पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Business
  • Cairn Energy's Shareholders Who Incl MFS, BlackRock, Ask India To Honour Arbitration

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

झटका:केयर्न एनर्जी के शेयरधारकों ने भारत सरकार से मध्यस्थता फैसले का सम्मान करने को कहा, ब्रिटिश कंपनी का 9 हजार करोड़ रु. लौटाने की भी मांग

नई दिल्ली4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
केयर्न की तीन-चौथाई यानी करीब 75% हिस्सेदारी दुनिया के टॉप इन्वेस्टर्स के पास है। इसमें अमेरिकी की MFS इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के पास 529 अरब डॉलर के साथ कंपनी की 14.02% हिस्सेदारी है।    -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
केयर्न की तीन-चौथाई यानी करीब 75% हिस्सेदारी दुनिया के टॉप इन्वेस्टर्स के पास है। इसमें अमेरिकी की MFS इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के पास 529 अरब डॉलर के साथ कंपनी की 14.02% हिस्सेदारी है। -फाइल फोटो

केयर्न एनर्जी पीएलसी के कुछ निवेशकों ने भारत सरकार से मध्यस्थता निर्णय का सम्मान करने को कहा है। साथ ही ब्रिटिश ऑयल एंड गैस कंपनी को 1.2 अरब डॉलर (8.75 हजार करोड़ रु.) लौटाने को भी कहा है। सूत्रों के मुताबिक निवेशकों में ब्लैकरॉक, MFS, फ्रैंकलिन टेंपलटन और फिडेलिटी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

केयर्न में लगभग 75% हिस्सेदारी बड़े निवेशकों के पास

एक्सचेंड डेटा के मुताबिक केयर्न की तीन-चौथाई यानी करीब 75% हिस्सेदारी दुनिया के टॉप इन्वेस्टर्स के पास है। इसमें अमेरिकी की MFS इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के पास 529 अरब डॉलर के साथ कंपनी की 14.02% हिस्सेदारी है। कंपनी में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी न्यूयॉर्क बेस्ड ब्लैकरॉक की है, जो 12.19% है। इसी तरह फेडिलिटी इंटरनेशनल, फ्रेंकलाइन टेंपलटन, वैनगार्ड ग्रुप और अबरदीन स्टैंडर्ड इन्वेस्टमेंट की भी कंपनी में हिस्सेदारी है।

भारत के साथ अमेरिकी और ब्रिटिश सरकार को भी लिखा पत्र

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन निवेशकों ने भारत सरकार के साथ-साथ अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारों को भी इस बारे में पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि हेग की स्थायी मध्यस्थता अदालत के फैसले का सम्मान होना चाहिए। तीन सदस्यीय ट्रिब्युनल ने पिछले साल दिसंबर में एकमत से ब्रिटेन की ऑयल एंड गैस कंपनी पर पिछली तारीख से 10,247 करोड़ रुपए की टैक्स मांग को खारिज कर दिया था।

ट्रिब्युनल ने दिसंबर में कंपनी के पक्ष में सुनाया था फैसला

ट्रिब्युनल में भारत सरकार द्वारा नियुक्त न्यायाधीश भी शामिल थे। ट्रिब्युलन ने सरकार को उसके द्वारा बेचे गए शेयरों का मूल्य, जब्त डिविडेंड और रोके गए कर रिफंड को लौटाने को कहा था। दरअसल, सरकार ने वेदांता में केयर्न एनर्जी की करीब 5% हिस्सेदारी बेच दिया था। साथ ही 1,140 करोड़ रुपए का डिविडेंड रोक दिया था।

मामले को समयबद्ध तरीके से निपटाने की मांग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केयर्न केवल सिंगल प्रमोटर वाली कंपनी नहीं है, बल्कि इसमें दुनिया के टॉप निवेशकों की हिस्सेदारी है। अब ये निवेशक अपने हितों का संरक्षण चाहते हैं। इन्होंने मुद्दे के हल के लिए सात साल तक धैर्य के साथ इंतजार किया। अब जबकि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निर्णय आ गया है, तो वे चाहते हैं कि इसका सम्मान किया जाए और इस मुद्दे को समयबद्ध तरीके से सुलझाया जाए।

वोडाफोन को भी ऐसे ही मामले में भारत सरकार के खिलाफ मिली थी जीत

केयर्न के अंतरराष्ट्रीय शेयरधारकों ने कंपनी के 30% से अधिक शेयर बेच दिए हैं। ये शेयरधारक अमेरिका और ब्रिटेन में अपनी सरकारों के साथ-साथ भारत सरकार से भी इस मुद्दे के समयबद्ध तरीके से हल के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह दूसरा मौका है जब किसी कंपनी को भारत सरकार के खिलाफ जीत मिली थी। इससे पहले सितंबर में ब्रिटिश टेलीकॉम ग्रुप वोडाफोन को इंटरनेशनल ट्रिब्युनल में 22.1 हजार करोड़ रुपए के टैक्स मामले में सरकार के खिलाफ जीत मिली थी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- समय चुनौतीपूर्ण है। परंतु फिर भी आप अपनी योग्यता और मेहनत द्वारा हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम रहेंगे। लोग आपके कार्यों की सराहना करेंगे। भविष्य संबंधी योजनाओं को लेकर भी परिवार के साथ...

और पढ़ें