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कोरोना की तीसरी लहर को रोकने की तैयारी:कोविड के इलाज से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपए का पैकेज दे सकती है सरकार

नई दिल्ली3 महीने पहले
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देश में कोरोना की दूसरी लहर के धीमी पड़ने के साथ ही तीसरी लहर आने की भविष्यवाणी होने लगी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सितंबर-अक्टूबर के दौरान देश में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। खबरों के मुताबिक, केंद्र सरकार कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के इमरजेंसी कोविड रेस्पॉन्स पैकेज की घोषणा कर सकती है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, संभावित लहर को रोकने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है।

स्वास्थ्य और वित्त मंत्रालय कर रहे तैयारी

सूत्रों के हवाले से खबरों में कहा गया है कि स्वास्थ्य और वित्त मंत्रालय इस पैकेज को मिलकर तैयार कर रहे हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस पैकेज की घोषणा की जाएगी। इस पैकेज का पूरा फोकस कोविड डेडिकेटिड इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर रहेगा। इसमें अस्पतालों में बेड की संख्या में बढ़ोतरी, जरूरी मेडिकल उपकरणों और दवाओं की खरीदारी को मजबूती, राष्ट्रीय और राज्यों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और ज्यादा से ज्यादा लैबोरेट्रीज-टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना शामिल है।

तीसरी लहर की चेतावनी के कारण तैयारी

खबरों में कहा गया है कि कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी और डेल्टा प्लस वेरिएंट के सामने आने के बाद सरकार ने यह तैयारी शुरू की है। डेल्टा प्लस वेरिएंट को सरकार ने खतरनाक घोषित कर दिया है। अभी इस वेरिएंट के केस मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल में सामने आए हैं। केंद्र ने राज्य सरकारों से कोविड को रोकने वाले उपायों, टेस्टिंग और वैक्सीनेशन में दोगुनी तेजी लाने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस पैकेज में की जाने वाली घोषणा को हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्री की ओर से लागू किया जाएगा। पैकेज की राशि का बड़ा हिस्सा ICMR और अन्य संस्थानों को दिया जा सकता है।

पिछले साल 15 हजार करोड़ का पैकेज दिया था

केंद्र सरकार ने कोरोना से लड़ाई में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के सुधार के लिए पिछले साल अप्रैल में 15 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की थी। इस राशि का करीब 50% हिस्सा कोविड से लड़ाई में खर्च किया जा चुका है। जबकि 50% राशि से अगले चार साल तक मदद देने वाली तैयारियां की गई हैं। इस फंड का इस्तेमाल डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना और पीपीई किट्स की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

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