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सिल्वर डिमांड:ऑटो इंडस्ट्री बढ़ाएगी सिल्वर की मांग, 5 साल में निवेशकों की हो सकती है चांदी

मुंबई10 महीने पहले
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  • 30% चांदी दुनियाभर में स्थित खदानों से निकलती है
  • कॉपर, लेड, जिंक आदि का बाइप्रोडक्ट 70% चांदी होती है

इलेक्ट्रिक व्हीकल में जिस पैमाने पर एडवांस टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा रही है, उसके चलते आगामी सालों में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में चांदी की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। इसका सीधा मतलब है कि एक एसेट क्लास के तौर पर चांदी में निवेश शानदार रिटर्न दे सकता है।

प्रति लाइट व्हीकल में चांदी का इस्तेमाल बढ़कर 18-34 ग्राम तक पहुंचा

ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म सिल्वर इंस्टीट्यूट ने हाल ही में ‘सिल्वर्स ग्रोइंग रोल इन दी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री’ नाम की एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल समेत मुकम्मल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में जारी नए ट्रेंड का गहरा विश्लेषण किया गया है। इसके मुताबिक हर हल्के वाहन में फिलहाल मोटे तौर पर 15-28 ग्राम चांदी इस्तेमाल की जाती है। मिड-हाइब्रिड वाहनों में करीब 20% ज्यादा और फुल हाइब्रिड वाहनों में इससे भी अधिक (35% तक ज्यादा) चांदी का इस्तेमाल होता है। ऐसे में प्रति लाइट व्हीकल में चांदी का इस्तेमाल बढ़कर 18-34 ग्राम तक पहुंच गया है।

जितनी एडवांस टेक्नोलॉजी उतनी ज्यादा चांदी की खपत

रिपोर्ट में एक खास ट्रेंड दिखाया गया है, जो सीधे तौर पर इस बात का संकेत है कि आगामी सालों में साल-दर-साल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में चांदी की मांग चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगी। मसल ICE वाहनों के मुकाबले हाइब्रिड व्हीकल्स में चांदी ज्यादा इस्तेमाल होती है। फिर हाइब्रिड व्हीकल्स की तुलना में बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी की अधिक जरूरत पड़ती है और इन सबके मुकाबले सेल्फ ड्राइविंग कारों में चांदी की सबसे ज्यादा खपत होती है।

  • हल्के वाहनों के आईसी इंजन में 15-28 ग्राम चांदी का इस्तेमाल हुआ
  • हाइब्रिड वाहनों में 18-34 ग्राम चांदी का औसत इस्तेमाल हुआ है
  • बैटरी वाली इलेक्ट्रिक कारों में औसतन 25-50 ग्राम चांदी इस्तेमाल की जाती है

लोगों की आय बढ़ने के साथ ही सोने की खपत भी बढ़ेगी

देश में सोने की मांग को लेकर रुझान पलटने वाला है। अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने और रफ्तार पकड़ने से लोगों की आय बढ़ने के साथ ही सोने की खपत भी बढ़ेगी। यह स्थिति पिछले साल के उलट होगी, जब सोने की खपत 26 सालों में सबसे कम हुई थी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की गुरुवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा, जो बीते साल रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं थीं।

आगामी सालों के लिए अनुमान

  • 2,552 टन तक पहुंचेगी 2025 तक वाहनों में चांदी की मांग
  • 1,729 टन रह सकती है इस साल वाहन उद्योग में चांदी की मांग