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ओमिक्रॉन का असर:कोरोना संक्रमित लोगों और टर्म प्लान पर 3 महीने का वेटिंग पीरियड, बीमा कंपनियों का अजीब नियम

मुंबई7 दिन पहले
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जीवन बीमा कंपनियां कोविड से संक्रमित और टर्म प्लान खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए अनिवार्य तीन महीने के वेटिंग पीरियड पर जोर दे रही हैं। इसके साथ ही जिनके पास कोई मौजूदा पॉलिसी नहीं है, छाती के एक्स-रे सहित कुछ एक्स्ट्रा मेडिकल टेस्ट की भी मांग हो रही है।

प्रपोजल को तीन महीने के लिए टालने की मांग

बीमा ब्रोकरेज हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि संक्रमण की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता के आधार पर बीमा कंपनियां कोविड से संक्रमित लोगों के प्रपोजल को एक से तीन महीने के लिए टालने की मांग कर रही हैं। कंपनियां छाती के एक्स-रे जैसी मेडिकल रिपोर्ट पर भी जोर दे सकती हैं। पिछले साल कोविड 19 महामारी की दूसरी लहर के कारण मची तबाही के बाद अब बीमा कंपनियों का यह चलन अब उनकी पॉलिसी बन चुकी है।

कोविड फार्म भरना जरूरी

टर्म प्लान खरीदने के इच्छुक लोगों को अनिवार्य रूप से एक कोविड डेक्लरेशन फार्म भरना होता है। इसमें अन्य बातों के अलावा यह भी पूछा जाता है कि क्या पिछले 90 दिनों में वे वायरस से प्रभावित हुए हैं या नहीं। इसके अलावा संक्रमण की गंभीरता के आधार पर टेस्ट के रिजल्ट भी मांगे जाते हैं।

बीमा पॉलिसी खरीदना अब मुश्किल

एक वरिष्ठ इंश्योरेंस सलाहकार ने कहा कि कोविड प्रभावित व्यक्ति के लिए बीमा पॉलिसी खरीदना अब मुश्किल हो चला है। कोविड से पहले, 40 साल के लोगों को आसानी से 25 करोड़ रुपए का कवर मिल सकता था, लेकिन अब 10 करोड़ रुपए का ही कवर मिल रहा है। 50 साल के लोगों के लिए तो यह कवर और भी कम हो गया है।

  • पहले 40 साल के लोगों को 25 करोड़ का कवर मिलता था
  • अब इनको 10 करोड़ का भी कवर मिलना मुश्किल हो रहा है
  • 50 साल के लोगों को कवर लेने में और भी दिक्कतें आ रही हैं

ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस पर भी असर

ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस में भी यही असर देखा गया है, क्योंकि कंपनियां अब हाई रिस्क के कारण वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों के माता-पिता के लिए मेडिक्लेम पॉलिसियों को देने से बच रही हैं। अलग-अलग बीमा कंपनियों ने टर्म प्लान खरीदने के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए हैं। उदाहरण के लिए इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस में कोविड से प्रभावित लोगों के लिए 30 दिन से लेकर 6 महीने तक का वेटिंग पीरियड है।

30 से 60 दिन का प्रतीक्षा समय

इंडियाफर्स्ट लाइफ के डिप्टी CEO ऋषभ गांधी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारंटाइन नहीं है तो हमारे पास 30-दिन का समय है। लेकिन अगर वह होम क्वारंटाइन है और उसे कुछ पहले से रोग हैं तो प्रतीक्षा अवधि 60 दिनों की हो सकती है। अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता वाले अधिक गंभीर रूप से प्रभावित लोगों के लिए यह वेटिंग पीरियड छह महीने तक हो सकता है।

मोरेटोरियम पीरियड अनिवार्य

नए टर्म प्लान खरीदने के लिए कड़े नियम रखने के पीछे एक कारण यह है कि पुनर्बीमा करने वाली कंपनियों को हो रहे नुकसान को नियंत्रण में रखना एक चुनौती बनती जा रही है। पुनर्बीमा कंपनियों ने बीमा कंपनियों के लिए संक्रमित लोगों के लिए मोरेटोरियम पीरियड अनिवार्य कर दी है, क्योंकि उनका मानना है कि भले ही लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाएं, लेकिन बीमारी के दुष्प्रभाव आगे भी आ सकते हैं।

नए नियम बीमा की मांग को प्रभावित कर सकते हैं

ऐसे समय में जब बीमा प्रीमियम बढ़ गया है, नए नियम बीमा की डिमांड को भी प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। दूसरी लहर की तुलना में भले ही यह कम गंभीर हो, पर अधिक लोगों को प्रभावित कर रहा है। ओमिक्रॉन के कारण कोविड संक्रमण बढ़ने के साथ, यह टर्म प्लान की मांग को प्रभावित कर सकता है।

बीमा कंपनियां उम्मीद कर रही हैं कि इन शर्तों से मांग में कमी नहीं आएगी। गांधी ने कहा कि कोविड से सभी लोग प्रभावित नहीं हुए हैं और कुछ दिनों के इंतजार के बाद टर्म प्लान खरीदा जा सकता है। बाजार बड़ा है और अवसर बड़े हैं, इसलिए मांग पर इतना असर नहीं पड़ेगा।