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अर्थव्यवस्था / कोरोनावायरस से हुई बर्बादी के बीच इटली के माफिया को मिला अकूत कमाई करने का सुनहरा मौका

corona ; coronavirus ; Italy's mafia got golden opportunity to earn tremendous money amid Coronavirus ruin
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corona ; coronavirus ; Italy's mafia got golden opportunity to earn tremendous money amid Coronavirus ruin

  • माफिया पहले जान लेते हैं कि अर्थव्यवस्था पर कब बहुत ज्यादा खर्च होगा
  • आपको जरूरत की हर चीज देते हैं माफिया, लेकिन अपनी शर्तों पर देते हैं

दैनिक भास्कर

Mar 29, 2020, 08:51 PM IST

नई दिल्ली. इटली में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण से बचने वाले लोग आर्थिक बदहाली के बीच एक नए जीवन की तलाश कर रहे हैं। वहीं समाज का एक ऐसा तबका है, जिसके लिए यह स्थिति बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। वह है संगठित अपराध। शीर्ष एंटी-माफिया इनवेस्टिगेटर गिसेप गवर्नेल ने कहा कि इटली के माफिया के लिए संकट की यह घरी एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है। इटली यूरोजोन की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। फ्लू जैसी बिमारी से वहां 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके कारण पूरे इटली में लॉकडाउन चल रहा है। इससे अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है।


वायरस के कारण बचाव की मुद्रा में आए माफिया फिर से खुद को संगठित कर रहे हैं
गवर्नेल ने कहा कि कोसा नोस्ट्रा, एंड्रंघेटा और कैमोरा जैसे इटली के कुख्यात व ताकतवर माफिया गिरोह शुरू में तो वायरस संक्रमण के कारण बचाव की मुद्रा में आ गए थे, लेकिन वे अब फिर से खुद को संगठित कर रहे हैं। द इकोनॉमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट ने गुरुवार को कहा कि था कि इस साल इटली की जीडीपी में 7 फीसदी गिरावट आ सकती है। इटली के विशेषज्ञों के मुताबिक इटली के 65 फीसदी छोटे-मझोले कारोबारी दिवालिया हो सकते हैं। यह स्थिति उपद्रवियों को बहुत पसंद आती है, जो बुरी हालत से गुजर रहे कारोबारियों से जबरन वसूली करते हैं और उन्हें उंची ब्याज पर पैसा देते हैं।


माफिया ने उन जगहों पर निवेश कर रखे हैं, जहां आप सबसे ज्यादा मजबूर होते हैं
इटली के एक एंटी-माफिया लेखक रोबर्टो सैवियानो ने पिछले सप्ताह एक साक्षात्कार में कहा कि आप माफिया के पोर्टफोलिया को देखेंगे, तो समझेंगे कि इस महामारी में वे कितने बड़े पैमाने पर कमाई कर सकते हैं। पिछले कुछ दशकों में उन्होंने मल्टी सर्विस कंपनियों (कैंटीन, क्लीनिंग, डिसइन्फेक्शन), वेस्ट रिसाइक्लिंग, ट्रांसपोर्टेशन, फ्यूनरल होम्स और ऑयल एंड फूड डिस्ट्र्रीब्यूशन जैसे कारोबारों में बड़ा निवेश किया है। इन कारोबारों से उन्हें बड़ी कमाई होने वाली है। माफिया को पता है कि आपके पास क्या है और आपको किस चीज की जरूरत होगी। वे आपकी जरूरत पूरी करेंगे और अपनी शर्त पर पूरी करेंगे। 1884 में नेपल्स में कोलेरा की महामारी में शहर के आधे से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने सफाई के कार्य पर भारी भरकम राशि खर्च की थी। पूरी राशि सीधे ताकतवर माफिया गिरोह कैमोरा की जेब में गई थी।


माफिया पहले अनुमान लगा लेते हैं कि अर्थव्यवस्था पर कब बहुत ज्यादा खर्च होने वाला है
इटली के एंटी-माफिया इनवेस्टिगेशन डायरेक्टोरेट के प्रमुख गवर्नेल ने कहा कि माफिया पहले से इस बात का अनुमान लगा लेते हैं कि अर्थव्यवस्था का कब फिर से निर्माण होने वाला है और वे पहले से योजना बना लेते हैं। आर्थिक पुनर्निमाण के काम में काफी सारा पैसा खर्च होने वाला है। हमारी टीम इस बात की तैयारी कर रही है कि माफिया का प्रवेश न हो सके। वे सिस्टम में खामियों की तलाश करेंगे। हमें अपनी आंखें खुली रखनी होगी। संदिग्ध गतिविधियों, नई कंपनियों और मुखौटा कॉरपोरेशंस की स्थापना पर नजर रखनी होगी।


पुलिस के अन्य काम में लगे होने से माफिया गिरोहों का होगा विकास
दक्षिणी इटली के तटवर्ती शहर रीजियो कैलाब्रिया के पूर्व माफिया इनवेस्टिगेटर गिसेप पिग्नेटोन ने कहा कि महामारी के कारण अगले कुछ सप्ताह और कुछ साल तक न्यायपालिका का काम कठिन हो जाएगा। सैकड़ों सुनवाई स्थगित हो गई है। पुलिस सामाजिक संकट को दूर करने के काम में लगी हुई है। ऐसी स्थिति में माफिया गिरोहों का विकास होता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इटली की खूफिया एजेंसी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि वायरस का केंद्र उत्तर से दक्षिणी इटली की तरफ बढ़ा, तो संगठित अपराधी गिरोहों द्वारा दक्षिण इटली में दंगा कराया जा सकता है। कुछ अपराध विशेषज्ञों के मुताबिक महामारी शुरू होने पर इटली की जेलों में कुछ उपद्रव कराए गए थे, क्योंकि खचाखच भरी जेलों में कैदियों को संक्रमित होने का डर पैदा हो गया था। कैलाब्रिया के एक प्रमुख प्रोसिक्यूटर निकोला ग्रैटेरी ने कहा कि दुर्भाग्य से हल्की सजा वाले कुछ कैदियों को छोड़ना पड़ा था। मानवाधिकार समूह एंटीगोन ने कहा कि जेलों में भीड़ कम करने के लिए 29 फरवरी के बाद से अब तक 2,500 से ज्यादा कैदियों को छोड़ दिया गया है। एंड्रंघेटा से जुड़े लोगों को भी जेलों से छोड़ दिया गया है और घरों में नजरबंद कर दिया गया है।

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