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सरकार की योजना:BPCL के सब्सिडाइज्ड LPG ग्राहक इंडियन ऑयल और हिन्दुस्तान पेट्रोलयम को ट्रांसफर किए जाएंगे

नई दिल्ली7 महीने पहले
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  • जल्दी ही कैबिनेट से मंजूरी ले सकता है पेट्रोलियम मंत्रालय
  • 3 से 5 साल में पूरी होगी ग्राहक ट्रांसफर की प्रक्रिया

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) में से अपनी 100% प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। अब सरकार ने BPCL के सब्सिडाइज्ड LPG ग्राहकों को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) को ट्रांसफर करने की योजना बनाई है। BPCL के खरीदार की संभावित अड़चन को दूर करने के लिए ग्राहक ट्रांसफर की योजना बनाई गई है।

कैबिनेट से ली जाएगी मंजूरी

सब्सिडाइज्ड LPG ग्राहकों को ट्रांसफर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी ले सकता है। ग्राहकों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी करने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है। वास्तव में सरकारी तेल कंपनियों को सरकार से सब्सिडी की राशि समय पर नहीं मिलती है। कई बार इसमें सालों की देरी होती है। ऑटो फ्यूल्स के प्राइस डी-कंट्रोल करने के बाद अब कुकिंग गैस, केरोसीन और उज्जवला योजना के LPG कनेक्शन पर सब्सिडी दी जाती है। BPCL के पास करीब 7.3 करोड़ LPG ग्राहक हैं।

3 से 5 साल तक BPCL का विभाजित ईकाई का दर्जा मिलेगा

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने 3 से 5 साल तक BPCL को विभाजित ईकाई का दर्जा देने का फैसला किया है। इस कदम से सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री के बाद भी ग्राहकों को सब्सिडी मिलती रहेगी। केंद्र सरकार की 52.98% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 3-4 कंपनियों ने बोली लगाई है। इसमें वेदांता सबसे बड़ी कंपनियों को रूप में उभरकर सामने आई है। वेदांता पहली ऐसी कंपनी है जिसने बोली प्रक्रिया में शामिल होने की बात स्वीकार की है। बोली जमा करने की अंतिम तारीख 16 नवंबर थी।

सरकार पर LPG सब्सिडी का करीब 27,000 करोड़ रुपए बकाया

वित्त वर्ष 2020 के अंत तक सरकार पर LPG सब्सिडी का करीब 27,000 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें IOC, BPCL और HPCL का बकाया औसत 50:25:25 है। माना जा रहा है कि प्राइवेट हाथों में जाने के बाद BPCL के नए ग्राहक सब्सिडी व्यवस्था का विरोध कर सकते हैं। कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020 में BPCL का 425 करोड़ रुपए LPG सब्सिडी के रूप में बकाया है। वित्त वर्ष 2019 में 883 करोड़ रुपए बकाया था।

BPCL के पास चार रिफाइनरी

BPCL के पास देश में चार रिफाइनरी हैं। देश की 250 मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता में BPCL की 15% हिस्सेदारी है। BPCL के पास 17,000 से ज्यादा रिटेल आउटलेट का मजबूत नेटवर्क है। रिटेल मार्केट में BPCL की करीब एक तिहाई हिस्सेदारी है। मौजूदा शेयर प्राइस के मुताबिक, BPCL की हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को करीब 44 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। नवंबर 2019 में BPCL के प्राइवेटाइजेशन के प्रस्ताव के समय सरकारी हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 60 हजार करोड़ रुपए थी।