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ट्रंप ने लोकल के फेवर में बदला था नियम:अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी पाना फिर हुआ आसान, H1-B वीजा नियम में बदलाव का पुराना प्रस्ताव खारिज

3 महीने पहले
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जो स्टूडेंट अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद शुरुआती नौकरी वहीं करना चाहते हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। ट्रंप सरकार ने नौकरी के लिए H-1B वीजा पाने के नियमों में बदलाव करने का जो प्रस्ताव दिया था, उसे अमेरिका की एक अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले से भारत सहित कई देशों के फ्रेश ग्रेजुएट्स को अमेरिका में नौकरी पाने में आसानी होगी।

ट्रंप ने स्थानीय नागरिकों को ज्यादा मौके दिलाने की बात कही थी

प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के मौके बढ़ाने के मकसद से H-1B वीजा नियमों में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया था। ट्रंप सरकार ने तय किया था कि इस वीजा के लिए लॉटरी निकालने के बजाय ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों के लिए एप्लिकेशन को तरजीह दी जाएगी। इस नियम को तुरंत अदालत में चुनौती दी गई थी।

US इंक को था फ्रेश ग्रेजुएट हायर करना मुश्किल हो जाने का डर

अमेरिका का कारोबारी समुदाय इस बात को लेकर शिकायत कर रहा था कि नया रूल लागू होने से फ्रेश ग्रेजुएट्स को हायर करना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि वे नए नियमों के तहत अप्लाई नहीं कर पाएंगे। वहां की यूनिवर्सिटीज का कहना था कि विदेशी स्टूडेंट्स को ग्रेजुएट होने के बाद H-1B वीजा के तहत जॉब नहीं मिलेगी, तो उन्हें पढ़ाई के लिए बुलाना मुश्किल हो जाएगा।

आवेदन के क्रम के आधार पर जारी किए जाते हैं H-1B वीजा

अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स H-1B वीजा से जुड़े नियम में बदलाव को लेकर 2020 में जारी प्रस्ताव के खिलाफ अदालत चला गया था, जिसने इस रूल पर अस्थाई रोक लगा दी थी। शिकायत में कहा गया था कि नए नियम से एमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट का उल्लंघन होता है। उस एक्ट के मुताबिक H-1B वीजा आवेदन के क्रम के आधार पर जारी किया जाता है।

माइक्रोबायोलॉजिस्ट, मेडिकल साइंटिस्ट्स के लिए हो जाता मुश्किल

नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी की स्टडी के मुताबिक, नियमों में बदलाव लागू होने पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट, मेडिकल साइंटिस्ट्स और फिजिसिस्ट्स के लिए भी H-1B वीजा पाना मुश्किल हो जाता। इन प्रोफेशनल्स को जो सैलरी ऑफर की जाती है, वह H-1B वीजा के तहत दी जाने वाली सैलरी लिस्ट में नीचे के दो लेवल के करीब होती है।

अमेरिकी सरकार हर साल जारी करती है 65,000 नए H-1B वीजा

मिडिल स्कूल और हाई स्कूल के लिए H-1B वीजा वाले शिक्षक भर्ती करना भी मुश्किल होता क्योंकि ऐसे लगभग 90% एप्लिकेंट को लेवल 1 या लेवल 2 की सैलरी ऑफर की जाती है। अमेरिकी सरकार हर साल 65,000 नए H-1B वीजा जारी करती है। वहां की मास्टर डिग्री लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए अलग से 20,000 वीजा की व्यवस्था है। आवेदक ज्यादा होने की वजह से वीजा के लिए लॉटरी निकाली जाती है।

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