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आर्थिक रिकवरी का संकेत:बिजनेस ऑप्टिमिज्म में 57.4% का उछाल, सितंबर तिमाही के मुकाबले दिसंबर तिमाही का इंडेक्स 46.2 पर पहुंचा

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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सितंबर और अक्टूबर में 350 CEO और MD के बीच डन & ब्रैडस्ट्रीट द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक हालांकि सर्विस सेक्टर का ऑप्टिमिज्म सभी पैरामीटर्स में इंडस्ट्र्रियल सेक्टर से कम है, इन पैरामीटर्स में सेल्स, न्यू ऑर्डर, नेट प्रॉफिट, बिक्री मूल्य का स्तर और कर्मचारी शामिल हैं - Dainik Bhaskar
सितंबर और अक्टूबर में 350 CEO और MD के बीच डन & ब्रैडस्ट्रीट द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक हालांकि सर्विस सेक्टर का ऑप्टिमिज्म सभी पैरामीटर्स में इंडस्ट्र्रियल सेक्टर से कम है, इन पैरामीटर्स में सेल्स, न्यू ऑर्डर, नेट प्रॉफिट, बिक्री मूल्य का स्तर और कर्मचारी शामिल हैं
  • त्योहारी सीजन में कंजप्शन मांग बढ़ाने के लिए सरकार और RBI द्वारा उठाए गए कदमों के कारण बिजनेस ऑप्टिमिज्म में बढ़ोतरी हुई है
  • कोरोनावायरस संक्रमित लोगों के एक्टिव मामलों में गिरावट और रिकवरी रेट में सुधार के कारण भी बिजनेस सेंटिमेंट में सुधार हुआ है

त्योहारी सीजन में कंजप्शन मांग बढ़ाने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण देश के बिजनेस ऑप्टिमिज्म में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के एक्टिव मामलों में गिरावट आौर रिकवरी रेट में सुधार के कारण भी बिजनेस सेंटिमेंट में सुधार हुआ है। अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही के लिए डन & ब्रैडस्ट्रीट कंपोजिट बिजनेस ऑप्टिमिज्म इंडेक्स 46.2 पर दर्ज किया गया, जो सितंबर तिमाही के मुकाबले 57.4 फीसदी ऊपर है।

कारोबारी उम्मीद के तिमाही सर्वेक्षण के आधार पर यह इंडेक्स तैयार किया जाता है। ताजा सर्वेक्षण सितंबर और अक्टूबर में किया गया और इसमें 350 CEO और MD से सूचना जुटाई गई। सर्वेक्षण में हालांकि पता चला कि सर्विस सेक्टर का ऑप्टिमिज्म सभी पैरामीटर्स में इंडस्ट्र्रियल सेक्टर से कम है। इन पैरामीटर्स में सेल्स, न्यू ऑर्डर, नेट प्रॉफिट, बिक्री मूल्य का स्तर और कर्मचारी शामिल हैं।

मांग बढ़ने के कारण मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का ऑप्टिमिज्म सुधरा है

डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के ग्लोबल चीफ इकॉनोमिस्ट अरुण सिंह ने कहा कि मांग बढ़ने के कारण मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के ऑप्टिमिज्म में सुधार हुआ है, क्योंकि अनलॉक 4.0 और 5.0 के तहत ज्यादा आर्थिक गतिविधियों पर से पाबंदी हटा ली गई है। उन्होंने कहा कि फेस्टिव सीजन के दौरान RBI और सरकार द्वारा खपत मांग बढ़ाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण भी ऑप्टिमिज्म सुधरा है। इसके अलावा केंद्र सरकार के कैपेक्स के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित कर और राज्यों को ब्याज मुक्त कैपेक्स लोन देकर व स्टेट डेवलपमेंट लोन खरीद कर निवेश मांग बढ़ाने जैसे कदमों का भी सकारात्मक असर हुआ है।

ऑप्टिमिज्म लेवल में आगे भी सुधार रहने से स्थायी रिकवरी का पता चलेगा

उन्होंने कहा कि कोविड-19 इनफेक्टेड लोगों के एक्टिव केसेज में कमी और रिकवरी रेट में सुधार के कारण भी बिजनेस सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। यदि ऑप्टिमिज्म के स्तर में सुधार आगे भी जारी रहा तो इससे ग्रोथ में स्थायी रिकवरी का पता चलेगा। यदि इंडेक्स में गिरावट आती है, तो रिवकरी को अल्पकालिक समझा जाएगा।