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सालभर का लेखाजोखा:कोरोनावायरस के कारण नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में डिजिटलाइजेशन बढ़ा, क्लेम पर कंपनियों ने किया ज्यादा खर्च

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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प्राइवेट सेक्टर में जब विलय और अधिग्रहण चल रहा था, तब केंद्र ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विलय की पुरानी योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया - Dainik Bhaskar
प्राइवेट सेक्टर में जब विलय और अधिग्रहण चल रहा था, तब केंद्र ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विलय की पुरानी योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया
  • हेल्थ इंश्योरेंस का विस्तार हुआ, लेकिन कंपनियों का करोबार घटा
  • उद्योग में कंसॉलिडेशन हुआ, कंपनियों को घाटे का सामना करना पड़ा

नॉन लाइफइंश्योरेंस सेक्टर के लिए यह साल कोरोनावायरस वाले साल के तौर पर जाना जाएगा। इसके कारण कंपनियों ने बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण को अपनाया। इसी वजह से देश हेल्थ इंश्योरेंस का विस्तार हुआ, लेकिन कंपनियों का करोबार घटा, उद्योग में कंसॉलिडेशन हुआ और कंपनियों को घाटे का सामना करना पड़ा।

जब प्राइवेट सेक्टर में विलय और अधिग्रहण चल रहा था, ऐसे समय में केंद्र सरकर ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विलय की पुरानी योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

इस साल अक्टूबर तक सेक्टर की विकास दर महज 1.11% रही

युनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के MD&CEO शरद माथुर ने कहा कि इस साल नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में टेक्नोलॉजी और डिजिटलाइजेशन की रफ्तार तेज हुई। कंपनी इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, डाबर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और सोंपो जापान इंश्योरेंस इंक का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने कहा कि इस साल अक्टूबर तक सेक्टर की विकास दर महज 1.11 फीसदी रही।

सेक्टर के इतिहास में पहली बार वाहन सबसे बड़ा प्रीमियम कंट्रीब्यूटर नहीं रहा

माथुर ने कहा कि इस सेक्टर के इतिहास में पहली बार वाहन सबसे बड़ा प्रीमियम कंट्रीब्यूटर नहीं रहा, क्योंकि ऑटो सेक्टर में पूरे साल सुस्ती रही। मोटर थर्ड पार्टी कवर के प्रीमियम रेट में हर साल होने वाली बढ़ोतरी इस साल नहीं होने से भी इस सेक्टर का योगदान में कमी आई। इस साल हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम पर कंपनियों को काफी ज्यादा बढ़ गई। इसमें मुख्य भूमिका कोरोनावायरस महामारी का रहा।

इंश्योरेंस क्लेम के नंबर और टिकट साइज में बढ़ोतरी हुई

एडलवाइस जनरल इंश्योरेंस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO शनै घोष ने कहा कि महामारी के कारण हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के नंबर और टिकट साइज बढ़ने के अलावा, देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदा भी आई। लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में बेमौसम बारिश हुई। पश्चिम बंगाल में अंफान चक्रवात, महाराष्ट्र में निसर्ग चक्रवात, हैदराबाद में बाढ़ और अब तमिलनाडु कें चक्रवाती तुफान के मामले आए। इनके कारण मोटर और प्रॉपर्टी इंश्योरेंस के क्लेम में बढ़ोतरी होगी। माथुर ने कहा कि आंध्र प्रदेश में LG पॉलीमर्स प्लांट का गैस लीक, गुजरात के दाहेज में यशस्वी रसायन प्राइवेट लिमिटेड में बॉयलर विस्फोट और तमिलनाडु में नैवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन के थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट की घटनाएं भी हुईं।

इस साल ट्रैवल आौर मैराइन (कार्गो) सेगमेंट सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ

माथुर ने कहा कि कमर्शियल प्रीमियम और खासकर फायर सेगमेंट इस साल प्रभावित नहीं हुआ और इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस साल ट्रैवल आौर मैराइन (कार्गो) सेगमेंट सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। कोरोनावायरस महामारी अभी थमी नहीं है, इसलिए सेक्टर पर इसके असर का आकलन अभी पूरी तरह कर पाना कठिन होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक कारोबारी साल 2021-22 की तीसरी तिमाही में नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर कोरोना से पहले वाली विकास दर हासिल कर सकता है।

बीमा सेक्टर को उत्पादों की रीपैकेजिंग और प्रीमियम घटाने की जरूरत

लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस के CEO और होलटाइम डायरेक्टर रूपम अस्थाना ने कहा कि अनिश्चितता काफी बढ़ गई है। ग्राहकों ने खर्च घटा दी है। बीमा सेक्टर को अपने उत्पादों की फिर से पैकेजिंग करनी होगी और प्रीमियम का रेट घटाना होगा। संकट को देखते हुए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने कई कदम उठाए हैं।

IRDAI ने सेक्टर को सहारा देने के लिए कई कदम उठाए

अस्थाना ने कहा कि IRDAI ने हेल्थ इंश्योरेंस सेगमेंट में कई कदम उठाए हैं, जैसे पॉलिसी रिन्युअल के लिए तिथि आगे बढ़ाना, सभी अस्पतालों को कैशलेस भुगतान के लिए कहना, बीमा कंपनियों को किस्तों में प्रीमियम लेने के लिए कहना, हेल्थ इंश्योरेंस में सभी एक्सक्लूजन का मानकीकरण और हेल्थ व जनरल इंश्योरेंस को क्लेम सेटलमेंट पॉलिसी के तहत टेलीमेडिसीन को भी शामिल करने का निर्देश देना। एडलवाइस जनरल के घोष ने कहा कि IRDAI का सैंडबॉक्स इनिशिएटिव भी एक प्रगतिशील कदम है।

विलय व अधिग्रहण हुआ तेज

तीन अधिकारियों ने कहा कि इस सेक्टर में कंसॉलिडेशन होगा। घोष ने बताया कि हाल में पेटीएम ने रहेजी QBE का अधिग्रहण किया, HDFC अर्गो ने अपोलो म्यूनिक का और सचिन बंसल ने DHFL जनरल इंश्योरेंस का अधिग्रहण किया। साथ ही ICICI लोंबार्ड और भारती अक्सा जनरल का विलय हो गया।