जीडीपी / अरविंद सुब्रमण्यन के दावों पर सरकार ने कहा- जल्द बिंदुवार तरीके से खंडन करेंगे

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2019, 06:51 PM IST



पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन।
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पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन।पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन।

  • सुब्रमण्यन के मुताबिक 2011-12 से 2016-17 के बीच विकास दर औसत 2.5% ज्यादा आंकी गई
  • सुब्रमण्यन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रकाशित अपने एक रिसर्च पेपर में ऐसा कहा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन के दावे बुधवार को खारिज कर दिए। परिषद ने कहा है कि सुब्रमण्यन के दावों का जल्द बिंदुवार खंडन किया जाएगा। 

सुब्रमण्यन ने एक रिसर्च पेपर में दावा किया है कि 2011-12 और 2016-17 के बीच देश की जीडीपी विकास दर औसत 2.5% अधिक आंकी गई। जीडीपी ग्रोथ की गणना के लिए नए पैमाने अपनाने की वजह से ऐसा हुआ। वर्ष 2011-12 और 2016-17 के बीच जीडीपी ग्रोथ रेट 4.5% होनी चाहिए। लेकिन, आधिकारिक अनुमान में इसे करीब 7% बताया गया। 

ईएसी-पीएम ने कहा है कि आंकड़ों को सनसनीखेज बनाने की कोशिश देश की सांख्यिकी व्यवस्था की गुणवत्ता और स्वायत्तता के नजरिए से अच्छी बात नहीं है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार यह बात समझते हैं। 
 

‘मुख्य आर्थिक सलाहकार रहते हुए ही ऐसे मुद्दे उठाने चाहिए थे’
ईएसी-पीएम का कहना है कि डॉ. सुब्रमण्यन को मुख्य आर्थिक सलाहकार रहते हुए ही ऐसे मुद्दे उठाने चाहिए थे। हालांकि, विकास दर के आंकड़ों को समझने के लिए वो वक्त ले चुके हैं लेकिन अभी भी अनिश्चित की स्थिति में हैं।

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