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इस साल शेयरों में भारी उछाल:अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जोखिम, विश्लेषकों ने कहा काफी महंगे हैं शेयर

मुंबई2 दिन पहले
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  • गौतम अडाणी की नेटवर्थ मुकेश अंबानी की नेटवर्थ के करीब है
  • अडाणी दुनिया में 14 वें नंबर के सबसे अमीर बिजनेसमैन हैं

अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी भले ही एशिया में दूसरे अमीर बिजनेसमैन बन गए हों, लेकिन उनकी कंपनियों के शेयरों में भारी जोखिम दिख रहा है। गौतम अडाणी की संपत्ति उनके कंपनियों के शेयर में आई तेज उछाल के कारण बढ़ी है इससे उनकी नेटवर्थ मुकेश अंबानी के करीब पहुंच गई है।

यह साल अडाणी के लिए जबरदस्त साबित हुआ है

वर्ष 2021 बिजनेसमैन गौतम अडाणी के लिए जबरदस्त साबित हुआ है। अडाणी की कंपनियों के शेयर में वर्ष 2021 में जोरदार तेजी दिखी है। इससे गौतम अडाणी की संपत्ति इस साल करीब 3.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई और वे एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, गौतम अडाणी की कुल संपत्ति 5.60 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

अडाणी टोटल गैस के शेयर इस साल 33 गुना चढ़े हैं

अडाणी टोटल गैस के शेयर इस साल 33 गुना चढ़े हैं। वहीं, अडाणी इंटरप्राइजेज के शेयर 23 गुना उछले हैं और अडाणी ट्रांसमिशन के शेयर में अब तक 26 गुना की तेजी दर्ज की गई है। अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में जो इतनी तेज उछाल आई है, उसमें काफी जोखिम छिपा है। इसी शेयर की बदौलत अडाणी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और यहां तक की दुनिया के सबसे बड़ा निवेशक और बर्कशायर हैथवे के मालिक वॉरेन बफे से भी तेजी से बढ़े है।

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के मुताबिक, एलारा इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड, APMS इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड, अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, LTS इन्वेस्टमेंट और एशिया इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ने अपने 90% असेट्स अडाणी ग्रुप की कंपनियों में लगाए हैं।

तीन कंपनियों के शेयर ओवरवैल्यूड हैं

Bloomberg इंटेलिजेंस एनालिस्ट गौरव पतनकर और नितिन चांडुका ने अपने नोट में कहा कि टेक्निकल इंडिकेटर्स को देखने के बाद पता चलता है कि अडाणी ग्रुप की कंपनियों खासकर इन तीन कंपनियों के शेयर ओवरवैल्यूड और एक्सटेंडेड हैं। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के एनालिस्ट्स ने कहा कि अडाणी ग्रुप की इन तीनों कंपनियों के ऐसेट्स में मॉरीशस की कुछ कंपनियों की हिस्सेदारी 95% से अधिक है। इन कंपनियों में ऑनशोर शेयरहोल्डिंग यानी देश के लोगों और फंड मैनेजर्स की न के बराबर हिस्सेदारी है।

बड़े निवेशक दूर रहते हैं

इस पोजीशन के कारण ही बड़े निवेशक अडाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश से बचते हैं, क्योंकि शेयरहोल्डिंग का ऐसा कंसेन्ट्रेटेड पोजीशन अनफेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो को दिखाता है। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के एनालिस्ट्स ने कहा अडाणी ग्रुप की कंपनियों में विदेशी फंड मैनेजर्स के पास शेयर का बड़ा हिस्सा है, जिससे पब्लिक में फ्लोटेड शेयर्स की संख्या बहुत कम हो जाती है और इसके स्टॉक्स में उठापटक की आशंका हमेशा बनी रहती है।

MSCI ने अडाणी ग्रुप की 3 और कंपनियों को शामिल किया है

इसके अलावा MSCI ने अपने इंडिया बेंचमार्क इंडेक्स में अडाणी ग्रुप की 3 और कंपनियों को शामिल किया है, जिससे अब इस इंडेक्स में अडाणी ग्रुप की 5 कंपनियां हो गई हैं। इस वजह से MSCI इंडिया इंडेक्स को ट्रैक करने वाले इंवेस्टर्स के लिए अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर को खरीदना अनिवार्य हो जाता है, जिससे इसके शेयर में और उछाल आता है। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के विशेषज्ञों का कहना है कि अडाणी ग्रुप की कंपनियों के स्टॉक्स ओवर-वैल्यूड हैं। इनके शेयर अपने 200 दिनों के डेली मूविंग एवरेज (DMA) से 150% से लेकर 200% तक ऊपर ट्रेड कर रहे हैं।