कंटेनर की कमी से चीनी का निर्यात प्रभावित:चीनी का निर्यात प्रभावित होने से इसका ग्लोबल प्राइस बढ़ सकता है

नई दिल्ली8 महीने पहले
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भारत का चीनी निर्यात इस साल 12% घटकर 50 लाख टन रह सकता है - Dainik Bhaskar
भारत का चीनी निर्यात इस साल 12% घटकर 50 लाख टन रह सकता है
  • दूसरी छमाही में ब्राजील को निर्यात बढ़ाने का मिलेगा मौका
  • भारत चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है

भारत का चीनी निर्यात इस साल 12% घटकर 50 लाख टन रह सकता है। कंटेनर की कमी के कारण चीनी का निर्यात प्रभावित हुआ है। चीनी उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि निर्यात प्रभावित होने से चीनी का ग्लोबल प्राइस बढ़ सकता है। चीनी का ग्लोबल प्राइस पहले ही 4 साल के ऊपरी स्तर पर है।

भारत चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। ऐसे में 2021 की पहली छमाही में भारत से चीनी का निर्यात घटने का मतलब यह है कि इस साल की दूसरी छमाही में ब्राजील का चीनी निर्यात बढ़ जाएगा। ब्राजील चीनी का ज्यादातर निर्यात दूसरी छमाही में करता है।

30 लाख टन का लिया ठेका, लेकिन 10 लाख टन ही हुआ निर्यात

नेशनल फेडरेशन ऑफ कॉपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड के MD प्रकाश नाइकनावरे ने कहा कि कंटेनर की कमी से चीनी का निर्यात प्रभावित हो रहा है। हमने करीब 30 लाख टन निर्यात का ठेका लिया है। लेकिन सिर्फ करीब 10 लाख टन ही निर्यात कर पाए हैं।

चीनी के निर्यात पर सरकार ने प्रति टन 5,833 रुपए सब्सिडी दी है

30 सितंबर को समाप्त होने वाले 2020-21 सत्र में भारत 50 लाख टन चीनी का निर्यात कर सकता है। यह पिछले साल के 57 लाख टन के मुकाबले कम है। यह सरकार के टार्गेट से कम है। सरकार ने इस साल 60 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए प्रति टन 5,833 रुपए सब्सिडी दी है।

महामारी के दौरान आयात घटने से हुई कंटेनर की कमी

कंटेनर की कमी नवंबर से ही है, क्योंकि कोरोना महामारी और वैश्विक राजनीतिक तनाव के कारण भारत में आयात घटा है। MEIR कमॉडिटीज इंडिया के MD राहिल शेख ने कहा कि सॉयमील और कॉटन जैसे कमॉडिटी कंटेनर ले रहे हैं और ऊंची कीमत देने के बाद भी हमें जहाज पर जगह नहीं मिल रही है।

जून तक बनी रह सकती है कंटेनर की कमी

मुंबई के एक डीलर ने कहा कि कंटेनर की कमी इस साल पहली छमाही में बनी रह सकती है। साल की पहली छमाही में ही भारत चीनी का अधिकांश निर्यात करता है। जून के बाद मानसून शुरू हो जाता है और चीनी का निर्यात मुश्किल हो जाता है।

व्यापारी देश में 400-415 डॉलर प्रति टन पर वॉइट शुगर बेच रहे

व्यापारियों ने कहा कि वे भारत में 400-415 डॉलर प्रति टन पर वॉइट शुगर बेच रहे हैं। जबकि लंदन फ्यूचर 480 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। रॉ शुगर वे भारत में करीब 400 डॉलर प्रति टन के प्राइस पर बेच रहे हैं।

जनवरी में करीब 3 लाख टन चीनी का हुआ निर्यात

भारत ने जनवरी में करीब 3 लाख टन चीनी का निर्यात किया। यह निर्यात मुख्यत: अफगानिस्तान, अफ्रीकी देशों, इंडोनेशिया और श्रीलंका को किया गया। जनवरी 2020 में भारत ने 7 लाख टन से ज्यादा का निर्यात किया था।