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कोरोनावायरस का असर / चीन में दवा फैक्ट्रियां बंद होने की वजह से भारत में पैरासिटामॉल की कीमतों में 40% बढ़ोतरी

Closure of factories in China increases prices of paracetamol in the country by 40%
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Closure of factories in China increases prices of paracetamol in the country by 40%

  • बैक्टीरिया इंफेक्शन में इस्तेमाल होने वाले एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन की कीमतें 70% बढ़ीं
  • भारत करीब 80% तक फार्मा इंग्रीडिएंट्स चीन से आयात करता है
  • कोरोनावायरस की वजह से चीन में प्रोडक्शन बंद, इसलिए भारत में आयात प्रभावित

दैनिक भास्कर

Feb 18, 2020, 03:28 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ने का असर चीन के साथ अब भारत पर भी दिखने लगा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से सप्लाई बाधित होने की वजह से भारत में पैरासिटामॉल दवाओं की कीमत 40% बढ़ गई है। जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल का कहना है कि बैक्टीरिया इंफेक्शन के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन की कीमतें 70% बढ़ गई हैं। पटेल ने बताया कि अगले महीने के पहले सप्ताह तक चीन से सप्लाई शुरू नहीं हुई तो पूरी फार्मा इंडस्ट्री में इंग्रीडिएंट्स की कमी हो सकती है।

तीन साल में चीन के ऊपर निर्भरता बढ़ रही
एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के आयात के लिए भारत की चीन पर निर्भरता बहुत ज्यादा है। किसी भी दवा को बनाने के लिए एपीआई सबसे अहम कंपोनेंट हैं। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलीजेंस एंड स्टैस्टिक्स के मुताबिक 2016-17 में भारत ने इस एपीआई सेगमेंट में 19,653.25 करोड़ रुपए का आयात किया, इसमें चीन की हिस्सेदारी 66.69% रही। 2017-18 के दौरान भारत का आयात 21,481 करोड़ रुपए रहा और चीन की हिस्सेदारी बढ़कर 68.36% हो गई। 2018-19 में एपीआई और बल्क ड्रग आयात 25,552 करोड़ रुपए हो गया।

चीन के ऊपर निर्भरता क्यों? 
रसायन एवं उवर्रक मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स के मुताबिक लागत और आर्थिक वजहों से भारत, चीन से एपीआई और बल्क ड्रग्स का आयात करता है। लागत के हिसाब से चीन से आने वाले एपीआई और बल्क ड्रग्स भारतीय फार्मा मैन्युफैक्चरर्स के लिए फायदेमंद हैं। फार्मा इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि चीन में एपीआई प्रोडक्शन की लागत भारत से 20-30% कम है। भारत में एपीआई प्रोडक्शन यूनिट अपनी क्षमता के मुकाबले 30% तक काम कर रही हैं जबकि चीन में एपीआई प्रोडक्शन यूनिट अपनी क्षमता के मुकाबले 70% तक काम कर रही हैं। भारत में एपीआई मैन्युफैक्चरिंग पर प्रॉफिट मार्जिन बहुत कम होने की वजह से भारतीय फार्मा इंडस्ट्री चीन से एपीआई का आयात करती है और यहां दवाएं बनाकर दूसरे देशों को निर्यात करती है। 

दुनिया में जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति में भारत सबसे बड़ा बाजार 
कोरोनावायरस के संक्रमण की वजह से चीन में फैक्ट्रियां बंद हैं। इस वजह से दुनियाभर में सप्लाई प्रभावित हुई है। जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल का कहना है कि आने वाले समय में एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इंग्रीडिएंट्स की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। दुनिया में जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति के मामले में भारत सबसे बड़ा बाजार है। अमेरिकी बाजार को ड्रग्स आपूर्ति करने वाली 12% मैन्युफैक्चरिंग साइट्स भारत में हैं। भारत फार्मा इंग्रीडिएंट्स के कई प्रोडक्ट्स का 80% तक चीन से आयात करता है।

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