• Hindi News
  • Business
  • Budget Session Of Parliament Will Be Held Twice, Session Will Start Before January 31

बजट एक फरवरी को:संसद का बजट सत्र दो बार में होगा, 31 जनवरी से पहले सेशन की शुरुआत

8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 पर्सेंट के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया है - Dainik Bhaskar
सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 पर्सेंट के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया है

संसद का बजट सत्र दो बार चलेगा। इसका पहला सेशन 31 जनवरी से शुरू होकर 11 फरवरी तक चलेगा। दूसरी बार यह 14 मार्च से 8 अप्रैल तक चलाया जाएगा।

एक फरवरी को आम बजट

सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण से होगी। राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। कोरोना की तीसरी लहर के बीच इस सेशन में काफी चुनौतियां होंगी।

3.73 लाख करोड़ अतिरिक्त खर्च

जानकारी के मुताबिक, सरकार चालू वित्तवर्ष के दौरान 3.73 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करेगी। इसके लिए राष्ट्रपति ने नियम के तहत मंजूरी दे दी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण तैयारियों का जायजा भी लिया है। संसद के करीब 400 कर्मचारी 9 जनवरी तक कोरोना से संक्रमित थे।

718 कर्मचारी कोरोना के शिकार

पिछले तीन दिन में इसमें बेतहाशा बढ़त दिखी है। पिछले एक महीने में 718 कर्मचारी कोरोना की चपेट में आए हैं। इसमें से 200 कर्मचारी राज्यसभा के हैं। बाकी लोकसभा एवं अन्य विभागों से जुड़े हैं। इस वजह से एक तिहाई एंप्लॉयी को घर से काम करने की मंजूरी दी गई है।

संसद भवन का निरीक्षण

लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को बयान जारी किया था। लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन का निरीक्षण करने के बाद कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि यह तय किया जा रहा है कि गाइडलाइंस के मुताबिक सभी चीजें व्यवस्थित हों। 2022 का बजट मोदी 2.0 सरकार और वित्त मंत्री सीतारमण का चौथा केंद्रीय बजट होगा।

विकास दर दो अंकों में रहने की उम्मीद

इस वित्तीय वर्ष में विकास दर दो अंकों में रहने की उम्मीद है। सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 पर्सेंट के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया है। वित्त मंत्री पहले ही उद्योगों के हितधारकों, वित्तीय क्षेत्रों के लोगों, श्रमिक संघों, कृषकों और प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ बैठकें कर चुकी हैं, जिसके दौरान आयकर स्लैब, डिजिटल सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचे की स्थिति और हाइड्रोजन भंडारण के लिए प्रोत्साहन के बारे में सुझाव दिए गए थे।