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  • CMIE Unemployment Rate Down To 8.7 Percent In Week Ended On 13 June 2021

राज्यों में अनलॉक का असर:लोगों को धीरे-धीरे मिलने लगा रोजगार, 12% से गिरकर 8.7% पर आई राष्ट्रीय बेरोजगारी दर

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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कोरोना संक्रमण के घटते केसों और राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने का रोजगार पर सकारात्मक असर दिखने लगा है। इसी का नतीजा है कि लोगों को धीरे-धीरे रोजगार मिलना शुरू हो गया। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इंकोनॉमी (CMIE) के डाटा के मुताबिक, 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में देश की बेरोजगारी दर लुढ़ककर 6 सप्ताह के निचले स्तर 8.7% पर आ गई है।

असंगठित क्षेत्र खुलने से मिल रहा रोजगार

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि असंगठित क्षेत्र को प्रतिबंधों में छूट देना शुरू हो गया है। यही रोजगार में रिकवरी का मुख्य कारण है। इसके अलावा अच्छी नौकरियों के अभाव में दूसरा काम कर रहे लोगों का वापस लौटने से भी बेरोजगारी दर में सुधार हो रहा है। CMIE के डाटा के मुताबिक, 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में शहरी बेरोजगारी दर गिरकर 9.7% पर आ गई है। एक महीने पहले मई में शहरी बेरोजगारी दर 14.7% पर थी।

शहरी बेरोजगारी दर में बड़ी गिरावट

ताजा आंकड़ों की बीते सप्ताहों से तुलना करें तो यह गिरावट काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। 30 मई को समाप्त हुए सप्ताह में शहरी बेरोजगारी दर 17.88% थी। 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में इसमें 8.18% की गिरावट रही है। वहीं, 6 जून को समाप्त हुए सप्ताह के मुकाबले 3.6% की गिरावट रही है।

ग्रामीण बेरोजगारी दर में 2.4% का सुधार

इसी प्रकार से ग्रामीण बेरोजगारी दर में सुधार हुआ है। मई में ग्रामीण बेरोजगारी दर 10.63% थी। वहीं, 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में यह 8.23% रही है। इस प्रकार ग्रामीण बेरोजगारी दर में बीते दो सप्ताहों में 2.4% का सुधार आया है। CMIE के मुताबिक, मई में देश में बेरोजगारी दर 12% से थोड़ी ज्यादा थी। जनवरी से अप्रैल के दौरान बेरोजगारी दर 6.52% से 7.97% के मध्य रही थी। जून में यह इस स्तर से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल में देश में बेरोजगारी दर 7.97% रही थी। इस दर पर अप्रैल में 73.5 लाख लोगों की नौकरियां चली गई थीं। इसमें सैलरी वाली 34 लाख नौकरियां शामिल थीं।

कोविड की दूसरी लहर के कारण अप्रैल में 2.3 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी।
कोविड की दूसरी लहर के कारण अप्रैल में 2.3 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी।

अप्रैल 2020 में 23.52% पर पहुंच गई थी बेरोजगारी दर

पिछले साल कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च 2020 से देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था। इस कारण अप्रैल 2020 में देश में बेरोजगारी दर 23.52% के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। आर्थिक रिकवरी की बदौलत जनवरी 2021 में बेरोजगारी दर गिरकर 6.52% पर आ गई थी। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर का अप्रैल और मई में जॉब मार्केट पर बुरा असर पड़ा। इन दोनों महीनों में 2.3 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। इसमें सैलरी और नॉन-सैलरी दोनों प्रकार की नौकरियां शामिल थीं।

प्रतिबंध हटने से संगठित क्षेत्र के वर्कर्स को मिल रही मदद

जानकारों और अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कोरोना संबंधी प्रतिबंधों के हटने से संगठित क्षेत्र के वर्कर्स को मदद मिल रही है। साथ ही छोटे कारोबारी भी फिर से काम शुरू कर रहे हैं। लेकिन संगठित क्षेत्र संघर्ष कर रहा है। संगठित क्षेत्र की रिकवरी मांग बढ़ने पर अटकी हुई है।

इन नंबरों पर संतुष्टि जल्दबादी होगी: अरुप मित्रा

दिल्ली विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अरुप मित्रा का कहना है कि बेरोजगारी दर के ताजा नंबरों पर संतुष्ट होना जल्दबाजी होगी। हमें यह देखना होगा कि बीते 10 दिनों में क्या हुआ है? इन 10 दिनों में मॉनसून आया है और कुछ आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे अनलॉक हुई हैं। मॉनसून का शहरी लेबर मार्केट पर मामूली असर पड़ता है, लेकिन ग्रामीण मार्केट में मॉनसून के कारण खेती से जुड़ी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इससे आमतौर पर बहुत सारे लोगों को रोजगार मिलता है। भले ही पैदावार कम हो।

दूसरी लहर में संगठित क्षेत्र के अस्थायी वर्कर्स की नौकरी छूटी

अरुप मित्रा का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में संगठित क्षेत्र के रेगुलर या स्थायी वर्कर्स को मामूली समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन संगठित क्षेत्र के अस्थायी लोगों की नौकरी छूट गई। अब संगठित क्षेत्र में अस्थायी नौकरी करने वाले लोग या तो अपने गांवों को लौट रहे हैं या फिर अपने आपको लेबर मार्केट से हटा रहे हैं। इस कारण भी बेरोजगारी दर में कमी आ रही है।

रोजगार दर में 2% का उछाल

CMIE के डाटा के मुताबिक, 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में लेबर फोर्स पार्टिशिपेशन रेट में 30 मई के मुकाबले 80 बेसिस पॉइंट का सुधार रहा है। 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में लेबर फोर्स पार्टिशिपेशन रेट 39.75% रहा है। इसी प्रकार से 30 मई को समाप्त हुए सप्ताह के मुकाबले रोजगार दर 2% बढ़कर 36.29% रही है।

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