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पर्सनल लोन की ग्रोथ तेज:पिछले पखवाड़े में बैंक की क्रेडिट ग्रोथ 5.66% रही, डिपॉजिट में रही 10.55% की ग्रोथ

मुंबईएक वर्ष पहले
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  • त्यौहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल जैसे सामानों की अच्छी खासी बिक्री होती है। यही कारण है कि पर्सनल लोन की मांग इस दौरान बढ़ जाती है
  • एग्रीकल्चर और इससे संबंधित गतिविधियों में लोन ग्रोथ 4.9 पर्सेंट बढ़ी है। सेवा सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ घटकर 8.6 पर्सेंट रही है

9 अक्टूबर को समाप्त पखवाड़े में बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ में 5.66 पर्सेंट की बढ़त हुई है। यह बढ़कर 103.44 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। जबकि इसी अवधि में बैंकों की जमा राशि (डिपॉजिट) 10.55 पर्सेंट बढ़कर 143.02 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दी है। RBI हर पखवाड़े में यह आंकड़ा जारी करता है।

40 लाख करोड़ का आया अंतर

आंकड़े बताते हैं कि इस साल अक्टूबर में बैंकों की उधारी और जमा में 40 लाख करोड़ रुपए का अंतर आ गया है। उधारी 103.44 लाख करोड़ और जमा 143 लाख करोड़ रुपए रही है। जबकि एक साल पहले 11 अक्टूबर 2019 को यह अंतर 32 लाख करोड़ रुपए का था। उस समय कुल उधारी 97.38 लाख करोड़ रुपए रही थी। इसी अवधि में बैंकिंग सेक्टर की कुल डिपॉजिट 129.38 लाख करोड़ रुपए थी।

10 लाख करोड़ का ज्यादा हुआ अंतर

इस साल उधारी और जमा में 10 लाख करोड़ का ज्यादा अंतर रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन में उधारी की मांग काफी कम रही है। जबकि मार्च से लेकर सितंबर तक बैंकों के पास 6 लाख करोड़ रुपए की डिपॉजिट आई है। उधारी में एक लाख करोड़ रुपए की कमी आई है। वैसे रुझान बताते हैं कि पिछले कुछ पखवाड़ों से क्रेडिट ग्रोथ 5.5 पर्सेट के आस-पास रही जबकि डिपॉजिट की ग्रोथ 10 पर्सेंट से ऊपर रही है।

25 सितंबर को भी क्रेडिट ग्रोथ 5.15 पर्सेंट और डिपॉजिट दोगुना बढ़ी

इससे पहले 25 सितंबर 2020 के पखवाड़े में बैंकों की कुल क्रेडिट ग्रोथ 5.15 पर्सेंट बढ़ी थी। यह 102.72 लाख करोड़ रुपए हो गई थी। जबकि इसी अवधि में डिपॉजिट 10.51 पर्सेंट बढ़कर 142.64 लाख करोड़ रुपए हो गई थी। लॉकडाउन के बाद से लगातार डिपॉजिट में क्रेडिट की तुलना में दोगुना की बढ़त देखी जा रही है। दरअसल हाल के समय में उधारी की मांग काफी नीचे पहुंच गई थी।

अगस्त से बढ़ रही है उधारी की मांग

अगस्त के बाद से बैंकों की उधारी की मांग थोड़ी बढ़ी है। बैंकों को उम्मीद है कि अगले कुछ पखवाड़े में उधारी की मांग में अच्छी बढ़त होगी क्योंकि त्यौहारी सीजन में ग्राहकों की खरीदी बढ़ जाती है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर गैर खाद्य (नॉन फूड) सेगमेंट की बैंक उधारी की ग्रोथ गिरकर 6 पर्सेंट अगस्त में रही है। जबकि एक साल पहले यह 9.8 पर्सेंट थी।

एग्रीकल्चर की क्रेडिट ग्रोथ 4.9 पर्सेंट बढ़ी

एग्रीकल्चर और इससे संबंधित गतिविधियों में लोन ग्रोथ 4.9 पर्सेंट बढ़ी है। पिछले साल अगस्त में यह 6.8 पर्सेंट बढ़ी थी। सेवा सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ घटकर 8.6 पर्सेंट रही है जो एक साल पहले इसी अवधि में 13.3 पर्सेंट रही है। इंडस्ट्री में क्रेडिट ग्रोथ की बात करें तो यह घटकर आधा पर्सेंट पर रह गई है। एक साल पहले अगस्त में यह 3.9 पर्सेंट थी।

पर्सनल लोन लगातार बढ़ रहा है

हालांकि पर्सनल लोन ने इस दौरान अच्छी ग्रोथ हासिल की है। पर्सनल लोन में क्रेडिट ग्रोथ अगस्त महीने में 10.6 पर्सेंट की रही है। एक साल पहले इसी महीने में यह 15.6 प्रतिशत थी। दरअसल त्यौहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल जैसे सामानों की अच्छी खासी बिक्री होती है। यही कारण है कि पर्सनल लोन की मांग इस दौरान बढ़ जाती है। पिछले कुछ पखवाड़ों से पर्सनल लोन में लगातार तेजी रही है।

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