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कोविड संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी का असर:ई-ग्रोसरी कंपनियों के ऑर्डर में आया तेज उछाल, राशन और रोजमर्रा के सामान घर पहुंचाने में ले रही हैं ज्यादा वक्त

2 महीने पहले
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कोविड के केस में रोज आ रहे उछाल को देखते हुए बड़े शहरों में लोगों के घरों से बाहर निकलने पर कई तरह की पाबंदियां लग रही हैं। ऐसे में रोजमर्रा की जरूरत के सामान की खरीदारी के लिए ऑनलाइन ग्रोसरी स्टोर पर उनकी निर्भरता बढ़ी है। लेकिन, ई-ग्रोसरी स्टोर के ऑर्डर में उछाल आने से डिलीवरी का वेटिंग पीरियड भी बढ़ गया है। इसके साथ ही डिलीवरी वाले स्लॉट (डिलीवरी कितने से कितने बजे के बीच होगी, इसका टाइम) भी कम हो गए हैं।

पहले का एक दिन का वेटिंग पीरियड तीन से चार दिन तक चला गया है

पहले ई-कॉमर्स कंपनियां जो डिलीवरी एक दिन में कर देती थीं, उसमें अब तीन से चार दिन लगा रही हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों में अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के अलावा बिगबास्केट और ग्रोफर्स जैसी ई-ग्रोसरी फर्म को मिलने वाले ऑर्डर में तेज उछाल आया है। लेकिन लोग पिछली बार तरह घबराहट में चावल, आटा, दाल, हैंड सैनिटाइजर वगैरह की खरीदारी नहीं कर रहे।

दिल्ली में इस साल पहली बार पिछले वीकेंड लगा कर्फ्यू

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में राज्य सरकारें लोगों से घरों में रहने के लिए कह रही है। महाराष्ट्र में सरकार लोगों को जरूरी काम या सामान के लिए ही बाहर निकलने दे रही है। वहां मॉल के अलावा ऐसे रेस्तरां को बंद करा दिया गया है जहां बैठकर खाने की सुविधा है। दिल्ली में पिछले वीकेंड पहली बार कर्फ्यू लगा था।

पिछले मार्च वाली स्थिति नहीं, चुनिंदा इलाकों में ही आवाजाही पर पाबंदी

ई-कॉमर्स कंपनियों के लिहाज से देखें तो पिछला साल खुद को दोहरा रहा है, हालांकि तब पूरे देश में लॉकडाउन हो गया था। तब ऑनलाइन ऑर्डर में 80 से 100% तक का उछाल आया था, लेकिन इस बार पिछले मार्च वाली स्थिति नहीं बनी है। लोगों की आवाजाही पर पाबंदी चुनिंदा इलाकों में ही लग रही है और ऐसी स्थिति ज्यादातर बड़े शहरों में नहीं बनी है।

पिछली बार से बेहतर है इस साल ऑनलाइन कंपनियों की तैयारी

इस साल ऑनलाइन कंपनियों की तैयारी पिछली बार से बेहतर है, लेकिन वे कस्टमर्स को डिलीवरी में थोड़ी देरी होने को लेकर आगाह कर रहे हैं। यह स्थिति बेंगलुरू जैसे महानगर में भी है जहां सरकार की तरफ से लोगों की आवाजाही पर ज्यादा सख्ती नहीं लगाई गई है।

डिलीवरी में होने वाली दिक्कतों पर सीनियर एग्जिक्यूटिव की नजर

दिल्ली में हालात थोड़े ठीक हैं, लेकिन मुंबई में ई-ग्रोसरी कंपनियों के ऑर्डर में पिछले साल के मुकाबले तेज उछाल आया है। ई-कॉमर्स कंपनियों के सीनियर एग्जिक्यूटिव आपस में मिलकर इस कोशिश में जुटे हैं कि उनकी डिलीवरी में दिक्कत न आए। अमेजन इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि कस्टमर्स को डिलवरी में तेजी लाने के लिए उनकी कंपनी पूरी चेन पर नजर रख रही है।

मांग में आए उछाल को देखते हुए डिलीवरी स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है

ग्रोफर्स का कहना है कि उसको डिलीवरी में कोई दिक्कत नहीं हो रही है क्योंकि वह जरूरी सामान लोगों तक पहुंचाती है। इस काम में कोई दिक्कत न आए, इसको लेकर वह लोकल अथॉरिटी से संपर्क में बनी हुई है। मांग में आए उछाल को देखते हुए कंपनी गोदाम में काम करने वाले और सामान की डिलीवरी करने वाले स्टाफ की संख्या बढ़ा रही है। जरूरी सामान जल्द भिजवाने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल खरीदारी की अफरातफरी नहीं, लेकिन आने वाले कुछ हफ्ते अहम होंगे

मार्केट रिसर्च फर्म फॉरेस्टर के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सतीश मीणा के मुताबिक, 'कंपनियों की तैयारी पिछली बार से बेहतर है लेकिन मुंबई जैसी जगहों पर सिर्फ जरूरी सामान की आवाजाही की इजाजत होने से मुश्किल होगी। मौजूदा हालात में तो लोगों के लिए छोटा सामान भी बेहद जरूरी हो सकता है। फिलहाल खरीदारी की अफरातफरी नहीं दिख रही है, लेकिन आने वाले कुछ हफ्ते अहम होंगे।'

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