एसबीआई इकोरैप:वित्त वर्ष 2021 में 10.9% तक गिर सकती है देश की रियल जीडीपी ग्रोथ, यह पिछले अनुमान से 4.1% ज्यादा

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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रिपोर्ट में कहा गया है कोरोना संक्रमण के कारण 25 मार्च से लगाए गए लॉकडाउन के चलते पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है। - Dainik Bhaskar
रिपोर्ट में कहा गया है कोरोना संक्रमण के कारण 25 मार्च से लगाए गए लॉकडाउन के चलते पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है।
  • चालू वित्त वर्ष की चारों तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ नकारात्मक रहने का अनुमान
  • कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, होटल्स और एविएशन सेक्टर को रिवाइव करने की आवश्यकता बताई

वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) में जीडीपी ग्रोथ रेट में 23.9 फीसदी की गिरावट के बाद रियल जीडीपी के मोर्च पर भी देश को झटका लग सकता है। स्टेट बैंक इंडिया (एसबीआई) की ताजा रिसर्च रिपोर्ट इकोरैप में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2021 में रियल जीडीपी ग्रोथ में 10.9 फीसदी की गिरावट आ सकती है। यह एसबीआई के पिछले अनुमान से 4.1 फीसदी ज्यादा है। इससे पहले एसबीआई ने रियल जीडीपी ग्रोथ में -6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

जनवरी-मार्च तिमाही में रही थी 3.1 फीसदी जीडीपी ग्रोथ

वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2020 तिमाही) जीडीपी ग्रोथ 3.1 फीसदी रही थी। वहीं, एक साल पहले समान अवधि में जीडीपी ग्रोथ 5.2 फीसदी रही थी। रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि हमारे प्रारंभिक अनुमान से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2021 की चारों तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ नकारात्मक रहेगी। इस कारण पूरे साल की रियल जीडीपी ग्रोथ में गिरावट दो अंकों (10.9) में हो सकती है।

दूसरी तिमाही में -15% तक हो सकती है रियल जीडीपी ग्रोथ

रिसर्च रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ -12 से -15 फीसदी तक हो सकती है। जबकि तीसरी तिमाही में यह -5 फीसदी से लेकर -10 फीसदी तक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ -2 से -5 फीसदी तक हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कोरोना संक्रमण के कारण 25 मार्च से लगाए गए लॉकडाउन के चलते पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है।

दो सकारात्मक चीजें दिखीं

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में दो सकारात्मक चीजें दिखी हैं। पहली, जुलाई महीने का आरबीआई का क्रेडिट डाटा है। इससे यह संकेत मिलता है कि सभी प्रमुख सेक्टर्स में जुलाई में क्रेडिट में बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (एमएसई), एग्रीकल्चर और इससे जुड़े क्षेत्र और पर्सनल लोन क्रेडिट में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। दूसरी, पहली तिमाही में विभिन्न सेक्टर्स के लिए घोषित किए गए नए प्रोजेक्ट्स हैं। इसमें रोडवेज, बेसिक केमिकल, इलेक्ट्रिसिटी, कम्युनिटी सर्विसेज जैसे अस्पताल, वाटर सीवेज पाइपलाइन से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

इन सेक्टर्स को रिवाइव करने की जरूरत

रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, होटल्स और एविएशन सेक्टर को रिवाइव करने की आवश्यकता है। इसके अलावा परिवहन सेवाओं को दोबारा से बहाल किया जाए। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी वित्तीय उपायों के अलावा आरबीआई को बॉन्ड जारी करके इंफ्रास्ट्रक्चर को पुश करना चाहिए।

क्या होती है रियल जीडीपी?

एक वर्ष में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यों की गणना आधार वर्ष के मूल्य या स्थिर प्राइस पर की जाती है। इससे जो वैल्यू प्राप्त होती है उसे रियल जीडीपी कहा जाता है।

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