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फेस्टिव सीजन:बिक्री की उम्मीद से कारोबारियों ने बनाया बफर स्टॉक, इस साल का स्टॉक लेवल बीते पांच सालों के उच्च स्तर पर

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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  • अप्रैल से अब तक भारत में लोगों ने लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए की बचत की है
  • जून तिमाही में जीडीपी में 23.9% की गिरावट दर्ज की गई थी

फेस्टिव सीजन के कारण मार्केट में ग्रोथ की उम्मीद है। ऐसे में कारोबारियों ने भी जोरदार बिक्री की उम्मीद में सामान को भी बड़ी मात्रा में स्टॉक किया है। इस साल का स्टॉक लेवल बीते पांच सालों का सबसे उच्चतम स्तर है। दरअसल, कारोबारियों को उम्मीद है कि इस त्योहारी सीजन में लोग लॉकडाउन में इकट्ठा पैसे को खर्च करेंगे।

सबसे बड़ा शॉपिंग सीजन

रॉयटर्स के मुताबिक देश का सबसे बड़ा शॉपिंग सीजन दुर्गा पुजा और दीपावली के दौरान होता है। यह हर साल अक्टूबर से नवंबर के बीच 20 दिनों का होता है। पारंपरिक तौर पर देखें तो इसमें लोग घरों को सजाने, बड़े आइटम खरीदने और एक-दूसरे को गिफ्ट जैसे कामों के लिए खरीदारी करते हैं। इससे बड़े कारोबारियों से लेकर छोटे किराना स्टोर के मालिकों तक सभी को अन्य महीनों के मुकाबले इस महीने अधिक बिक्री की उम्मीद है।

कारोबारियों ने बनाया बफर स्टॉक

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CIAT) ने इस पर एक डेटा जारी किया। इसके मुताबिक इस साल 7 करोड़ कारोबारियों ने फेस्टिव सीजन के शुरु होने से पहले एक औसत बफर स्टॉक की योजना बनाई, जिसमें करीब 14% सामानों का बफर स्टॉक बनाया गया। कारोबारियों ने यह बफर स्टॉक इसलिए बनाया ताकि डिमांड बढ़ने पर सामान की आपूर्ति की जा सके। पिछले साल 10% का बफर स्टॉक बनाया गया था।

राजधानी में कारोबार सुधारा

राजधानी दिल्ली में एक कारोबारी समुह के सचिव प्रवीन खांडेलवाल को उम्मीद है कि इस साल की दिवाली में सामानों की बिक्री बीते पांच सालों में सबसे बेहतर हो सकती है। इसीलिए सामानों को स्टॉक भी बड़ी मात्रा में की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के शॉप में आने के लिहाज से यह महीना पिछले सात महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

अन्य शहरों में सुधार की उम्मीद

आमतौर पर जयपुर की दुकानों में स्थानीय लोगों और विदेशी ग्राहकों के चलते थोड़ी हलचल होती है। लेकिन महामारी के चलते मामला थोड़ा ठंडा है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि टूरिज्म यहां का मुख्य कारोबार है, जो महामारी की वजह से बुरी तरह से प्रभावित हुई है। कोलकाता में दुर्गा पुजा मुख्य त्योहारों में शामिल है। रॉयटर्स के मुताबिक यहां ज्यादातर लोग रिटेल शॉप के बजाय सुपरमार्केट और फार्मेसी शॉप पर जाना पसंद कर रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान जुटाए 1.5 लाख करोड़ रुपए

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक लॉकडाउन के लागू होने के पहले महीने अप्रैल से अब तक भारत में लोगों ने लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए की बचत की है, जिसका बड़ा हिस्सा इस फेस्टिव सीजन में खर्च हो सकता है। क्योंकि फ्लिपकार्ट, अमेजन सहित अन्य ऑनलाइन कंपनियों और बैंकों ने फेस्टिव सीजन में प्रोडक्ट्स की खरीदारी पर भारी डिस्काउंट देने की बात कही है। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने बताया कि इस फेस्टिव सीजन में टोटल सेल पिछले साल की तुलना में तीन गुना अधिक है।

बिक्री के आंकड़ों में सुधार के अनुमान

रॉयटर्स के मुताबिक देश के बड़े रिटेलर्स क्रोमा और विजय सेल्स को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बिक्री के आंकड़े पिछले साल से बेहतर हो सकते हैं। दोनों मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक और होम अप्लायंसेज की बिक्री करते हैं। लेकिन लैपटॉप और टीवी जैसी कैटेगरी को लेकर चिंतित हैं।

रिटेल खरीदारी भी बढ़ी

हाल में जारी डेटा को देखें तो डीजल, कार और बिजली की डिमांड बढ़ी है। इसके अलावा मोबाइल फोन से लेकर फर्नीचर तक की रिटेल खरीदारी भी बढ़ी है। इससे पहले जून तिमाही में जीडीपी में 23.9% की गिरावट दर्ज की गई थी। ब्रोकरेज कंपनी नोमूरा ने कहा कि 18 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में भारतीय कारोबार इंडेक्स में ग्रोथ देखने को मिली है। यह मार्च में लगे लॉकडाउन के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

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