ी नहीं है। लेकिन डीलर्स एसी और फ्रिज जैसे कूलिंग प्रॉडक्ट की बिक्री में उछाल आने की उम्मीद कर रहे हैं। अप्रैल में दाम बढ़ने की संभावना के चलते मार्च के अंत तक उनकी बिक्री बढ़ना शुरू हो सकता है। कुछ ऐसी ही स्थिति दिसंबर 2020 के अंतिम दिनों में बनी थी।’ ज्यादातर कंपनियों ने जनवरी के पहले हफ्ते में कई प्रॉडक्ट के दाम 4-8 पर्सेंट तक बढ़ाए थे।

इंडस्ट्री ट्रेंड के हिसाब से दाम बढ़ा सकती है लॉयड ​​​​​​

दिग्गज कंज्यूमर ड्यूरेबल ब्रांड लॉयड के सीईओ शशि अरोड़ा ने कहा कि कॉपर का दाम पिछले एक साल में बढ़कर लगभग डेढ़ गुना हो चुका है। इसके अलावा प्लास्टिक और स्टील का भी दाम बढ़ा है।कंपनी ने जनवरी में एसी के दाम बढ़ाए थे लेकिन कच्चे माल के दाम में हालिया महंगाई से उसकी भरपाई नहीं हो पा रही है। अगर कच्चे माल की लागत में कमी नहीं आई तो कंपनी आने वाले महीनों में इंडस्ट्री ट्रेंड के हिसाब से दाम बढ़ा सकती है। प्राइस हाइक 3 से 4 % की रेंज में हो सकता है।

प्राइस हाइक के पहले होने वाली खरीदारी से लिस्टेड कंपनियों को ज्यादा फायदा

ब्रोकरेज हाउस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस महीने प्रॉडक्ट के दाम बढ़ाए जाने पर कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की आमदनी इस तिमाही में बढ़ सकती है। अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर का सप्लाई चेन नेटवर्क पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटा है, इसलिए प्राइस हाइक के पहले होने वाली खरीदारी से लिस्टेड कंपनियों को ज्यादा फायदा होगा।

पंखे बनानेवाली कंपनियां बढ़ी लागत का बोझ आसानी से कस्टमर पर डाल देती हैं

ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि ज्यादातर कंपनियां जरूरत के मुताबिक दाम बढ़ाने की स्थिति में हैं। उसके मुताबिक पंखे और बिजली-बत्ती बनानेवाली कंपनियां कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी का बोझ कस्टमर पर डाल सकती हैं। दरअसल, दूसरे कंज्यूमर ड्यूरेबल प्रॉडक्ट के मुकाबले ये सस्ते होते हैं और इनकी रिप्लेसमेंट डिमांड ज्यादा रहती है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने पर ये कंपनियां महीने डेढ़-महीने बाद दाम बढ़ा ही देती हैं।

कॉम्पिटिशन के चलते व्हाइट गुड कंपनियों को दाम बढ़ाने में होती है दिक्कत

दाम और जरूरत के हिसाब से व्हाइट गुड की खरीदारी टाली जा सकती है। ऐसे में कच्चा माल महंगा होने पर उसका बोझ कस्टमर पर डालने में व्हाइट गुड कंपनियों को दिक्कत होती है। इसके अलावा उनके कारोबार में कॉम्पिटिशन भी ज्यादा होता है। इससे उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव ज्यादा होता है।

कोविड-19 से पहले बड़े ब्रांड्स ने डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी आने और इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी होने के बावजूद दाम बढ़ाने से खुद को रोके रखा था। इसके चलते बहुत सी कंपनियों का मार्जिन पीक लेवल से नीचे आ गया था।

जनवरी-फरवरी में फ्रिज को छोड़ दूसरे कंज्यूमर ड्यूरेबल कैटेगरी की बिक्री कम रही थी

ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक दिसंबर तिमाही के अंत में खरीदारी बढ़ने के चलते जनवरी में कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों का इनवेंटरी लेवल 50 दिन के आसपास पहुंच गया था। मतलब उनका स्टॉक लगभग 50 दिन की सेल्स के बराबर हो गया था।

पंखे और दूसरे इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज की बिक्री जनवरी और फरवरी में एकसमान रही लेकिन फ्रिज को छोड़ दूसरे कंज्यूमर ड्यूरेबल कैटेगरी की बिक्री कम रही थी। हालांकि मार्च के शुरुआती दिनों में एसी की बिक्री बढ़ना शुरू हुआ है और कंपनियों के पास फिलहाल इसका 40-45 दिन का स्टॉक है।

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