पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Business
  • China India: Apple Samsung Factories Shifted India | Companies Urge Narendra Modi To Issue Visas To China Engineers

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

वीजा के भरोसे कंपनियां:एपल फोन बनाने वाली फॉक्सकॉन समेत देसी-विदेशी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ीं, मशीनें खड़ी करने के लिए चीनी इंजीनियर्स का इंतजार

नई दिल्ली4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

कई कंपनियां अब चीन में काम नहीं करना चाहतीं। वे वहां से अपना सारा सेटअप बाहर लेकर जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम की वजह से भारत का रुख किया है। कई तो अपनी बड़ी-बड़ी मशीनों के साथ पिछले साल यहां आ चुकी हैं। अब उनके सामने मशीनों के सेटअप की समस्या खड़ी हो गई है। एपल के प्रोडक्ट बनाने वाली फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन के साथ सैमसंग भी ऐसी ही समस्या से जूझ रही हैं। लोकल कंपनी लावा, माइक्रोमैक्स का हाल भी ऐसा ही है।

दरअसल, चीन में इन कंपनियों की मशीनों को वहां के इंजीनियर्स और टेक्नीशियन से सेट किया था। यहां पर इस काम को उनके बिना नहीं किया जा सकता। पिछले साल यहां आ चुकी कंपनियां भी अब तक काम शुरू नहीं कर पाई हैं। ऐसे में इन कंपनियों ने सरकार से चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन को जल्दी वीजा देने का आग्रह किया है। पीएलआई योजना के तहत जिन इंजीनियर्स का चुना गया है उन्हें वीजा जल्दी देने के लिए बीजिंग में इंडियन एंबेसी तेजी से काम कर रही है।

विदेशी कंपनियों को 4000 करोड़ रुपए के माल का प्रोडक्शन करना होगा

पीएलआई स्कीम में एपल और सैमसंग जैसी विदेशी कंपनियों के साथ लोकल कंपनी जैसे लावा और माइक्रोमैक्स के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं। इसमें सालाना इंसेंटिव रेंज 4% और 6% के बीच होगी। पहले फाइनेंशियल ईयर (FY21) में विदेशी कंपनियों को 250 करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी। वहीं, पिछले साल की तुलना में 4,000 करोड़ रुपए के माल का प्रोडक्शन करना होगा। विदेशी कंपनियों द्वारा बनाए गए फोन की इनवॉइस वैल्यू 15,000 रुपए से अधिक होना चाहिए। दूसरी तरफ, भारतीय कंपनियों को 50 करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी। उन्हें पहले साल में 500 करोड़ रुपए के फोन बनाने हैं।

PLI स्कीम में 1.46 लाख करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिल रही

पीएलआई स्कीम के तहत केंद्र सरकार अगले 5 साल के दौरान 1.46 लाख करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। इस योजना के तहत देश में नई यूनिट को स्थापित करने के लिए कंपोनेंट और मशीनरी की जरूरत है। इसका सेटअप चीनी इंजीनियर्स ही कर सकते हैं। हालांकि, कोविड महामारी के चलते इस काम में देरी हो रही है। एक बार चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन इन मशीनों को सेट कर देंगे, तब दो साल के अंदर कंपनियां इन्हें खुद संभालने की स्थिति में आ जाएंगी।

एपल का 70% प्रोडक्शन चीन-ताइवान में, लेकिन चीन से शिफ्ट हो रही

कम्पोनेंट की कंपनी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन के कारण भी इस काम में देरी हो रही है। इंडस्ट्री ने अपने पहले साल के प्रोडक्शन लक्ष्य को दूसरे और तीसरे साल में रोल ओवर करने का आग्रह किया है। एपल ने बताया कि उसका लगभग 70 फीसदी प्रोडक्शन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चर्स द्वारा चीन और ताइवान से होता है। उनकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शिफ्टिंग ताइवान से नहीं, बल्कि चीन से हो रही है।

पीएलआई स्कीम के तहत मिले लक्ष्य को एप्लिकेंट पूरा करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उनमें से कई इसे मार्च 2021 तक पूरा कर लेंगे। वहीं, कई फाइनेंशियल ईयर 2021-22 की शुरुआत तक इस पूरा कर पाएंगे। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने कहा कि जो PLI एप्लिकेंट 31 मार्च, 2021 से पहले निवेश का लक्ष्य पूरा करते हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कई प्रकार की गतिविधियां में व्यस्तता रहेगी। साथ ही सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने में समर्थ रहेंगे। तथा लोग आपकी योग्यता के कायल हो जाएंगे। कोई रुकी हुई पेमेंट...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser